लेफ्टीनेंट जनरल मांधाता सिंह जी ने " जनरल सगत सिंह राठौड़" जी पर क्या कहां....उनका एक एक शब्द गौर से सुना जाना चाहिए ,
अगर हम खिलाड़ियों को भारत रत्न दे सकते तो एक ऐसा सपूत जिसने आपकी लड़ाई को दिनों में खत्म करवा दिया...एक एक्शन से , क्या उनको भारत रत्न नहीं नहीं दे सकते है ..!
@aajtak लोगो की मजबूरी है वोट दे तो किसे दे, विपक्ष मे भी योग्य व्यक्तियो को आगे आने दे नही रहा है विपक्ष की नाकामी ही बीजेपी की जीत की असली वजह है विकास नही।
बिल्कुल अब आरक्षण केटेगरी अनुसार नही जाति आधारित विभाजित हो जिस जाति की जितनी जनसंख्या उतना आरक्षण और उसमे भी क्रिमिलियर लागू हो ताकि हर जाति के गरीब को फ़ायदा मिले।
वंचितों की हिस्सेदारी के विरोधियों का दोहरा चरित्र देश के सामने है। पहले ‘आरक्षण हटाओ’ और अब ‘आरक्षण में सुधार’ की मांग करने वालों से तत्काल “सौहार्दपूर्ण वार्ता” लेकिन अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, आख़िर ये कैसा सौहार्द है, नड्डा जी?
एक तरफ वार्ता की तस्वीरें, दूसरी तरफ छात्रों पर लाठियाँ, यह दोहरा चरित्र अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
24 सितंबर 1982 को मान्यवर कांशीराम साहब ने पूना पैक्ट के 50 साल पूरे होने पर पूरे देश में “धिक्कार दिवस” मनाया था। यह कोई साधारण विरोध नहीं था, बल्कि एक अकाट्य राजनीतिक और सामाजिक समझ का नायाब उदाहरण था।
परम पूज्य बाबा साहेब ने जिस पूना पैक्ट पर बड़े दुखी मन से हस्ताक्षर किए थे, आज उसी पूना पैक्ट का दुष्परिणाम “Depressed Classes (वंचित वर्ग)” के सामने है। यही कारण है कि जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी आरक्षण विरोधियों से मुलाकात करते हैं, तो बहुजन समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
किसान आंदोलन पर जिस सरकार ने 13 महीने बाद सुध ली, पेपर लीक के जनव्यापी आंदोलन के आंदोलनकारियों से नड्डा जी एक महीने बाद मिलने का समय निकाल पाए, लेकिन जैसे ही जातीय वर्चस्व बनाए रखने की जिद लिए कुछ मुट्ठीभर लोग भाजपा-RSS के दिल में छुपे एजेंडे को लेकर इकट्ठा होते हैं, तो तुरंत “सौहार्दपूर्ण वार्ता” होने लगती है।
सरकार को जवाब देना होगा कि ऐसे लोगों से आखिर क्या बात हुई और आरक्षण को लेकर सरकार का रुख क्या है?
आरक्षण कोई राजनीतिक खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-बराबरी के रहते संविधान द्वारा सुनिश्चित प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की व्यवस्था है। जब तक भेदभाव और गैर-बराबरी कायम है, तब तक आरक्षण भी कायम रहेगा।
मुट्ठीभर जातंकवादियों की आड़ में वंचितों की संवैधानिक हिस्सेदारी को कमजोर करने की साजिश कर रहे सरकार के पिट्ठुओं, कान खोलकर सुन लो! भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 24 सितंबर, पूना पैक्ट दिवस पर दिल्ली में एक बड़ा जनांदोलन करके संविधान की ताकत का एहसास कराएगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
अहमदाबाद: - अहमद कौन है?
मुरादाबाद: - मुराद कौन है?
औरंगाबाद: - औरंगज़ेब कौन है?
फ़ैज़ाबाद: - फ़ैज़ कौन है?
फ़ारूक़ाबाद: - फ़ारूक़ कौन है?
आदिलाबाद: - आदिल कौन है?
साहिबाबाद: - साहिब कौन है?
हैदराबाद: - हैदर कौन है?
सिकंदराबाद: - सिकंदर कौन है?
फ़िरोज़ाबाद: - फ़िरोज़ कौन है?
मुस्तफ़ाबाद: - मुस्तफ़ा कौन है?
अहमदनगर: - अहमद कौन है?
तुग़लकाबाद: - तुग़लक़ कौन है?
फ़तेहाबाद: - फ़तेह कौन है?
उस्मानाबाद: - उस्मान कौन है?
बख्तियारपुर: - बख्तियार कौन है?
महमूदाबाद: - महमूद कौन है?
