जनरल रावत जी की अंतिम यात्रा में किसान नेता राकेश टिकैट जी के ख़िलाफ़ नारे लगानेवाले भाजपाइयों ने साबित किया है कि वो ‘जय जवान-जय किसान’ के उद्घोष में विश्वास नहीं करते हैं।
ये सेना का अपमान भी है और किसान का भी। शोक के समय में भाजपाइयों का ऐसा अभद्र व्यवहार देश माफ़ नहीं करेगा।
गोल्डन हट ढाबे के मालिक राम सिंह राणा भाई साहब पहले दिन से ही किसान आन्दोलन के समर्थन में थे।
और आज एक विनती कर रहे हैं कि घर जाते समय खाना राणा साहब के यहां ही खाना है।
#FarmersWon@RoflGandhi_
प्रचारजीवी मोदी सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की मुँह बोलती सच्चाई।
बजट का 79 फ़ीसदी जब केवल विज्ञापनों पर ही खर्च कर डाला तो बेटियों की सुरक्षा और पढ़ाई के लिए बचा ही क्या ?
यही नया भारत है, मित्रों !
हजारों सलाम आपको ❤️ कुछ के मुंह से साल भर गंदगी निकलती रही और अब भी दिमाग में भरी पड़ी है और किसान जमीन पर भी गंदगी नहीं छोड़ कर जाना चाहते, जिंदाबाद किसान
कानपुर के इस जाहिल दरोगा को देखिए, बच्ची हाथ में है और पिता के ऊपर लाठी भांज रहा है
पिता चिल्ला रहा है बच्ची को लग जायेगा, बच्ची को लग जायेगा लेकिन दरोगा जी को कोई असर नही पड़ रहा है
1 लाख जाटों से जुड़ने का लक्ष्य है - जुड़ाव ऐसा होगा जो एकता का उदाहरण बनेगा ,पार्टी संगठन बीच में नहीं आएँगे - आएगा तो बस भाईचारा ॥ जय जाट ॥ जय भारतीय सेना ॥