पहले वे मुसलमानो के लिए आये
मैं ठठाकर हंसा,
उनसे नफरत जो करता था
फिर वे क्रिस्चियन के लिए आये
मैं चुप था, वे भी विदेशी जो थे।
फिर वे सिखों के लिए आये
निगाहे फेर ली मैनें, मैं सिख भी तो न था
फिर वे जैनियो पर टूटे, मैं मुस्कुराया
ये साले भी बहुत इतरा रहे थे
★★
तब जब वे मेरे लिए आये,
गले मे गद्दार, भ्रस्ट, द्रोही
वामपन्थी के तमगे लटकाए,
लेकर चले
सिर झुकाए मैंने महसूस किया
कोई ठठाकर हंस रहा था
कोई मेरी नस्ल, धर्म,
मेरी भाषा को गालियां दे रहा था
किसी ने कहा- बहुत इतराता था ये
★★
कत्लगाह पहुँच
मैनें आखरी निगाह उठाई
अजब ही मंजर था
हंसती हुई भीड़ में
हरेक के गले एक बिल्ला
पीठ और सर पर
लकड़ियों का गट्ठर था
वे यंत्रवत,
अपने नाप की चितायें सजा रहे थे..
😊
एक गिद्ध अपना समान पैक करके अपने बच्चों को लेकर पलायन की तैयारी में था ,
तब तक उधर से मैं निकला ,मैने कहा अरे भाई गिद्ध कहां निकल लिए ? वैसे भी तुम्हारी प्रजाति विलुप्त हो रही और तुम भी पलायन कर रहे?
गिद्ध पहले कुछ सोचने लगा फिर बोला, खुरपेंच भाई अमेरिका का वीजा लग गया है , 3 दिन की लंबी यात्रा है और अब परमानेंट जा रहा हूं ,
मैंने पूछा मगर क्यों ?
गिद्ध मायूस होकर बोला कि खुरपेंच भाई अब हमारी प्रजाति के नए गिद्ध( IAS ,IPS)आ चुके हैं ,हमारे अंदर मॉरल एथिक्स और प्रिंसिपल्स थे , हम अपनी फूड चेन में रहकर काम करते थे , मरे हुए को नोचते थे, लेकिन ये नई नस्ल जिंदा को जीने नहीं देती और मरने वालों को भी नोच डालती है, गलत काम ये करते हैं, बदनामी हमारी होती है , हमारा जीवन तो बीत गया , लेकिन ये हमारे नवजात बच्चे ये बेचारे कैसे झेलेंगे ये सब, इसलिए इनके बेहतर भविष्य के लिए और बदनामी से बचने के लिए देश छोड़कर जा रहा हूं ।
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने अपनी ऐतिहासिक कृति "Annihilation of Caste" में जाति व्यवस्था के उन्मूलन के लिए अंतरजातीय विवाह को सबसे प्रभावशाली और आवश्यक हथियार बताया। इसी विचार को संतराम बीए प्रजापति द्वारा स्थापित ‘जाति-पाति तोड़क मंडल’ ने भी प्रमुखता से अपनाया था।
भारतीय संविधान की मूल भावना भी इसी दिशा में स्पष्ट रूप से संकेत करती है:
अनुच्छेद 14 : सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता और कानून के समान संरक्षण का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 15(1) व 15(3) : जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव को निषिद्ध करता है।
अनुच्छेद 21 : प्रत्येक नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है, जिसमें अपनी मर्जी से विवाह करने की स्वतंत्रता भी सम्मिलित है।
इसी संवैधानिक उद्देश्य की पूर्ति हेतु विशेष विवाह अधिनियम, 1954, लागू किया गया, जिससे विभिन्न जातियों और धर्मों के व्यक्ति आपसी सहमति से विवाह कर सकें।
अतः यह स्पष्ट है कि संविधान किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद के जीवनसाथी से विवाह करने का पूर्ण अधिकार देता है—चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से संबंधित क्यों न हो। यह न केवल एक व्यक्तिगत अधिकार है, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक और नैतिक कदम भी है।
परंतु खेद का विषय है कि वर्तमान समय में न्यायपालिका में व्याप्त भाई-भतीजावाद और कॉलेजियम प्रणाली के चलते कुछ स्वघोषित "मिलार्ड्स" संविधान की मूल भावना के विरुद्ध जाकर अंतर्जातीय विवाहों को प्रोत्साहित करने के बजाय उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं।
जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक अवसरों पर यह स्पष्ट किया है कि "अंतरजातीय विवाह सामाजिक प्रगति का प्रतीक है। वयस्क नागरिकों को अपनी पसंद से विवाह करने का मौलिक अधिकार है।" अनेक राज्य सरकारें इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अंतर्जातीय विवाहों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष योजनाएं भी चला रही हैं।
इसके बावजूद समाज के यथास्थितिवादी तत्व और कुछ न्यायिक टिप्पणियाँ समय-समय पर इस संवैधानिक अधिकार का विरोध करती रही हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी भी इसी प्रवृत्ति का चिंताजनक उदाहरण है।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) अपने पुरखों— बाबा साहेब,मान्यवर साहब कांशीराम जी,महात्मा फूले और परियार साहेब—के विचारों पर अडिग रहते हुए यह मानती हैं कि अंतर्जातीय विवाह ही जाति तोड़ने का सबसे प्रभावशाली और निर्णायक तरीका है। अतः ऐसे साहसी दंपतियों को न केवल सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज निर्माण में योगदान देने हेतु सम्मानित व प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए।
यही सच्ची आज़ादी और सामाजिक न्याय की दिशा में उठाया गया वास्तविक कदम होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र सहित पूरे उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है!
