Kushinagar to Kanpur...!
Thank you, Kushinagar, for giving me wonderful opportunities to work, learn, and create some truly unforgettable memories.
Grateful for the journey, the experiences, and everyone who made it special.
Now, I’m excited to begin a new chapter in Kanpur...!
#underpaidlekhpal#PMOINDIA
Thanx Mr. Modi, Hon'ble PM of India, for using complimentary words about Lekhpal/Patwari and appreciating their works in Investor's Summit in Lucknow today. Sir, please look into our job prospects and salary we get paid. We are underpaid.
#underpaidlekhpal
उम्मीद है कल की सुबह हमारे लिये एक नई आशा की किरण ले के आये। ये सब हमारे अनुशासित धरना प्रदर्शन और संगठित हड़ताल का सुखद परिणाम है।
लेखपाल संघ, जिंदाबाद जिंदाबाद!
#underpaidlekhpal
हम मंज़िल के बहुत करीब हैं दोस्तों, ईश्वर से प्रार्थना कीजिये कि वो योगी जी को और उनके सिपहसालारों को सद्बुद्धि, दया, करुणा और सहानुभूति प्रदान करें कि ये हठ त्याग कर हमारी मांगों के सम्बंध में शाश्नादेश जारी करें।
#underpaidlekhpal
आदरणीय मुख्यमंत्री जी कृपया एक बार हमारी मांगों को सहानुभूतिपूर्ण नजरिये से देख लीजिये, हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वाश है कि आप हमारी सभी मांगो को जायज़ पायेंगे और यदि हम लेखपालों को आप अपना कर्मचारी मानते हैं तो ज़रूर शाश्नादेश जारी करेंगे।
#underpaidlekhpal@KhalidS71512870
@Deepika07604398
@HusainMohmmad
इतिहास के पन्नों में नाम उन्हीं का जड़ा होता है,
आग़ाज़ नहीं अन्जाम जिसका बड़ा होता है।
हमारा तो आगाज़ भी बड़ा था और निःसंदेह अंजाम उससे भी बड़ा होगा। हम जरूर कामयाब होंगे। जरूरत है ऐसे ही दरी पर डटे रहने की।
#underpaidlekhpal
कुशीनगर ज़िले के त्रिदेव-
ओज़ और तेज़ से भरपूर नीलेश रंजन राव सर,
हमारे मार्गदर्शक प्रद्युम्न राव सर,
युवा जोश मार्कण्डेय गुप्ता जी,
हमारी मांगो के संबंध में चर्चा करने के लिये गोरखनाथ मंदिर परिसर में आज योगी जी से मुलाकात के इंतजार में। Hope for the best.
#underpaidlekhpal
मुख्यमंत्री जी हमारी जायज मांगों को मान लीजिये वरना आने वाले समय में जब उत्तर प्रदेश का 32000 संगठित लेखपाल आपके ख़िलाफ़ चुनाव में घंटी बजायेगा तो आपको वापस मंदिर आ के घण्टा बजाना पड़ेगा...
#underpaidlekhpal
हाय रे सरकार!
ये डिजिटल इंडिया की तो बात करती है, लेकिन हम लेखपालों को लैपटॉप और स्मार्टफोन नहीं देती।
ये बुलेट ट्रेन की बात तो करती है, लेकिन हमें मोटरसाइकिल भत्ता नहीं देती।
हम पर ये अत्याचार क्यूँ?
ये दोगलापन क्यूँ??