नजर झुका के बात कर PAGLI
जिनते तेरे पास कपडे नहीं हुन्न्गे
उतने तो में रोज़ लफड़े करता हूँ @ महाकाल के दीवानों का कोई ठिकाना नहीं https://t.co/Kguu5aeMIg
भर जै स # दिल_अक्सर
जद और # प्यार_खातर # जगह नी होंदी
र # लोग_नूए नाम लेवै स # मजबूरी_का
असल म # धोखा_देण की कोए वजह नी होंदी... @ थारा भाई नीम का थाना आला https://t.co/4IoxWFJs1a