.@yadavakhilesh जी, जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए!
बकरीद पर आपके वोटर असद ने मासूम सूर्या चौहान की कुर्बानी दे दी और सोशल मीडिया में फक्र से वीडियो डालता रहा... जब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ठोंका तो आपके प्रवक्ता छाती कूट रुदाली गान करने लगे... कह रहे हैं कि उन्हें ऐसी कानून व्यवस्था नहीं चाहिए...
तो कैसी व्यवस्था चाहिए आपको...? क्या पीडीए यानी 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) वाली व्यवस्था चाहिए?
अरे अखिलेश यादव जी, बेचारा सूर्या चौहान तो 17 साल का लड़का था, मूंछ के बाल भी ढंग से नहीं फूटे थे उसके। अगर यूपी पुलिस की कार्रवाई से उसके परिवार को न्याय मिला तो आप और आपके प्रवक्ताओं के घर में मातम क्यों पसर गया? कल आपके प्रवक्ताओं के घर में चूल्हा क्यों नहीं जला? थोड़ा तो शर्म कीजिए।
आप तो मुंह में दही जमाकर बैठे हैं। सूर्या चौहान की निर्मम हत्या की निंदा तो छोड़िए, अब तक आपके मुंह से उस परिवार के प्रति संवेदना के दो शब्द भी नहीं फूटे हैं।
वोट बैंक के लिए आप लोग कितने घटिया स्तर पर उतर सकते हैं, ये यूपी ही नहीं पूरा देश देख रहा है।
बहुजन साथियों देख लेना! जब अगली बार ट्विटर, एसी और पीसी वाले नेता जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, तब असद के एनकाउंटर पर छाती पीटते और मातम मनाते दिखेंगे। नए यूपी की मजबूत कानून व्यवस्था की जगह अपने पीडीए यानी 'पीट देगा अहीर' व्यवस्था की तारीफ करेंगे, लेकिन इनके वोटरों द्वारा पिछले कुछ दिनों से अमेठी, चंदौली, लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में बहुजनों पर किए जा रहे अत्याचार पर इनका मुंह नहीं खुलेगा। सूर्या को तो छोड़ ही दीजिए।
सपाइयों शर्म करो...चुल्लू भर पानी में डूब मरो
Indian Museum, Kolkata reverently pays homage to Maharana Pratap on his Birth Anniversary.
Preserved within our collection are two artefacts that carry the weight of history:
मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले अदम्य शौर्य, साहस और पराक्रम के प्रतीक योद्धा वीरशिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर शत-शत नमन🙏
@MIB_India@airnewsalerts
ले हाथ खड्ग, कंधे भाला,
सीने में धधकती ले ज्वाला।
चेतक संग चल कूच पड़ा,
बन सूरवीर वो टूट पड़ा।
मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें उत्तर रेलवे की ओर से सहृदय नमन।राजस्थान के उदयपुर में स्थित राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन उन्हें समर्पित है।
#MaharanaPratap
अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि #महाराणा_प्रताप_जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए एक महान प्रेरणा है।
@Uppolice
जहाँ साहस है, वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की विरासत है।
#CISF pays heartfelt tribute to Maharana Pratap ji on his Jayanti, honouring his indomitable spirit, courage and supreme sacrifice.
A symbol of unwavering valour and devotion to the motherland, his legacy continues to inspire generations to stand firm in the service of the nation.
#MaharanaPratapJayanti #NationFirst #Veerta #LegacyOfValour #Mewar #Tribute #valour #pride
@HMOIndia@PIB_India@MinOfCultureGoI
मेवाड़ के मुकुटमणि, भारतीय स्वाभिमान के अमर हस्ताक्षर, अटल राष्ट्रनिष्ठा के अप्रतिम प्रतीक महाराणा प्रताप जी की आज जयंती है। वन-वन भटकते हुए भी मातृभूमि की रक्षा के लिए शिव-संकल्पित, त्याग, तप, साहस और स्वाभिमान के प्रणम्य प्रतीक महाराणा प्रताप की आभा युगों-युगों तक राष्ट्रचेतना को आलोकित करती रहेगी।
आर्यकुल-कमल दिवाकर, यवदर्य राष्ट्रगौरव, वीरशिरोमणि, अधिपति अग्रगण्य, नरव्याघ्र, मेवाड़केसरी, क्रांतिसूर्य एकलिंगजी दीवान, स्वाभिमान पर्याय-पुरूष, विश्वविभूति, स्वर्गशोभा महाराणा प्रताप को प्राकट्य-दिवस पर सादर प्रणाम 🙏
गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीमंत आदित्यनाथ योगी जी को साष्टांग दंडवत कर प्राप्त आशीर्वाद का फल है |
शुभेंदु अधिकारी बंगाल के मुख्यमंत्री बने...
