@FarhanIrakee वाह री @Uppolice बाइक वाला कागज दिखाए फिर भी मारते हो वही kanpur मे डमफर वाले नंबर प्लेट मे मिट्टी लगा कर खनन का काला कारोबार कर रहे है वहाँ देख ही नही पाते हो ? @myogiadityanath जी आप ही देखिये अपने प्रदेश की पुलिस वेवस्था।
सत्यमेव जयते !
मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है।
हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी।
केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?
"हमारी संस्कृति मिली जुली है, हम मिल कर रहे हैं। हमारी परंपरा एक दूसरे से जुड़ी हुई है। यह लोग केवल नफरत की राजनीति कर रहे हैं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, आजमगढ़
बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह निर्दोष भी तो हो सकते हैं। दोषी भी हो सकते हैं। उनका दोषी होना आंदोलन स�� या इमोशनल ड्रामे से नहीं तय होना चाहिए। सड़कों वाला ये ख़तरनाक तरीक़ा है। बेहद ख़तरनाक।
उन पर FIR है। पुलिस और कोर्ट समयबद्ध जाँच और न्याय क्यों नहीं करती? ऐसे मामले सड़क पर आंदोलन के ज़रिए तय होने लगे तो अराजकता फैल जाएगी। भीड़ का न्याय ख़तरनाक हो सकता है।
आज किसी के खिलाफ होगा तो कल आपके ख़िलाफ़ भी हो सकता है।
न्यायपालिका की सुस्ती बहुत बड़ी बीमारी है। किसी को भरोसा ही नहीं है कि जो एफ़आइआर बृजभूषण पर हुई है, उसमें समय पर न्याय हो पाएगा। सबको डर है कि ये केस भी 5 करोड़ पेंडिंग केस की लिस्ट में शामिल हो जाएगा और 20 साल तक टंगा रहेगा।
न्यायपालिका के प्रमुख के नाते चंद्रचूड़ कुछ करते क्यों नहीं। उनके सिर्फ़ सुंदर प्रवचनों का ��ब्लिक क्या करे?
खेल समझिये!
कर्नाटक में मोदीजी की करारी हार होती है, हार की जिम्मेदारी तय नही होती न गोदी मीडिया पर इसकी चर्चा
एकाएक मोदीजी ��िदेश फुर्र से उड़ जाते है और वही खेल शुरू हो जाता है महिमामंडन का, इसबार पैर वैर छूना कुछ ज्यादा हो गया क्योंकि कर्नाटक करारी हार से डेंट भी गहरा लगा था
उधर से महामानव लौटे तो सेंगोल सेन्गोल की कथा और नौटंकी रची गई, फिर उसे लाया गया फिर नये संसद का आनन फानन में उद्घाटन किया गया जिसमे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तक को बुलाया नही गया
क्योंकि कर्नाटक की करारी हार ने कांग्रेस को मजबूत और महामानव क��� इमेज की धज्जिया उड़ा दी थी, उसे पुन: चमकाना था, ये दिखाना था कि मोदी ही सबकुछ है अभी भी शक्तिशाली व सर्वमान्य है।
टीवी पर आपने जो देखा वो महामानव की रंगाई पुताई योजना थी, पूरा मशीनरी 24×7 इसी मे खाता है भारत का पूरा संसाधन एक आदमी की दाढ़ी चमकाने पर खर्च हो रहा बाकी आप समझदार ह��। टीवी देखते रहिये और घूमफिर कर मूर्ख बनते रहिये वो भी एक ही आदमी से बार बार।
"पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर जोड़ने वाली सड़क 90 किलोमीटर की है। सोचो क्या लागत होगी उसकी? 100 करोड़, 200 करोड़, 300 करोड़, 500 करोड़, 1000 करोड़, 1500 करोड़, 2000 करोड़, 3000 करोड़। सोचिए गोरखधंधा कैसा चल रहा है, 90 किलोमीटर की सड़क 6000 करोड़ रुपए में बना रहे हैं।"
-माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
Modi जी ने साबित किया-
वो एक तानाशाह हैं, लोकतंत्र-संविधान नहीं मानते।
SC ने फैसला दिया कि केजरीवाल सरकार के पास Transfer posting का अधिकार है
मोदी जी ने अध्यादेश के जरिये SC का फ़ैसला पलट दिया
मोदी जी, केजरीवाल से इतना क्यों डरते हैं?
