मणिपुर के इम्फाल की सड़कों पर हजारों की संख्या में महिला इक्ट्ठा हो कर उन्नीस सौ इक्यामान को आधार वर्ष मानते हुए एनआरसी की मांग कर रही हैं |
एनआरसी लागू करने की यह मांग उसी मणिपुर में हो रही है जिस मणिपुर को विपक्षी पार्टी आज तक भाजपा के विरोध में दिखाने की साबित कर रही थी |
लेकिन अब जब मणिपुर की हजारों महिलाओं ने इंफाल की सड़कों पर उतर कर एनआरसी की मांग करी तो समर्थन तो दूर विपक्षी तत्वों ने मीडिया हाउस से यह भी नहीं पूछा कि आंदोलन किस कारण हो रहा है |
खैर मणिपुर की महिलाओं ने तो एनआरसी लागू करवाने के समर्थन में मोर्चा खोल दिया | लेकिन अब हम सोशल मीडिया रिप्रेजेंटेटिव्स की जिम्मेदारी है इस आंदोलन को इंटरनेशनल लेवल पर दिखाने की |
👉कांग्रेस के 5 दुश्मन
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👉और पाकिस्तान के 5 दुश्मन
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जिस दिन कांग्रेसी चमचे कांग्रेस-पाकिस्तान का ये भाईचारा समझ जाएंगे, उस दिन चमचे भी अंधभक्त बन जाएंगे।
क्यों चमचों सही बोला ना?
चमचों घर वापसी पर आपका स्वागत है!
जय श्री राम 🚩
पिछले 4साल से क्या टिकट ब्लैक के धंधे में आप को लगा रखा था आदत से जो मजबूर हो दूसरों को दोष देने में।
दिल्ली में भी यही हाल था और अब पंजाब में भी शुरू हो गए।
IIT Bombay के छात्र अपने साथी साहिल वाकोड़े के लिए न्याय मांगते हुए सड़कों पर हैं, और Mumbai Youth Congress इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
साहिल के परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इन सवालों को दबाया नहीं जा सकता।
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक में अगर छात्रों को न्याय, सम्मान और सुरक्षित campus के लिए आंदोलन करना पड़े, तो सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं, पूरे institutional system की जवाबदेही का है।
हमारी मांग है कि निष्पक्ष जांच हो। सच सामने आए। जिम्मेदारी तय हो।
दूसरों पर कीचड़ उछालने चले थे, खुद ही सन गए!
2.5 लाख की टंकी का घोटाला उजागर करने वाले 'कॉकरोच' यह पढ़ना भूल गए कि 4 मई 2023 को राजस्थान में कांग्रेस की ही सरकार थी।
जिनके इशारो पर वीडियो बना रहे थे, गलती से उन्हें ही बेनकाब कर बैठे 😂
इन सीजेपी वाले को सालों को जेल में डालो नहीं तो ये समाज में अराजकता फैला देंगी.
ये अपनी आपको हर संस्था से ऊपर समझने लगे है.
इस तराह तो सभी संस्थाएं और अधिकारी अपना काम करना बंद कर देंगे।
अभिजीत दिपके का बयान
आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में ये कह रहे हैं कि नकल नहीं हुई, बस “गलती” हुई। प्रोफेसर को परीक्षा खत्म होने तक इंतजार करना चाहिए था।
बीच परीक्षा में पकड़ना और क्लास के सामने शर्मिंदा करना गलत था। इसलिए प्रोफेसर और डायरेक्टर को 10 साल जेल हो, परिवार को 3 करोड़ मुआवजा मिले।
नहीं तो CJP यूनिवर्सिटी के सामने प्रदर्शन करेगा
अब सवाल ये है —
परीक्षा में मोबाइल निकालकर पेपर ChatGPT पर डालना गलती है या नकल?
अगर प्रोफेसर नकल पकड़े तो वो खलनायक है?
अगर संस्थान नियमों के मुताबिक कार्रवाई करे तो डायरेक्टर को जेल होनी चाहिए?
एक तरफ जेएनयू में प्रोफेसर पर 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप, दूसरी तरफ आईआईटी में प्रोफेसर नकल रोक रहा है।
देखिए कौन सा मामला ज्यादा गुस्सा पैदा कर रहा है और किसके खिलाफ जेल-मुआवजे की मांग हो रही है।
नकल पकड़ना अपराध नहीं है।
नकल को “गलती” बताकर शिक्षक के लिए जेल मांगना, शिक्षा व्यवस्था के साथ मजाक है।
मैडम बस इतना बता दो
1947 में मुस्लिम देश अलग बना नफरत का बीज किसने बोया।
कश्मीर से हिंदुओं मारकर भगाया गया घाटी को हिंदू विहीन कर दिया गया नफरत का बीज किसने बोया ।
पाकिस्तान में सिया सुनी हो रहा है वहां नफरत बीज किसने बोया ।
सीरिया दंगों की आग में जल गया नफरत का बीज किसने बोया।
हिंदू मुस्लिम में जो नफ़रत का बीज बोया गया है, नेताओं के द्वारा उसका परिणाम ये है.... बरेली की ये घटना आबिद अली और उनके पड़ोसियों मे मनमुटाव हुआ होगा, लेकिन देख रहे हो पड़ोसी पूरा परिवार मिलकर कैसे आबिद अली को पीट रहे हैं...
माननीय जज साहिब सीध सीधा बोलो ना महिला पब्लिक प्रॉपर्टी है उसका साथ कोई कुछ भी करे अपराध नहीं होगा।
क्या ऐतिहासिक फैसला है ।एक तरह किसी को जातीसूचक शब्द बोलने भर से जेल हो जाती है और आप बोल रहे है महिला से जबरदस्ती करना भी अपराध नहीं है।
पिता प्रधानमंत्री, माँ सांसद, दादी प्रधानमंत्री और परदादा प्रधानमंत्री रहे..
खुद 5 बार सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद राहुल गांधी जी का इंडिगो की इकोनॉमी क्लास में सफर करना उनकी सादगी और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को दर्शाता है...
यही वजह है कि राहुल गांधी जी जनता के नेता हैं, सिर्फ सत्ता के नहीं..!
@RahulGandhi #Congress
Bhai Rahul Gandhi ji
एक विदेशी औरत से पैदा हुए बच्चे से कभी देश भक्ति को उम्मीद नहीं होती ये राहुल गांधी बार बार सिद्ध करता है।
इसके मुंह से कभी मैने मेरा देश, अपने देश के लोग, हम भारतीय जैसे शब्द नहीं सुने न ही कभी अपने देश की तारीफ सुनी ।
अजीत डोभाल पे इल्जाम लगा कर इसने एक बार फिर से साबित कर दिया।
ये कोई क्लास नहीं है बस कॉमेडी सर्कस है यहां कोई स्टूडेंट नहीं आ रहे , यहां पे लोग सिर्फ और सिर्फ लोग फ्री का मनोरंजन करने आते है, लोग थिएटर में जा कर नकली मनोरंजन की बजाय राहुल के असली कॉमेडी कार्यक्रम में आए कर फ्री का मनोरंजन करते हैं।
वोट तो वो फिर भी मोदी ,बीजेपी को ही देंगे।
हकीकत आपको DU के चुनाव ने दिखा दिया।छात्रों की गूंज कार्यक्रम में छात्र होते तो दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में जीत होती इतनी शर्मनाक हार का सामना नहीं करना पड़ता।
छात्र भी तुम्हारी नौटंकी को समझ गया है।