आसमान पर नज़र उठा कर पूँछा उन्होंने,
देखो कितने तारे टूट रहे है!
सुनो! इसमें सितारा कौन सा है?
एक खामोश समंदर, एक सजाई हुई कश्ती, ,
झील सी बहती आँखें उनकी,
पूँछ रही है किनारा कौन सा है?
क़ैद है आईने में कई ख्वाब,
बंदिशे लगी हो जिसमे,
वो ख्वाब तुम्हारा कौन सा है?
सहारनपुर में KGBV स्टेट स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में भाग लेने पहुंची शाहजहांपुर की बालिकाओं को खेलने का मौका नहीं दिया गया,छात्राओं का मनोबल टूट गया है।मामले की निष्पक्ष जांच कर बच्चों को न्याय दिया जाए।
@BSA_SAHARANPUR @BasicShikshaGoU @DMSaharanpur @DmShahjahanpur @BShahjahanpur
नब्ज़ देख कर बता ना,ज़िदी है या ख़ानदानी ?
हकीम,जो मेरे अंदर से यह डर नहीं जाता …
उठ जाएगा यकीन माँ का उसके खुदा से,
दिल और आखें भर के मैं घर नहीं जाता ..
माँ के बटुए में देख लिया सभी का खुदा,
मैं इस लिए किसी के दर -दर नहीं जाता…
रक़ीब की ख़्वाइशों का पत्थर हो तुम ,
फिर क्यों आंखों से सैलाब बहाने आ जाते हो।
हिज़्र का वादा किया था तुमने,
पर तुम हो कि घर सजाने आ जाते हो।
कोई वहम है मेरे ख्याल से तुमको,
तस्वीरों को हकीकत बताने आ जाते हो।
एक तरफ टूटे हुए तारे भेज रहा है आसमां,
और हम दुआओं का भरम देख रहे है..
इस जलते हुए शहर को छोड़ा नहीं हमने,
हैरत से हम ये सितम देख रहे है..
हालात पर लिखना है, पर लिखें तो लिखें क्या!
कागज़ लिए बैठे है और कलम देख रहे है..
हमारे ख़्वाबों में कोई लौट आता होगा,
यकीनन हक़ीक़त का कोई अफसाना रहा होगा..
ढूढ़ती है तस्वीर, अपना आधा चेहरा,
जरूर कोई अपना निशाना रहा होगा..
आंखे थक गई है, आंसुओं पर चलते हुए,
चार दीवारी में क़ैद रोशनी और
अँधेरे में ज़माना रहा होगा...
My email : [email protected] echo dot accept all the command except music ones..
Please try to resolve issue..
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Yet no resolution has been provided.
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I am prime member as well.
Issue : I am unable to fetch skills for music sin alexa app and not able to play music in echo dot via command.
देखते है फकत तमाशे लोग,
दुनिया वो समंदर है,
जिसका किनारा कोई नहीं...
यहां सभी की कश्ती सलामत है,
पर डूबते हुए तिनके को,
सहारा कोई नहीं...
पूंछा जो मैंने,कोई तो होगा मेरी तरफ,
एक शख्स उठा,और उठ के पुकारा,
तुम्हारा कोई नहीं...
हमने रखी थी हल्की सी मोहब्बत तराजू पर,
वफ़ा के दो आंसू छलके,
और कहानी,
अब बांटों की हो गई है।
खुशबू जो पहले फूलों की हुआ करती थी,
मुरझाते ही,
अब काँटों की हो गई है।।
ये कौन सी तस्वीरें है?
जिन पर मालाएं भी पहनाई गई!
ये कैसी उदासी पाई गई?
एक इश्क़ था,एक फूल था।
दरख़्त पर लटके हुए थे दोनों।
मोहब्बत लाश बन कर मिट्टी में दफनाई गई।।
तूम मेरी तस्वीर में सदाएं टांग लेना,
मैं तुम्हारे ख्वाबों की सीड़ियाँ चढ़ लूंगा।
तुम मेरे लिए मंदिर में दुआएं मांग लेना,
मैं तुम्हारे हिस्से की नमाज़ पढ़ लूंगा।।
शोर करते है सवाल, ख़ामोश होते है जवाब,
मगर एक कड़वा सच समझ के पी जाता हूँ मैं।
है मालूम हमको झूठे होते है ख़्वाब,
मगर आंखे बंद करते ही जी जाता हूँ मैं।।