यह एक क्लियर पैटर्न बनता जा रहा है।
चाहे फर्स्ट ग्रेड हो या फिर सेकंड ग्रेड टीचर की भर्ती हो या फिर SI भर्ती का पेपर हो, हर एग्जाम को जानबूझ कर इतना मुश्किल बनाया जा रहा है ताकि बच्चे एग्जाम क्लियर ही ना कर पाये।
फिर वही होगा जो टीचर भर्ती में हुआ। विद्या संबल योजना लाकर गेस्ट टीचर लगाए गए।
सरकार धीरे धीरे सरकारी नौकरियां खत्म करने की ओर अग्रसर है। लेकिन हम यह होने नहीं देंगे।
@mukallrounder
विनोद जाखड़ को NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने के लिए कुछ NSUI के ही जातिवादी युवा नेताओं द्वारा कथित तौर पर सुनिय���जित PR अभियान चलाए जा रहे है। सवाल यह है कि क्या किसी वंचित समाज से आए युवा को हटाकर पद हासिल करने की यह राजनीति है? क्या विनोद जाखड़ का गुनाह सिर्फ इतना है कि उन्होंने एक आदिवासी, गरीब परिवार से आने वाले छात्र विजय शंकर मीणा को DUSU में टिकट देकर नेतृत्व का अवसर दिया? एक गरीब दलित परिवार से निकलकर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचे विनोद जाखड़ ने दलित, आदिवासी और गरीब छात्रों के लिए विश्वविद्यालयों में नेतृत्व के दरवाजे खोलने का प्रयास किया है। अगर उनके फैसलों से असहमति है तो विचारों और तर्कों से जवाब दीजिए—PR, पैसे और व्यक्तिगत निशानेबाजी से नहीं। और अगर कोई SC-ST युवाओं की राजनीतिक भागीदारी से ही असहज है, तो उसे खुलकर अपनी सोच बतानी चाहिए। वंचित समाज के युवाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश गुनाह नहीं है। गुनाह यह होगा कि उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए छात्र राजनीति को PR और व्यक्तिगत स्वार्थ का हथियार बना दिया जाए।
@VinodJakharIN
@AdvRajendraPal
@RahulGandhi
आज शिक्षक दिवस है, इसलिए याद आया राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 76,791 शिक्षक पद खाली पड़े हैं। हजारों बच्चों का भविष्य शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रहा है, लेकिन भजनलाल सरकार स्थायी भर्ती करने के बजाय गेस्ट फैकल्टी से खानापूर्ति करने में लगी है। जिस सरकार के पास प्रचार और विज्ञापनों के लिए पैसा है, उसके पास बच्चों को पढ़ाने के लिए स्थायी शिक्षक क्यों नहीं हैं? शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मान की बातें करना आसान है, लेकिन खाली पद भरना असली सम्मान है। भजनलाल सरकार और BJP को समझना चाहिए शिक्षा कोई इवेंट नहीं, बच्चों का भविष्य है। 76 हजार से ज्यादा पद खाली रखना प्रशासनिक नाकामी ही नहीं, राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। खाली पद भरो, स्थायी भर्ती करो और राज���्थान के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो।
@BhajanlalBjp
@narendramodi
@BJP4Rajasthan
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, एक अभिभावक अपने बच्चे का प्रवेश राजकीय विद्यालय में इस सोच से करवाता है कि वहां अच्छे शिक्षकों से मेरा बेटी बेटा पढ़ेगा।
आग्रह है विद्या संबल जैसी योजनाओं की बजाय स्थायी भर्ती कर शिक्षक लगाएं ताकि स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को प्राप्त किया जा सके।
विद्या संबल जैसी योजनाओं से स्कूलों में सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
@madandilawar@RajCMO@RajGovOfficial@rajeduofficial@ashokgehlot51@TikaRamJullyINC@GovindDotasra
@CJP_for_India बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@manojmeena बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@HANUMANKISAN बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@HansrajMeena@narendramodi@JPNadda@BJP4India@RahulGandhi@kharge बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करा���ी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@8PMnoCM@BhajanlalBjp@svoruganti1466 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@Omrlp07 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@SARITA_BISHNOI2 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जि��से विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@Pradhan_G7 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@RAVIBAINDARA45 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे व��रोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@educationnagari बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, व���ां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@JATbera1 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@dpklovee1 बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।
@1K_Nazar बढ़ते विरोध को देखकर विद्या संबल धीरे-धीरे लागू करने की योजना है। जिससे विरोध न हो। और स्थायी भर्तियां न करानी पड़े।
जिन राज्यों में गेस्ट फेकल्टी व्यवस्था लागू है, वहां देखो कितनी भर्तियां आती है(?)
ये मेहनती व योग्य बेरोजगारों के साथ धोका है।