यह वीडियो दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल का है जहाँ सोनम वांगचुक डॉक्टरों की निगरानी में थे।
21 जुलाई को हाई कोर्ट के आदेश के बाद जब वे मेदांता अस्पताल जाने के लिए निकल रहे थे तभी सफदरजंग अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
अब दक्षिणपंथी नैरेटिव चलाया जा रहा है कि देखो, ये तो बिल्कुल फिट हैं। हाथ जेब में डालकर चल रहे हैं और अस्पताल के स्टाफ से बहस भी कर रहे हैं।
हेलो @DelhiPolice,
पिंकी भैया 26 जुलाई को जंतर मंतर आ रहे हैं
कह रहे हैं प्रदर्शनकारियों के पिछवाड़े लाल कर देंगे।
प्लीज इसकी जांघिया खसका के पिछवाड़ा बेबी पिंक कर दो
बड़ी मेहरबानी होगी ये गुंडे खुलेआम धमकी दे रहे हैं
पहले से ही इनकी हवा निकाल दो।
छात्रों से अपील है,
कुछ गुंडों के साथ मिलकर बदतमीजी मत करना तुम्हारे बीच में ढेर सारे गुंडे घुस चुके हैं ये लोग तुम्हारा आंदोलन नहीं, अपना खेल खेल रहे हैं।
एक गलती की तो पूरा छात्र आंदोलन देशद्रोही ठहर जाएगा होश में आओ, इन गुंडों को बाहर निकालो वरना कल तुम भी इनके साथ डूबोगे।
•पेपर लीक जैसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर केस चलाना अपने आप में बड़ा फैसला है, निर्भया कांड जैसे मामलों में भी सरकार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से बड़ी सफ़लता मिली थी,
•बिना जिम्मेदारी और जवाबदेही तय किए, अनावश्यक मीडिया ट्रायल से और कोर्ट के दखल के बिना, दोषी बच के निकल जायेंगे,
•सबसे पहले दोषियों की पहचान हो, उसके बाद उनपर कठोर कार्यवाही हो,
•अधिकारियों के लिप्त पाए जाने पर उनको तत्काल टर्मिनेट किया जाये,
•प्राइवेट कंपनीज के दोषी पाए जाने पर ,कंपनी के डायरेक्टर, को डायरेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही ,कंपनी ब्लैकलिस्ट हो और भविष्य में इन डायरेक्टर,उनसे जुड़े लोगों और इनसे जुड़ी नयी कंपनी को किसी भी प्रकार के टेन्डर ना मिले,
•फास्ट ट्रैक कोर्ट में केंद्रीय परीक्षाओं के अलावा राज्य स्तरीय पेपर लीक मामलों को भी सुना जाये,
•तमाम नकल माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही हो
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.
Those who try to harm the future of our youth will not be spared.
देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अभी तो लाठी से ही इतना बवाल मचा है अगर RAF वाला एक गोली पैर में जमा देता तो,
जंतर मंतर से अस्पताल तक और इंस्टा से रेडिट तक F**k Democracy ट्रेंड कर रहा होता।
ये व्यक्ति पत्रकारों के खिलाफ भीड़ को “लिचिंग” के लिये भड़का रहा है.
एक पॉलिटिकल पार्टी की राजनीतिक यात्रा में हिस्सा लेकर अपनी पत्रकारिता बेच देने वाला शख़्स पत्रकारिता सिखाने में लगा हुआ है.
एक दौर था जब कश्मीर में रिपोर्टिंग करने पर हम जैसे पत्रकारों को कहा जाता - इंडियन मीडिया गो बैक, हमें धमकी दी जाती , हमारा माइक तोड़ दिया जाता था. उस समय हम लाचार होकर अपनी जगह बदल लेते थे, लेकिन काम करना नहीं छोड़ा.
( मैं सभी की बात नहीं कर रही, मुट्ठीभर कुछ लोग )
आज भी एक वर्ग की मानसिकता वही है,
लेकिन उनके शब्द बदल गए हैं.
जाहिलों की उस तादाद से हम तब भी लड़े थे,
जाहिलों की इस तादाद से अब भी लड़ेंगे…
पटना में आने जाने के लिए आए दिन पुल बनाना,रिंग रोड बनाना, एक्सप्रेस वे बनाना महंगा पड़ रहा था,
अब एक छोटी टनल बना के चेक किया जा रहा है कि आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जाया सकता है कि नहीं!!