@akhileshsharma1 पत्तलकारिता इससे आगे की सीख नहीं दे पाती!
ठीक से पता कर कि दो दिन बीतने के बाद भी परिणाम नहीं आया है उसका कारण मतपत्र है या कुछ और ही है!बुद्धिमान आदमी को चोंघूगिरी से आगे बढ़ने की हिम्मत होनी चाहिए!
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फ़िल्म सिटी बनाने के नाम पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विरोध के बाद रोकी गई पेड़ों की कटाई फिर शुरू कर दी गई और जंगल बचाने के लिए आवाज़ उठाने वाले ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एक पेड़ को बड़ा होने में दशकों लग जाते हैं, लेकिन उसे काटने में कुछ मिनट लगते हैं। विकास के नाम पर जंगलों को उजाड़ना और पर्यावरण बचाने वालों को हिरासत में लेना कैसा न्याय है? फ़िल्म सिटी कहीं और भी बन सकती है, लेकिन उजड़े हुए जंगल वापस नहीं लाए जा सकते। सरकार तत्काल पेड़ों की कटाई रोके और हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को रिहा करे।
⚖️ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति पर कॉलेजियम जवाब दे! @SupremeCourtIND@MadhyaPradeshHC@barcouncilindia
मृणाल ऐलकर की नियुक्ति की अनुशंसा पर सवाल हैं, जवाब जरूरी हैं—
1️⃣ मध्यप्रदेश में वकालत का अनुभव कितना है?
2️⃣ सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और कॉरपोरेट मामलों में पैरवी का मूल्यांकन कैसे हुआ?
3️⃣ जनहित याचिकाओं और सार्वजनिक महत्व के मामलों में योगदान कितना देखा गया?
4️⃣ स्थानीय बार में पंजीकरण, सनद और पेशेवर अनुभव का क्या आधार रहा?
5️⃣ SC/ST/OBC के योग्य अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनाने में प्रतिनिधित्व के पारदर्शी मानदंड क्या हैं?
6️⃣ कॉलेजियम चयन के कारण और मूल्यांकन सार्वजनिक क्यों नहीं करता?
मध्यप्रदेश के योग्य दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के अधिवक्ताओं को भी निष्पक्ष अवसर मिले। न्यायिक नियुक्तियों में योग्यता, पारदर्शिता और सामाजिक प्रतिनिधित्व—तीनों पर जवाबदेही तय हो!
#CollegiumReform #JudicialAppointments
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार -
UP में छात्र अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए महीने में 3 से 4 बार खून बेचने को मजबूर हैं।
एक NEET छात्र ने कहा - "खून तो बनता रहेगा, पढ़ाई का मौका फिर नहीं मिलेगा"
ये रिपोर्ट नहीं, सरकार के मुंह पर तमाचा है।
जहां सरकार अपने विज्ञापन पर हजारों करोड़ फूंक देती है, वहीं छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए अपना खून बेचना पड़ रहा है।
इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या होगा?
हमने अडाणी ग्रुप के दिवालिया कंपनियों को खरीदने के रिकॉर्ड की पड़ताल की: उन्होंने हर 5 में से लगभग 3 बोलियां जीतीं. जहां बैंकों और लेनदारों का 1.31 लाख करोड़ रुपये का बकाया था, वहीं उन्हें मिले सिर्फ 33000 करोड़ रुपये.
पढ़िए @SavyasachiAstha की रिपोर्ट.
https://t.co/xk5jsTHn5U
हालांकि इसने ये स्टेटमेंट 2024 मे दिया था लेकिन फिर से प्रासंगिक हो उठा है जब से चीन द्वारा भारतीय जमीन पर कब्ज़ा करने की खबरे सोशल मीडिया पर आयी है ।
इसको तत्काल अरुणाचल भेजा जाए ये सब समाधान निकालने मे सक्षम है।
गजब जम्हूरों का टोला है !!
अलग-अलग क्षेत्रों की बुद्ध प्रतिमाएँ: मिस्र, अफ़ग़ानिस्तान, भारत, चीन और थाईलैंड. लगभग दूसरी से आठवीं शताब्दी इसवी कार्यकाल में निर्मित है.