- @SanjayAzadSln
कर्नाटक चुनाव भले कांग्रेस जीत गई लेकिन कई सबाल अब भी बिजली की तरह कौंध रही है:
1) क्या सच में कर्नाटक में भाजपा को कांग्रेस ने हराया या खुद हारी?
2) RSS, RAW, IB और अन्य इंटेलिजेंस ऐजेंसियो ने हार की भनक मोदी शाह को नही दी होगी?
3) भाजपा व RSS हर चुनाव में जमीनी हकीकत की जानकारी के लिए सर्वे करती है तो क्या इसबार नही की?
4) हर चुनाव में एजिक्ट ���ोल में भाजपा को जीतते दिखाया जाता था लेकिन इसबार कांग्रेस को शुरू से जीतते दिखाया गया
5) कर्नाटक चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़ा गया और अगर इतनी बड़ी हार हुई तो भाजपा में अब तक आपातकालीन बैठक या मंथन क्यो नही?
6) परिणाम के तुरंत बाद ही भाजपा पोषित पूरी गोदी मीडिया व उनके ऐंकर EVM के बारे में कहने लगे कि अब EVM हैक के बारे मे आरोप मत लगाना, क्या अब EVM हैक नही हुआ? ऐसा 2 दिनो तक चलता रहा।
इन सब बातो से पता चलत�� है कि भाजपा ये चुनाव जानबूझकर कर हारी है और अभी एक दो चुनाव और हारेगी और गोदी मीडिया के द्वारा फैलाया जायेगा कि EVM हैक होती तो विपक्ष जीतता?
और विपक्ष भी मान लेना कि EVM वगैरह हैक नही होता, बदले नही जाते और मोदी शाह भाजपा 2024 के चुनाव में खेल कर देगी
वैसे भी कर्नाटक जैसे राज्य हारने से मोदी शाह या भाजपा पर क्या फर्क पड़ेगा? अगर राजस्थान, छत्तीसगढ और तेलंगाना भी हार जाये तो क्या फर्क पड़ेगा?
फर्क तब पड़ेगा जब केन्द्र में हारेगा, लोकसभा चुनाव हारेगा। इस बात को मोदी शाह भाजपा और RSS अच्छी तरह जानते है कि लोकसभा हारते ही उनका सीधा जेल जाने का रास्ता है और इसलिए वे इसे किसी किमत मे हारना नही चाहेंगे
वैसे भी उनके पास एक ऑप्शन तो हमेशा खुला रहता है कभी भी ED, CBI की मदद से दबाव बनाकर व करोड़ो मे विधायक खरीदकर सरकार बनाना
आपको याद है 2018 में कांग्रेस जेडीएस की सरकार बनी थी उसे 2019 के लोकसभा चुनाव जीतते ��ी कैसे गिराकर, विधायक खरीदकर भाजपा की सरकार बनी?
2019 के लोकसभा चुनाव मे तेजस्वी यादव व अखिलेश यादव के जनसभाओ मे खचाखच भीड़ व जनसमर्थन मिलता था, मोदीजी व भाजपा के सभाओ मे कुर्सियाँ खाली रहती थी
लेकिन जब परिणाम आया तो भाजपा ने क्लीन स्वीप कर दिया पूरे बिहार यूपी मे भाजपा लगभग सीटे जीत गयी
इसलिए विपक्ष को EVM के लिए बड़ी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है तभी निष्पक्ष चुनाव होगा और लोकतंत्र की रक्षा होग��। जय हिन्द!
@Deepakjha3130 @ModiLeDubega @laluprasadrjd पता नहीं कौन सा असर है जब कोई चु नंदन बाबा आ के सनातनी धर्म बताता है तब महामूर्ख अंडभक्त जान पाते हैं की यो हिन्दू है यो सनातनी है उसके पहले उनका धर्म उन्हे नहीं मालुम था