अंजना ~ क्या आप भी ये चाहते हो कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो
मजीठिया ~ बिल्कुल यदि उन पर शक शिकवे खड़े होते है He Needs too..
अंजना ~ आपको फिर भी BJP के साथ गठबंधन चाहिए
मजीठिया ~ फिर आपने आज इस बात पर मुहर ही लगा दी है कि ज्ञानेश कुमार मतलब BJP.😂🔥
राहुल गांधी GST को लेकर शुरू से ही सही थे..!!
राहुल ने 8 साल पहले ही कहा था GST में सिर्फ 2 ही स्लैब होने चाहिए 5% और 18%
और आज मोदी जी वही कर रहे हैं जो राहुल गांधी ने कहा था।
राहुल गांधी एक दूरदर्शी नेता हैं..।।
Andhbhakts in 2024:
Rahul Gandhi is a Chinese agent, China wants to destabilize India 🤡
Andhbhakts in 2025:
Rahul Gandhi is an American Agent, America wants to destabilize India 🤡
प्रधानमंत्री जी,
राष्ट्र और सेना आपकी छवि, आपकी राजनीति, आपके PR और प्रचार से बहुत ऊपर है।
यह समझने की विनम्रता रखिए, यह स्वीकार करने की गरिमा रखिए।
आपमें अगर निर्णय लेने की क्षमता नहीं थी, तो सेना और राष्ट्र का स्वाभिमान गिरवी रखने का भी आपको कोई अधिकार नहीं था।
Iran ने इन बातों में इसराइल को हरा दिया
आयरन डोम के तोते उड़ा दिए दुनिया का बता दिया की आयरन डोम को हम तोड़ सकते है
सत्ता परिवर्तन चाहता था इजराइल ईरान में , ईरान ने पत्ता नहीं हिलने दिया सत्ता का
इसराइल न्यूक्लियर फैसिलिटी को तबाह करना चाहता था उस में भी ईरान ने इसराइल को फेल कर दिया
ईरान को घुटना पर लाना चाहता था इसराइल , ईरान बिल्कुल नहीं झुका उल्टा अमेरिका को भी मुंह तोड़ जवाब देता रहा
अगर सही लगे तो रीट्वीट कर देना वरना बताना क्या ग़लत है इन में
ओडिशा में दो दलित युवकों को घुटनों पर चलने, घास खाने और गंदा पानी पीने पर मजबूर करना सिर्फ़ अमानवीय नहीं, बल्कि मनुवादी सोच की बर्बरता है।
ये घटना उन लोगों के लिए आईना है जो कहते हैं कि जाति अब मुद्दा नहीं रही।
दलितों की गरिमा को रौंदने वाली हर घटना, बाबा साहेब के संविधान पर हमला है - बराबरी, न्याय और मानवता के ख़िलाफ़ साज़िश है।
भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं क्योंकि उनकी राजनीति ही नफ़रत और ऊँच-नीच पर टिकी है। विशेषकर ओडिशा में SC, ST और महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार चिंताजनक रूप से बढ़े हैं।
दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार कर कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।
यह तस्वीर महामहिम राष्ट्रपति के गृह राज्य ओडिशा की है। जहां दो दलित युवकों को घुटनों पर चलने, घास खाने और गंदा पानी पीने पर मजबूर किया गया। यह केवल अमानवीयता नहीं, बल्कि मनुवादी सोच की बर्बरता है। ऐसी हर घटना संविधान, समानता और मानवता पर सीधा हमला है। #DalitLivesMatter