@HansrajMeena बिल्कुल सही कहा। आजादी के दशकों बाद भी अगर एक माँ को प्रसव के लिए चारपाई पर नदी पार करनी पड़े, तो विकास के सारे दावे खोखले हैं। स्वास्थ्य और सुरक्षित सड़कें कोई खैरात नहीं, हमारा बुनियादी अधिकार हैं।
प्राचीन संस्कृति की दुहाई देकर रोज नया इवेंट करने के बजाय, बैतूल और प्रदेश के युवाओं को रोजगार तथा अस्पतालों को डॉक्टर दीजिए, तन-मन तभी स्वस्थ रहेगा जब पेट में रोटी और हाथ में काम होगा।
आज बैतूल जिले के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया।
योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्रदान करता है। स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
@RoflGandhi_ प्राण प्रतिष्ठा का ढिंढोरा पीटने वाले आज जांच और बैठकों के नाम पर चुप्पी साधे बैठे हैं। जब आयोजन सार्वजनिक था, तो हिसाब और रिपोर्ट भी सार्वजनिक होनी चाहिए।
➡️ रांची में आज से Ola, Uber और Rapido की हड़ताल।
रांची में ऐप-आधारित कैब और बाइक टैक्सी चालकों ने आज (28 जून) से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्री ध्यान दें, बुकिंग में भारी परेशानी हो सकती है। •पूरी खबर नीचे पढ़ें 👇
➡️रांची के लगभग 3,500 ड्राइवर्स आज ऐप में लॉगिन नहीं करेंगे। ड्राइवरों की मुख्य मांगें बढ़ते ईंधन के दामों के हिसाब से किराए (Fare) में बढ़ोतरी करना, बिना किसी ठोस वजह के कंपनी द्वारा आईडी ब्लॉक न करना और रेलवे स्टेशनों व एयरपोर्ट पर पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। इसके अलावा, कमर्शियल टैक्स देने वाले ड्राइवरों का विरोध निजी (व्हाइट बोर्ड) गाड़ियों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भी है। अगर आप आज शहर में कहीं निकलने वाले हैं, तो यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों (जैसे लोकल ऑटो या ई-रिक्शा) का चुनाव करें। #Ranchi
PM Narendra Modi पहुंचे Seychelles
50 वर्ष पूरे होने पर National Day Golden Jubilee में मुख्य अतिथि बने। Made-in-India Patrol Vessel सौंपा, समुद्री सुरक्षा पर जोर। द्विपक्षीय बातचीत में मजबूत साझेदारी का संदेश।
#GodMorningSunday#india
@RajatSharmaLive भोजन का समय ज़रूर महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है कि हर व्यक्ति की थाली तक भोजन पहुँचे।
जब करोड़ों लोग महंगाई, बेरोज़गारी और भूख से जूझ रहे हों, तब सिर्फ़ समय नहीं, व्यवस्था पर भी बात होनी चाहिए।
कराची एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा। पाकिस्तान के कराची स्थित सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर हुए बड़े आतंकी हमले ने पूरे शहर को दहला दिया। विस्फोटकों से भरे वाहन को मुख्य गेट से टकराने के बाद जोरदार धमाका हुआ और फिर कई मिनट तक लगातार गोलीबारी होती रही। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद घंटों चली मुठभेड़ में 3 सिंध रेंजर्स जवानों की मौत हो गई, जबकि 3 हमलावर भी मारे गए। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। यह हमला एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है कि जब सुरक्षा बलों का मुख्यालय ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी मजबूत होगी? पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और जांच एजेंसियां हमले की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और सुरक्षा में हुई चूक की जांच कर रही हैं।
#GodMorningSunday
JSSC Update: झारखंड उत्पाद सिपाही (JECCE) लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है।
सफल उम्मीदवारों का मेडिकल टेस्ट 1 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक सदर अस्पताल, रांची में होगा। अपना रिजल्ट https://t.co/F1cj1QCWqQ पर चेक करें।
#Jharkhand#JSSC#ExciseConstable
आज सोशल मीडिया पर जो स्टेडियम वाली लड़की वायरल हो रही है — गहरे बैंगनी हिजाब में, सोने के झुमके, और वो शर्मीली मुस्कान... कमेंटेटर कह रहा है “That is a very shy natural smile” — सब कुछ इतना रियल लग रहा था कि दिल पिघल गया। लेकिन सच ये है कि ये पूरी क्लिप AI जनरेटेड है।
ALFORAT HD LIVE का लोगो, ब्रॉडकास्ट स्टाइल, भीड़, लाइटिंग — सब कुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया। ये नया स्टेडियम ट्रेंड चल रहा है, जहाँ लोग अपनी फोटो डालकर खुद को मैच में वायरल दिखा रहे हैं। टेक्नोलॉजी सच में कमाल की हो गई है। रियल है या AI? अब तो पहचानना भी मुश्किल हो गया है ना..?
