JPSC मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी को रांची पुलिस अप्रैल महीने में भी एक मामले में गिरफ्तार की थी लेकिन सात दिन में ही वह जेल से बाहर निकल गया था। फिलहाल वह बेल पर ही था।
झारखंड के होनहार युवाओं के भविष्य को भ्रष्टाचार की दीमक चाट रही है!!
#JPSC के तीन सदस्य: डॉ. अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद इंटरव्यू लेते हैं और यही नंबर मेरिट तय करते हैं!!
लेकिन सच्चाई देखिए—सदस्य जमाल अहमद खुद आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से घिरे हैं और उनकी 2008 की व्याख्याता नियुक्ति का मामला खुद CBI जांच के दायरे में है!!
जो दागदार हैं, वही युवाओं की तकदीर लिख रहे हैं!!
वर्तमान सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को अपनों और दागियों को उपकृत करने का अड्डा बना दिया है!! जो सामने आया है वो तो सिर्फ ट्रेलर है, असली कहानी बहुत गहरी है!! झारखंड के युवाओं के सपनों की इस संगठित लूट को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!!
इस पूरे तंत्र की निष्पक्ष CBIजांच होनी ही चाहिए!!
@JharkhandCMO@AmitShah
JPSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले में CID ने एक SIT का गठन किया है। आज TDPL एजेंसी के 3 और लोग प्रदीप सिंह, संजय कुमार और हेमंत वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। CID ने आज रांची के दो होटल में भी छापा मारा है। साथ ही पहले से गिरफ्तार 5 लोगों को पूछताछ के लिए 5 दिनों पर रिमांड पर भी लिया है।
आज उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल हुआ तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि -
- उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का काम करें। साथ ही विभाग अंतर्गत ASI एवं अन्य सभी रिक्त नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करने का का करें।
- झारखंड राज्य बीवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का दायरा बढ़ाने का काम करें।
- नई तकनीकों का उपयोग कर राजस्व बढ़ाने का प्लान सबमिट करें।
- जरूरी सभी नीतियों को बनाने का काम करें।
- अवैध रूप से चल रहे स्थानों पर अंकुश लगाने करें।
उपरोक्त के साथ साथ कई अन्य दिशा निर्देश भी विभाग को दिए
बड़ी खबर : केंद्रीय कैबिनेट ने नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक संसोधन विधेयक को मंजूरी दी है। कैबिनेट की मीटिंग में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट-2024 को और सख्त बनाने का फैसला किया है। अगले सप्ताह मानसून सत्र के दौरान संशोधित विधयेक को संसद में पेश किया जा सकता है। इस बिल में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना जैसे प्रावधान होंगे। इसके अलावा बिल के जरिये स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट लीगल बैंकिंग मिलेगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट को यह अधिकार होगा कि वह 3 महीने में जांच करके फैसला दे।
JPSC के तीन सदस्य है:
▪️डॉ अनिमा हांसदा
▪️अजीता भट्टाचार्य
▪️जमाल अहमद
अजीता भट्टाचार्य, JMM महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं।
जमाल अहमद पर आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित की हैं। जमाल अहमद की 2008 की व्याख्याता नियुक्ति से जुड़ा मामला CBI जांच के दायरे में है।
तीनों सदस्य इंटरव्यू लेते हैं, जिसका नंबर मेरिट में जुड़ता है। आप आप सोच सकते हैं कि JPSC में क्या चल रहा है।
जो सामने आ गया वो कुछ नहीं है, बहुत कहानी कभी बाहर नहीं आने वाला।
आज मुझे बताया गया की जेपीएससी में जाँच ये शराब घोटाले के तरह ही छलावा है। असली मास्टरमाइंड तो मुख्यमंत्री आवास में बैठा है।
सीआईडी किस तरह से कारवाई करती है, यह भी सर्वविदित है। जांच की बजाय सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रही है, ताकि मुख्यमंत्री तक जांच की आंच न पहुंचे। JPSC परीक्ष नियंत्रक और अन्य लोगों को हिरासत में लिया जाना ध्यान भटकाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, भ्रष्टाचार को आपने शिष्टाचार बना दिया है, आपका फार्मूला जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी वो उतना बड़ा अधिकारी। यदि आपमें हिम्मत है तो तत्काल JPSC अध्यक्ष श्री खयानते को हिरासत में ले लेकिन वो आप कर नहीं सकते, आपने तो इनको मुख्य सचिव के पद पर एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था लेकिन भला हो केंद्र सरकार का जिसने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय बंद कीजिए। दिखावटी जांच से सच सामने नहीं आएगा। JPSC से जुड़े पूरे प्रकरण और श्री खयानते के पूरे कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच CBI को सौंपी जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके, और युवाओं को न्याय मिल सके।
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand
स्लीपर सेल छोड़ो, बताओ JPSC में सीट किसने बेचा? और अगर नहीं बेचा तो CID क्या दिखाने के लिए जांच कर रही? चेयरमैन क्यों भाग गए?
झारखंड के युवा आंदोलन कर रहे हैं। https://t.co/I40IoIHoMp
सूत्रों से सूचना है कि JSSC के कुछ Staffs के रिश्तेदार,भाई और पत्नी का भी चयन JSSC CGL में हुआ है।।ये भी एक गंभीर जांच का विषय है।। सलेक्शन होना कोई बड़ी बात नहीं पर सूत्र बताते है कि इन लोगो ने कुछ जानकारियों को छिपाया है और इनका चयन संदिग्ध है।।मुझे पता है इन बातों पर यकीन करना मुश्किल होगा बिल्कुल उसी तरह जैसे आज से 5 महीने पहले अभय तिवारी प्रकरण पर कोई विश्वास नहीं करता था और आज तिवारी का सच सामने है।।माननीय मुख्यमंत्री से इसकी जांच होनी चाहिए ये मांग करता हु।।।
@aajtak@akhileshsi1@HemantSorenJMM@yourBabulal@RahulGandhi
#Sacksudhir
#jssccgl
गोड्डा के पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। #JPSC#JSSC
वह सरकारी नौकरी में आने से पहले TDPL कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और उसने JSSC- JPSC की कई परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी।
इस छापेमारी के दौरान करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद होने की सूचना है। उधर राज्यपाल ने जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।