चेहरा और शैली अलग अलग है लेकिन इनका निर्माण धम्म की शिक्षा के प्रभाव में बुद्ध के प्रति आदर सम्मान के प्रतीक स्वरूप में हुआ है.
#Buddha
16 साल के इस मासूम बच्चे का क्या गुनाह था? 💔
सिर्फ यह कि वह दलित समाज में पैदा हुआ। उसकी जाति देखकर उसके क्लासमेट्स एवं टीचरों ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि उसने आत्महत्या कर ली। इस हत्या में शामिल हैवानों को उनके किए की सज़ा अवश्य मिलनी चाहिए।
देश के सबसे बड़े टैक्सटाइल केंद्रों में शामिल सूरत में मजदूर 8 घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक छुट्टी और श्रम कानूनों के पालन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
ये नई मांगें नहीं हैं, बल्कि वे अधिकार हैं जो कानून पहले से उन्हें देता है.
कुशल पंड्या की रिपोर्ट.
https://t.co/qH73J9wR60
@news24tvchannel प्रशांत भूषण ने रिज़ीम चेंज बोला तो बहुत बुरा लगा था BJP और मीडिया वालों को
अब ये बागेश्वर धाम वाला बाबा गृहयुद्ध की चेतावनी दे रहा है तो सबके मुंह बंद हैं
कोई कुछ नहीं बोल रहा है
@news24tvchannel जाति जनगणना से इसकी क्या फट रही!? बिना आंकड़े क्या योजना-नीति बनेगी और क्या ही कुछ अमल होगा!? ओबीसी समाज पता नहीं कांव के पास क्यों जाता है!
नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी से मांग है कि मप्र विधानसभा में 27% OBC आरक्षण की बहाली हेतु निजी विधायक विधेयक प्रस्तुत करें।
तमिलनाडु की तर्ज पर संबंधित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर @narendramodi सरकार को भेजें।
@DrMohanYadav51
कनॉट प्लेस में लाठियों वाली कार से लेकर प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों से भिड़ते ‘स्वघोषित राष्ट्रवादियों’ तक, न्यूज़लॉन्ड्री ने पुलिस की मौजूदगी में हुए पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया.
देखिए @ImAvdheshkumar की रिपोर्ट.
https://t.co/wwN8lajd7z
Brahmins are responsible for the caste system, inequality, and social discrimination in India. Those who have suffered under this system will naturally question and condemn those they hold responsible for perpetuating it, rather than blaming the Portuguese.
Name even one Brahmin who openly opposes the Manusmriti. Name even one Brahmin who openly condemns the religious scriptures that prescribe or justify the caste system.
Even today, many Brahmins continue to uphold the Manusmriti and the social hierarchy associated with it.
यूपी में TGT के 17,735 पदों पर भर्ती। लेकिन सामने आई पदों की तालिका आरक्षण के हिसाब पर गंभीर सवाल खड़े करती है!
EWS को 2,882 पद - यानी 16.25%।
OBC को 4,438 पद - यानी 25.02%।
कुल पदों पर सीधे प्रतिशत लगाएँ तो EWS के 10% का हिसाब 1,773.5 पद, जबकि OBC के 27% का हिसाब 4,788.45 पद बनता है। सामने आई तालिका में इस गणना से EWS के लगभग 1,108 पद अधिक, जबकि OBC के लगभग 350 पद कम दिख रहे हैं!
योगी सरकार बताए - यह किस रोस्टर का हिसाब है? 10% वाला हिस्सा 16.25% और 27% वाला हिस्सा 25.02% कैसे हुआ?
आयोग इस तालिका की प्रामाणिकता स्पष्ट करे और विद्यालयवार, श्रेणीवार आरक्षण रोस्टर सार्वजनिक करे। नौजवानों की नौकरी और हिस्सेदारी का मामला है - हर पद का हिसाब देना होगा। विज्ञापन निकाल देना काफी नहीं, सामाजिक न्याय का हिसाब भी देना पड़ेगा!