बचपन में हमे शिक्षक पढ़ाते थे कि आतंकवादी वो होते हैं जो देश या देश के नागरिकों की सुरक्षा को निशाना बनाते हैं!
यहाँ देखिये एक शिक्षक ने एक स्टूडेंट को Terrorist कहा, जिससे उस शिक्षक का एक कौम केे प्रति घटिया सोच दिखाई पड़ती है!
बताईये बच्चे का क्या कसूर?
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उस वक्त में जब नेता छोटे-छोटे सवालों पर तुनक जाते हैं, नौकरियों से निकलवा देते हैं. उस वक्त में @RahulGandhi से कोई भी सवाल पूछने से मुझे नहीं रोका गया, मुझसे बाद में भी ये नहीं कहा गया कि ��स सवाल को काट देना, इसको काट देना. पूरी बातचीत यहाँ देख सकते हैं https://t.co/E6bvIQbf6f
“बच्चे चीख रहे थे, मानवता के नाते हमसे देखा नहीं गया। ”
असीम, इलियास, बशीर,रमजान, आरिफ़
इन 5 नामों की मोरबी में चर्चा है,नदी के पास घर था।तैरना जानते थे, तो साहस दिखाते हुए सबसे पहले नदी में यही लोग कूदे। बहुत दिलेरी का काम किया।सलाम ��ै🙏🏼
बचपन से सुनता आया हूं कि दर्द बांटने से बंटता है
आज इस यात्रा में दुखियों के दर्द को राहुल से बांटते देख भी रहा हूं
राहुल को बताने से इन लोगों का दर्द खत्म नही होगा,लेकिन जनता के अंदर एक उम्मीद जागी है
कि
नफरत के दौर में एक नेता ऐसा भी तो है जो हमारे दुख को सुन रहा है समझ रहा है
अरे बाबा ये तो आपकी धोती खोल रही है, पूरा नंगा कर दिया झोले वाला, इसे सुन कर भक्त मुझे देश द्रोही बोलेंगे और गालियाँ देंगे ..! मोदी है तो मुमकिन है ..!
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