मध्य प्रदेश में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। प्रदेश नशीले पदार्थों की फैक्ट्रियों और तस्करी का अड्डा बनता जा रहा है। जिस पुलिस के ऊपर इस पर अंकुश लगाने का जिम्मा है वह ख़ुद फ़र्जीवाड़े में लिप्त है।
इस साल 28 जनवरी को अगर मालवा पुलिस ने दावा किया था कि उसने राजस्थान के सीमावर्ती गांव से नशीले
पदार्थों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। करीब 100 लोगों की पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की थी।
लेकिन अब राजस्थान की अदालत ने जांच के बाद पुलिस कार्रवाई को संदिग्ध पाया है और 2 टी आई सहित करीब 90 पुलिसवालों के खिलाफ FIR करने का आदेश दिया है।
यह अपनी तरह का अनोखा मामला है जहाँ इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश की पुलिस पर दूसरे राज्य में FIR दर्ज की गई हो।
इससे समझ आता है कि भाजपा सरकार न तो नशे के रैकेट को ध्वस्त कर पा रही है और न भ्रष्ट अधिकारियों पर अंकुश लगा पा रही है। नशीले पदार्थों की तस्करी में बेकसूर लोगों को फंसाया जा रहा है और असली तस्कर नशे का कारोबार कर रहे हैं।