salute to this boy. he could’ve easily run away, but instead he stayed, stood between her and these rapists, and saved her from being raped while they were beating and slapping him. huge respect!
“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
जेन ज़ी ने दिखा दिया है कि भाजपा का विरोध इस हद तक था कि उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ का चुनाव भी घपले से जीतना पड़ा।
जब निर्दलियों से दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हार गई हो, तो उसकी हालत युवाओं के बीच कितनी जर्जर है ये कहने की ज़रूरत नहीं है। दरअसल भाजपा सारे पद हारी है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी झूठेलसर्टिफ़िकेट से जीते हैं, सच्ची मतगणना से नहीं।
भाजपा के ऊपर अपनी नैतिक जीत अर्जित करने वाले विपक्ष के सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। इसी अन्याय और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हम सबको एकजुट होना होगा तभी बदलाव आएगा।
@visheshyadavD
#DUSU
#delhiuniversity
#DUElectionresult
No-this is not crass humour. This is not immature behaviour. This is a much-needed long-awaited phenomenon. To fearlessly lampoon a PM is a democratic right long denied to Indians.
मैंने इस गमछाधारी युवक की पहचान और उससे जुड़ी जरूरी जानकारी पता कर ली है। मेरी टीम ने लगातार मेहनत करके पूरी जानकारी जुटाई है। इसी बीच लगातार धमकियाँ और अनगिनत कॉल्स भी आ रहे हैं।
अब @JamuiPolice और श्रेयसी सिंह के लिए काम काफी आसान हो जाएगा। जरूरी जानकारी मैने सामने लाई है, अब आगे की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है,
कृप्या हमारी सुरक्षा की जिम्मेवारी @bihar_police@samrat4bjp जी ले ।।
प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय दलित अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक है।
कोतवाली परिसर के शौचालय में अर्जुन का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या बता रही है, जबकि मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस की पिटाई से अर्जुन की मृत्यु हुई है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? आखिर कंबल से फांसी कैसे लगाई जा सकती है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।
परिजनों के अनुसार, उन्हें अर्जुन से मिलने तक नहीं दिया गया। वहीं, अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे महज 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय करीब 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इस पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा और पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
सबसे गंभीर बात यह है कि परिजनों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना अर्जुन का पोस्टमार्टम कराया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं तथा पुलिस हिरासत में अर्जुन के साथ हुई पूरी घटना की जांच हो। साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें न्याय मिले और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु का सच सामने आना चाहिए। किसी भी परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े, यह सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बिहार में अब कहीं भी, कभी भी, कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है। गुंडे अपराधी अब दिन दहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे है।
महिलाओं को 10 हज़ार रूपया नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख ₹ ओर देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके है। एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।
बिहार का खजाना लुटाकर तथा महिलाओं को 2 लाख रुपए देने का लालच देकर श्री नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए।
विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हज़ार करोड़ रुपए बंटवाकर तथा तंत्र व यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे बीजेपी के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे है?
बिहार के इस हालात के अकेले ज़िम्मेवार प्रधानमंत्री श्रीमान @narendramodi जी हैं। भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती।
आज जिला बस्ती की रुधौली विधानसभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली बस्ती की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
Where is Nandigram candidate Milan Pradhan after being picked up from hotel? When MCC in effect the police administration is under direct superintendence & control of @ECISVEEP . What kind of Gestapo land is this?
इंदौर के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा, रोजगार और छात्रों की समस्याओं के साथ-साथ सरकार की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए और NSA अजीत डोभाल का जिक्र किया।
@Editor_SanjayS@Iam_SimranKhan