हैदराबाद की महिला ने खुद का केस रिप्रेजेंट करना चाहा, उसने कहा मिलार्ड 15 साल हो गए है, सब कुछ बर्बाद हो गया है, मेरी भी सुन लीजिए
CJI सूर्यकांत शर्मा - आपको अगले mnglवार की तारीख दी जाती है, आपको आने की आवश्यकता नहीं है, ऑनलाइन अपीरियंस भी चलेगी,
महिला ने अपना मंगलसूत्र भी उतार कर कहा सर सुन लीजिए प्लीज़, मेरा परिवार बर्बाद हो चुका है, बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रही हूं, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं,
लेकिन मिलार्ड नहीं पिघले, इसी रवैया के चलते लोग सम्मान करते हैं, गाली गलौच पर उतर जाते हैं 🔥🔥
क्या आपको मणिपुर की घटना याद
है?
बिहार वालों आपके दस हज़ार ₹ के लालच ने देखिए बिहार को कहां पहुंचा दिया है?
मामला राजपुर बिहार का है जहां खेत में काम करने गई एक लड़की को 25-30 लड़कों ने अगवा कर लिया!
फिर भी मजाल है कि गोदी मिडिया ये खबर दिखाएं या फिर इस महाजंगलराज पर दो शब्द कहे😡😡
Senior and so-called Powerful lawyers charging R1 crore fees in supreme court : "My Lord."
One ordinary citizen in front of CJI: "Mr.Judicial Servant."
The guts that guy has.
एक नहि २० गालिया बनती है ।
@indSupremeCourt
देश का हिरो है यह युवा वकिल।
जनता के टैक्स से सैलरी लेते हो।
समर कि छुट्टियां , शनिवार रविवार फेस्टिवल पर छुट्टि।
सुबह १० बजे से सुनवाई दोपहर १ बजे हराम का खाना , फिर आराम से २:४५ तक खुर्चीपर बैठना ३ बजे से ५ तक काम मुश्किल से ५घंटे।
मिलार्ड, माई लॉर्ड, योर हॉनर जैसे शब्दों पर रोक लगनी चाहिए, सही शब्द है "My Judicial Servant" 🔥🔥
न्यायपालिका जनता के सेवा के लिए है, इस शख़्स ने जो शब्द CJI सूर्यकांत शर्मा के प्रति उपयोग किए हैं वह निंदनीय है,
लेकिन "My Judicial Servant में आपको ऑर्डर देता हूं कि ACP पर FIR दर्ज़ करे" यह शब्द बोलकर इस शख़्स ने पूरे देश का दिल जीत लिया है,
My Lord ❌
My Judicial Servant ✅
CJI सूर्यकांत शर्मा को मां की गाली देने वाले शख्स पर 1 रूपये जुर्माना लगाकर छोड़ देना चाहिए 🔥
पंडित प्रशांत भूषण पर कंटेंप्ट ऑफ़ कोर्ट लगा था तो उनको 1 रूपये जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया था,
कॉलेजियम सिस्टम से प्रताड़ित इस शख़्स पर सिर्फ एक रूपये जुर्माना लगाकर छोड़ देना चाहिए।
21 तोपों की सलामी और नमन रहेगा भाई तुमको, 150 करोड़ जनता की आवाज़ को आपने न्यायपालिका में उठाया है 🔥
इस भाई का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाना चाहिए, मिलार्ड, योर हॉनर की जगह अब जजो को "My Judicial Servant" बोला जाना चाहिए इस शख़्स ने देश को बताया है,
हालांकि CJI को गाली नहीं देना चाहिए थी ।
माई जुडिशियल सर्वेंट-
जब न्यायाधीश जनता का भरोसा और सम्मान खो देते हैं तो इसी तरह के दृश्य देखने को मिलते हैं।
ये एक चेतावनी है। ये आगे भी दोहराया जा सकता है। अभी भी वक़्त है, न्यायपालिका को बचा लीजिए।
जिस समय इस लड़के ने मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट बोला , उसी समय जजो को ध्यान देना चाहिए था, क्योंकि जज सर्वेंट नहीं होता । वो भी सुप्रीम कोर्ट का जज तो पब्लिक सर्वेंट कतई नहीं है।
लेकिन उन्होंने इग्नोर कर दिया और उसके बाद ये बत्तमीजी कर दिया ।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के प्रति एक वकील का कथित अभद्र व्यवहार, अपशब्दों का प्रयोग और अदालत की गरिमा को चुनौती देना केवल एक व्यक्ति का आचरण नहीं, बल्कि न्यायपालिका की मर्यादा पर आघात है।
असहमति का अधिकार है, लेकिन अदालत का अपमान किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में निष्पक्ष, त्वरित और कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी न्यायालय की गरिमा से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न करे। #SupremeCourt #Judiciary
COMMON MAN’S RAGE BURSTS THROUGH A DATE-PE-DATE SYSTEM 🚨
PETITIONER: Judicial servant sir, I order you to direct an FIR against the ACP of Vikas Nagar, Lucknow.
JUSTICE VISWANATHAN: Are you ordering me? Are you ordering us?
PETITIONER: I am sovereign.
OPINION 🙏: This anger does not appear from nowhere. It comes from years of delay, police inaction, ignored complaints and a system that keeps giving ordinary people dates, not justice.
Two police officers stopped a man riding a scooty with his children in Rohtak and abused him for no reason.
When he asked them not to abuse in front of his kids, one officer allegedly slapped him 😳
Kids started crying after seeing their father being slapped. They were terrified.
GIRL: Papa, I wanted to be a police officer, but now I don’t want to. I hate police 😣
इंकलाब जिंदाबाद ,
मादरचो जज लोग १०बजे काम शुरू करते हैं १बजे खाने जाते हैं ३बजे वापस आकर ४:४५पर क्लोज करते हैं मुश्किल से ५ घंटे काम करते हैं मादरचोद तभी तो न्याय के लिये२०-३०साल लग जाते हैं समर छुट्टिया,शनिवार रविवार छुट्टि, फेस्टिवल कि छुट्टियां हरामखोर टैक्सका पैसा खा रहे हैं
Prabal Pratap, you’re our hero.
We, the people of India, salute you, young man.
You risked your career and showed the judiciary its place by breaking the norm, replacing “Your Honour” with “Mr. Judicial Servant.” You reminded them that they are servants of the Indian judiciary and the people of India. You did what the people of the Republic of India wanted to do. You represent the ongoing condition and sentiments of the 1.4 billion people of this country.
Thank you for your service.
Thank you, Prabal Pratap. 🙏🏻🫡🇮🇳
न्यायालय जनता के टैक्स से अय्याशी करने वाले अड्डे बने हुवे है ।
इन्हें शनिवार रविवार छुट्टि चाहिये
इन मादरचोलो को समर कि छुट्टियां चाहिये
इन हरामखोरों को हर फेस्टिवल में छुट्टियां चाहिये
ये हरामखोर कोर्ट में १० बजे काम शुरू करते हैं फिर १२:३० बजे से २:३० बजे तक खाने कि छुट्टि
It looks like advocates have given up on the system.
This lawyer wanted justice for the victim. He wanted an FIR to be registered against ACP, but he knew nothing of the sort would happen.
Frustrated and fed up with the system, he threw his case files inside the Supreme Court.