मुज़फ़्फ़रपुर और मुज़फ़्फ़र नगर: - मुज़फ़्फ़र कौन है?
बुरहानपुर: - बुरहान कौन है?
ये सब कौन हैं? ये वे लोग हैं जिन्होंने हमारी संस्कृति को नष्ट किया, हमारे मंदिरों को तोड़ा, हमारी मूर्तियों को खंडित किया और हिंदुओं का इस्लाम में धर्म-परिवर्तन कराया।
भारत के इतिहास में इनका यही योगदान है।
इसके बावजूद, हम शहरों के नाम इनके नाम पर रखकर इन्हें क्यों याद करते हैं?
इन नामों को बदला जाना चाहिए
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की कार्यप्रणाली एवं नवाचारों को समझने के लिए, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के सदस्य, 27 अगस्त को अजमेर आएँगे। आयोग द्वारा, 15 सितंबर तक प्रमुख लंबित परीक्षा परिणाम, जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, 31 अगस्त को अधिकांश विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) प्रकरणों के निस्तारण के, निर्देश दिए गए हैं।
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
मोदी क्यों जरूरी है?
1-- जेवर एयरपोर्ट का निर्माण।
2-- 5 राज्यों में UCC लागू करना।
3-मिस काल पर गैस सिलेंडर;
4-आनलाईन बिलों का भुगतान;
5-यू पी आई पेमेंट;
6-डी जी लोकर
7-जन औषधि केंद्र
8-आयुष्मान कार्ड
9-नयी संसद भवन
10-फ्री वैक्सीनेशन
11-जन धन योजना
12-सर्जिकल स्ट्राईक
13-आप्रेशन सिंदूर
14-तीन तलाक़ बिल
15-आधार लिंक
16-फास्ट टैग
17-चिनाब ब्रिज
18-जम्बू की सुरंग
19- गंगा एक्सप्रेस-वे
20-काशी कोरीडोर
21-विश्वनाथ कोरीडोर
22-केदारनाथ पुनर्निर्माण
23-श्री राम मंदिर निर्माण
24-सुकन्या समृद्धि योजना
25-शौचालयों का निर्माण
26-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण
27-टिकट बुकिंग में दिन कम
28-टिकट कैंसिलेशन सुविधा
29-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना
30-भारत माला प्रोजेक्ट
31-18 एम्स का निर्माण
32-S I R
33-महात्मा गांधी सेतु पुनर्निर्माण
34-भूपेन हजारिका सेतु
35-सेना का आधुनिकीकरण
36-मेक इन इंडिया
37-ड्रोन क्रांति
38-किसानों के खाते में सीधे पैसे
39-राशन डिजिटलाईजेशन
40-फ्री राशन
41-नोटबंदी
42-G S T लागू करना
43-G S T में भारी कटौती
44-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण
45-हर घर नल से जल
44-अभूतपूर्व बिजली उत्पादन
45-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
46-धारा 370 का हटाना।
47-553 नये रेलवे स्टेशन।
48-1500 नये ओवर ब्रिज।
49-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
50-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
51-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
52-E V M में VV pad लागू करना।
53-कर्तव्य पथ मार्ग।
54-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
55-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
56-तेजस का उत्पादन।
57-मोबाइल निर्माण में दुनियां में दूसरे नंबर पर।
58-मुद्रा योजना।
59-उज्ज्वला योजना।
60-सुरक्षा बीमा।
61-390 नये विश्वविद्यालय
62-7 नये IIT
63-7 नये IIM
64-300 नये मेडिकल कालेज।
65-पंबन ब्रिज का निर्माण।
66-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
67-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
68-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
69-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
70-वंदे भारत आधुनिक ट्रेनें।
71-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
72-रेलवे में बायोट्वायलेट।
73-G RAM जी योजना लागू करना।
74-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
75- 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां।
76- 8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवंटन।
77-80,000 नये पैट्रोल पंप।
78-शौर्य स्थल का निर्माण।
79-रेल बजट का आम बजट में विलय।
80-9000 से अधिक नये स्कूल।
81-बार्डर पर फैन्सिंग।
82-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
83-विकास कौशल योजना।
84-विमुद्रीकरण।
85-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
86--चंद्रयान।
87-मंगल मिशन।
88-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
89-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
90-- स्मार्ट सिटी विस्तार।
91--P F निकालना सुविधाजनक
92--निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नये रोजगार का सृजन।
93-- निर्भया जैसे जघन्य अपराधों पर फांसी की सजा का कानून बनाना, वर्ना कांग्रेस के राज में तो बलात्कारियों को जमानत भी तुरंत मिल जाती थी!
