#किसको_मिले_कबीरभगवान
त्रेता युग में कबीर परमेश्वर मुनींद्र नाम से प्रकट हुए तथा नल व नील को शरण में लिया।
उनकी कृपा से ही समुद्र पर पत्थर तैरे। धर्मदास जी की वाणी में इसका प्रमाण है:-
रहे नल नील जतन कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार।
Sant RampalJi YouTube
🤝 Ancient spiritual narratives mention meetings between Kabir Sahib and seekers across different regions, reflecting a message beyond social boundaries.
हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों के लिए मिला गौरा देवी सम्मान 2026
गौरा देवी सम्मान 2026 प्राप्त होना मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह सम्मान हिमालय, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना है।
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07/जून/2026
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#sanewsuttrakhand#Himalaya