गोरक्ष पीठाधीश्वर का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जा सकता 🚩
जय हो योगी महाराज की 🚩
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान और अदम्य साहस के अमर प्रतीक। हल्दीघाटी से दिवेर तक उन्होंने मुगल साम्राज्य के सामने कभी घुटने नहीं टेके और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए जीवनभर संघर्ष किया। चेतक की निष्ठा, प्रताप का पराक्रम और त्याग आज भी हर भारतवासी को राष्ट्रगौरव का संदेश देता है। दूरदर्शन परिवार की ओर से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक को शत्-शत् नमन।
#MaharanaPratap #VeerShiromani
#DeshKaPehlaChannelDeshKaApnaChannel
मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, अदम्य शौर्य और अटूट स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनका अप्रतिम साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
माँ भारती के अमर सपूत, स्वाधीनता के कालजयी स्वर, त्याग व बलिदान की उज्ज्वल कीर्ति पताका, 'हिंदुआ सूर्य' वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पावन जयंती पर नमन।
मातृभूमि के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका अदम्य साहस एवं सर्वस्व समर्पण, युगों-युगों तक भारतीय जनमानस को अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने और राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक, देश के महान योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके अदम्य साहस और अटूट स्वाभिमान की गाथाएं युगों-युगों तक देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति का दीप प्रज्वलित करती रहेंगी।
स्वतंत्रता, स्वाभिमान के वैश्विक प्रतिमान, मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महान योद्धा, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी की जयंती पर कोटिश: नमन...!
#महाराणा_प्रताप_जयंती
नाथ संप्रदाय में ‘आदेश’ का मतलब और महत्व:
नाथ योगी एक-दूसरे से मिलते वक्त ‘नमस्ते’ या ‘राम-राम’ नहीं, बल्कि *“आदेश”* बोलते हैं।
इसका अर्थ है:
आ = आत्मा, दे = देव/परमात्मा, श = शरीर
यानी: _“आत्मा, देव और शरीर एक हैं”_ या _“मैं तुम्हारे भीतर स्थित शिव को प्रणाम करता हूं।”
गोरखनाथ जी ने कहा है:
“आदेश आदेशे सब कोई, आदेश कहे सो योगी होई।”
मतलब जो ‘आदेश’ का मर्म समझ ले, वही सच्चा योगी है!
अभिवादन नहीं, उद्घोष है: ये साधारण हैलो-हाय नहीं। ये गुरु-परंपरा को नमन है। आदिनाथ शिव, मत्स्येंद्रनाथ और गोरखनाथ को याद करना है।
जब नाथ योगी ‘आदेश’ बोलता है तो वो सामने वाले के अहंकार को नहीं, उसके भीतर के शिव-तत्व को प्रणाम करता है।
‘आदेश’ सुनते ही पता चल जाता है कि सामने वाला नाथ पंथी है। ये उनकी पहचान है।
योगी आदित्यनाथ जी को ‘आदेश’ करते कई बार देखा गया है!
योगी आदित्यनाथ जी सिर्फ UP के CM नहीं हैं। वो गोरखनाथ मठ के महंत और 'नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े "पीठाधीश्वर" हैं।
गोरक्षपीठ की परंपरा:गोरखनाथ मंदिर में सुबह गोरक्षनाथ जी की आरती के बाद, या किसी भी नाथ योगी से मिलते वक्त वो हाथ जोड़कर “आदेश” बोलते हैं। ये 1000 साल पुरानी परंपरा है।
जब भी कोई नाथ योगी, नागा साधु या संत उनसे मिलने आता है, तो योगी जी पहले ‘आदेश’ करते हैं।
कई बार रैली में संत समाज के सामने वो मंच से ‘आदेश’ का उद्घोष करते हैं। ये जनता को बताता है कि उनकी जड़ें कहां हैं।
इसीलिए जब योगी जी ‘आदेश’ करते हैं तो वो CM की कुर्सी नहीं, गोरक्षपीठ की गद्दी का धर्म निभा रहे होते हैं।
आदेश...🙏🔥