वाराणसी की छात्रा, जो स्पोर्ट्स कॉलेज में दाखिला लेने का सपना देख रही थी, उसे लगातार 6 दिन तक शहर के व्यस्ततम वाले अलग-अलग हिस्सों में हैवानियत का शिकार बनाया गया। सात दिन में 23 लोगों ने उसकी अस्मिता को रौंदा गया – और ये सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुआ, जहां सरकार "डबल इंजन" की दुहाई देती है।
घटना मानवता को शर्मसार करने वाली और कानून व्यवस्था की नाकामी का जिन्दा प्रमाण है।
सवाल है – जब वाराणसी असुरक्षित है, तो उत्तर प्रदेश का क्या हाल होगा?
क्या यही 'सशक्त नारी – सुरक्षित नारी' का नारा है?
यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि उत्तर प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज़ नहीं बची है।
पुलिस पूरी तरह नाकाम – छह दिन तक कोई सुराग नहीं।
अपराधी खुले घूमते रहे, पीड़िता की चीखें दबा दी गईं।
सत्ता मौन, सरकार गायब, और प्रशासन लापरवाह।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी और मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी – सवाल ये आपसे है:-
क्या आपकी कानून व्यवस्था सिर्फ महिलाओं को कुचलने के लिए है?
क्या उत्तर प्रदेश अब अपराधियों का अभयारण्य बन चुका है?
क्या बेटियों की सुरक्षा के नाम पर सिर्फ जुमले बेचे जा रहे हैं?
मैं @UPGovt से माँग करता हूँ:-
1. सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो।
2. जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी और जेल।
3. वाराणसी में महिला सुरक्षा को लेकर विशेष योजना और निगरानी टीम।
4. पीड़िता और उसके परिवार को सर्वोच्च सुरक्षा और पुनर्वास।
भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की वाराणसी की टीम मौका-ए-वारदात पर पीड़ित परिजनों के पास है।
@mygovindia@PMOIndia@CMOfficeUP
जियोमार्ट फ्रेश चिकन बेच रहा है और अनंत अंबानी राह चलते मुर्गियों की जान बचाकर मसीहा बन रहे हैं.
सरकार बीफ़ कंपनियों से चंदा ले रही है और समर्थक गौरक्षा के नाम पर मॉब लिंचिंग कर रहे हैं.
इन लोगों का स्क्रिप्ट राइटर भी एक ही है.
#AprilFoolsDay
पांच किलो राशन की लाइन में लगने वाले ,
आवास योजना के लिए अधिकारियों के हाथ जोड़ने वाले ,
6000 रुपए के लिए अपनी गर्भवती पत्नी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाने वाले ,
वृद्धा पेंशन पाने के लिए अपने बूढ़े मां बाप को हर महीने बैंक अंगूठा लगवाने के लिए ले जाने वाले ,
मनरेगा में काम करने वाले ,
फ्री बिजली और फ्री पानी के लिए वोट करने वाले ,
मेरे हिंदू और मुस्लिम भाई धर्म और मजहब योद्धा बने हुए हैं 🤣
@grok ये @elonmusk इतने बच्चे क्यो पैदा किये जा रहा है? जबकि दुनिया मे पहले से ही इतना ज्यादा जनसंख्या है!
@grok , @elonmusk तक मेरा एक सुझाव पहुंचा देना कि अब वो नसबंदी करा लें।