@priyankagandhi पेपर लीक और रद्द होती परीक्षाएँ युवाओं के साथ एक क्रूर मज़ाक बन चुकी हैं। देश के युवाओं, अब और नहीं! अपनी आवाज़ उठाओ और इस भ्रष्ट व्यवस्था से अपना हक़ मांगो।
@news24tvchannel मुहर्रम जुलूस में 'दर्द निवारक' के नाम पर जहरीला जिंक फॉस्फाइड बांटना इंसानियत के खिलाफ बड़ा अपराध है। मुंबई पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया, आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस्तीफे की आड़ में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है। केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। चंदा चोरों को फाँसी दो।
और चंपत राय के आकाओं पर कार्रवाई कब होगी? जिनके इशारे पर वो काम करते थे।
कल जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया, उनकी पुलिस रिमांड भी नहीं ली गई। उनसे कोई पुलिस पूछताछ नहीं हुई। उन्होंने चोरी का माल किसे पहुंचाया, किसके कहने पर चोरी कर रहे थे, बाक़ी चोरी का माल कहाँ है। कुछ नहीं पूछा गया।
इस से साफ़ ज़ाहिर है की केवल खाना पूर्ति हो रही है। हफ़्ते दस दिन में उनकी सबकी बेल करवा दी जाएगी।
इस से साफ़ ज़ाहिर है कि चंदा चोर पार्टी के टॉप के नेताओं के इशारे पर इतने सालों से चोरी चल रही है और अब सारा मामला रफ़ा दफ़ा किया जा रहा है।
@AHindinews विदेश नीति और वैश्विक शांति पर आवाज़ उठाना वोट बैंक नहीं, बल्कि भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की पहचान है। हर बात को ध्रुवीकरण के चश्मे से देखना भाजपा की आदत बन चुकी है।
➡️दिल्ली मुंडका सेप्टिक टैंक गैस लीक हादसा: पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया (ज्वाला पुरी) स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 के सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 मजदूरों की मौत हो गई।
घटना की डिटेल्स: 👇
तारीख: 26 जून 2026 (शुक्रवार)
समय: दोपहर 12:03 बजे
दिल्ली फायर सर्विस को सूचना मिली कि लोग टैंक में फंसे हैं।
मृतक मजदूर:
अरुण (38 वर्ष)
संदीप (32 वर्ष)
चांद (42 वर्ष)
सभी सुल्तानपुरी के इंद्रा झील इलाके के निवासी।
घटना का क्रम:
एक मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरा।
जहरीली गैस (हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन आदि) से बेहोश हो गया।
उसे बचाने दूसरा मजदूर उतरा, वह भी प्रभावित हो गया।
तीसरा मजदूर बचाने गया तो तीनों की दम घुटने से मौत हो गई।
बचाव कार्य:
दिल्ली फायर सर्विस की दो टीमें पहुंचीं। ट्रैफिक जाम के कारण टिकरी से अतिरिक्त टेंडर भेजा गया। एसडीएम मुंडका मौके पर पहुंचे। तीनों मजदूरों को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। पुलिस कार्रवाई:
मुंडका थाने में केस दर्ज।
फैक्ट्री मालिक, उनके सहयोगी और ठेकेदार गिरफ्तार।
जांच: सुरक्षा उपकरण (PPE, गैस डिटेक्टर, मास्क, हार्नेस) उपलब्ध कराए गए थे या नहीं?
शवों का पोस्टमॉर्टम चल रहा है।
मुख्य समस्या:👇
यह मैनुअल सफाई (Manual Scavenging) की एक और त्रासदी है। बिना सुरक्षा के मजदूरों को टैंक में भेजना गैरकानूनी है, लेकिन बार-बार होता रहता है। दिल्ली में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
परिवारों पर असर:👇
छोटे-छोटे बच्चे (ढाई साल की बेटी, आठ महीने का मासूम आदि) अब पिता के बिना अकेले। आर्थिक संकट और भावनात्मक दर्द दोनों।
अपील:
मजदूरों की सुरक्षा पर सख्ती बरती जाए। मैनुअल सफाई पर पूरी रोक लगे। सरकार और प्रशासन से मांग – ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मशीनों, ट्रेनिंग और सख्त कानून लागू हों। न्याय मिले!#MundkaTragedy #Delhi
@dhruv_rathee युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ अब एक परम्परा बन चुका है। कड़े कानून और बड़ी-बड़ी बातों के दावों के बीच सच्चाई यही है कि देश का युवा आज भी ठगा महसूस कर रहा है।