94-- डिजिटल खसरा - खतौनी भू लेख
95-- कृर्षि कानून पारित हुए होते तो दलाली भी खत्म होती और मंडियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्जे भी खत्म हुए होते।
96-- स्टैच्यू आफ यूनिटी!
97-- 90 नये एयरपोर्ट !
98-- 500 किमी रेलवे सुरंगे जिनसे रेलवे की यात्रा की दूरी कम हुई है!
99 -- स्वर्णिम चतुर्भुज योजना!
100- अटल आदर्श ग्राम योजना!
101-- मुद्रा योजना!
102- नमामि गंगे!
103- स्वच्छ भारत!
104-- वन रैंक वन पेंशन!
105-- तीनों सेनाओं के प्रमुख CDS की नियुक्ति!
106- जन सेवा केंद्र!
107-- जोजिला सुरंग !
108-- 52,000 अमृत सरोवर बन चुके हैं!
109-- प्रधानमंत्री आवास योजना!
110--सैल्फ अटैस्टेड डाक्यूमेंटेशन!
111-- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ!
112--कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क स्थापित करना!
113--प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना!
114-- सिनेमाघरों में राष्ट्रगान!
115-- पूर्ण वंदे मातरम्
116-- अटल सेतु का निर्माण!
117-- सुरक्षा बीमा योजना!
118-- दिव्यांगों के लिए विशेष योजनाएं!
119- A I के 124 डाटा सैंटर मोदी ने बनवा दिए!
भा ज पा के साथ डटकर खड़े रहो ---
एक देश एक चुनाव;
जनसंख्या नियंत्रण कानून;
ये भी लागू होने हैं -----
आपने भाजपा को वोट दिया इसीलिए काश्मीर में पत्थरबाजी में 90% गिरावट आई।
और भी काम गिनवा सकते हैं -----
कांग्रेस झूठ और अफवाहें फैलाने की मशीन है! बचें।
ज़ी न्यूज़ DNA में राहुल सिन्हा जी का मैसेज...
हम आरक्षण में कटौती की बात नहीं कर रहे। जिन्हें लाभ मिल रहा है, वो जारी रहे। लेकिन सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ अछूत जैसा व्यवहार क्यों?
वोटबैंक की जोड़-घटाव छोड़ो। नीति आयोग की रिपोर्ट “Reimagining Skills for Viksit Bharat 2047” कहती है—8.7 करोड़ युवा न पढ़ाई, न नौकरी, न ट्रेनिंग में हैं। युवाओं के रोजगार की असली चुनौती पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार और विपक्ष सीधे सवाल-जवाब करें।
जाति-आरक्षण की राजनीति छोड़कर स्किल और रोजगार पर फोकस होना चाहिए।
सामान्य वर्ग का बच्चा अछूत क्यों है?
हिंदुओं वो गलती भूल के भी मत कर देना...
कुछ हिंदुओं ने बीजेपी को सबक सिखाने के लिए कर्नाटक में कांग्रेस को वोट दे दिया..आज कर्नाटक में कांग्रेस सरकार आते ही हिंदुओं का क्या हाल है वहां के हिंदुओं से पूछना!
#AntiHindu#HinduVirodhiCongress#viralpost#trending#jaikishanahuja
अब तो आरक्षण बढ़ने वाला है, ये खत्म करने का ख्याली पुलाव कौन पका रहा है?
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण जल्द ही लागू होगा, और ये इस दशक से पहले ही लागू करवाया जाएगा। ये हमारा संवैधानिक हक है।
आरक्षण के खिलाफ बोलना बंद कीजिए। विरोधियों के लिए आगे डगर मुश्किल है!
पहली बात की मीना आदिवासी नही है क्योंकि अनेक स्थानो पर छोटे कबीलो पर इनका शासन रहा है यानि मुख्य समाज का हिस्सा रहा तो आदिवासी केसे। मुख्य आदिवासी भील गरासिये कंजर आदि का हक डकारने के लिए फर्जी आदिवासी बने है और वह समय अब दूर नही इन मूल आदिवासियो को हक मिलने का तुमे बाहर करने का
@rajputr_itihas@oprajbhar@myogioffice अबे पागल OBC में आरक्षण उसी को मिलता है जो आर्थिक रूप से कमजोर है समझे सभी नहीं मिलती है OBC में आरक्षण जैसे तुमलोगों EWS ka आरक्षण है उसी तरह यहां भी नियम है कुछ पहले पता करो बढ़िया से
@RajivPratapRudy महोदय, राजपूत समाज को एक तरफा बीजेपी को वोट आपने ही दिलवाया झूठे वादे करके अब UGC &SC,ST ACTसे हो रहे जूल्मो पर मौन क्यो हो। क्या कोई दूबारा आपका विश्वास करेका।