'संघ शताब्दी'
विजयादशमी उत्सव डीसा नगर २०२५!🚩
“‘आंधी क्या है, तूफान मिले, चाहे जितने व्यवधान मिले, बढ़ना ही अपना काम है…’ यह संघ गीत प्रत्यक्ष रूप से साकार हुआ। बारिश भी संघ स्वयंसेवकों के उत्साह को रोक नहीं सकी।”
#राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ#RSS100Years
Hello @HDFC_Bank
कौन है ये आपकी बद्तमीज कर्मचारी
इसकी बेहूदी जाहिल औरत की हिम्मत कैसे हुईं
सेना के जवान से इतनी घटिया भाषा में बात करने की
सेना से प्यार करने वाला हर व्यक्ति साथ दे
इस औरत की नौकरी का श्राद करवा के ही रुकना है
सेना का अपमान -- नहीं सहेगा हिंदुस्तान ✊
બનાસકાંઠા જિલ્લામાં ભારે વરસાદની પરિસ્થિતિને ધ્યાનમાં લેતા, જિલ્લાના તમામ આંગણવાડી, શાળાઓ, કોલેજો તથા શૈક્ષણિક પ્રવૃત્તિઓ આવતીકાલે તા. 8 સપ્ટેમ્બર, 2025ના રોજ બંધ રાખવાનો નિર્ણય લેવાયો છે.
@infobanaskantha@InfoGujarat
जब कृष्ण अंतिम कोशिश के रूप में शांति संधि के लिए हस्तिनापुर जा रहे थे तो द्रोपदी ने बड़ी ही व्याकुलता से कृष्ण से पूछा था कि "केशव, तो अब युद्ध नहीं होगा" !!
कृष्ण ने उस समय द्रोपदी से कहा था," तुम मुझ से ज्यादा दुर्योधन पर विश्वास रखो, वो मेरी हर कोशिश को नाकाम कर देगा"
बहुत ही बड़ी खबर!
गर्व करिए भारत के अपने एयर डिफेंस सिस्टम पर।
भारत का एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान के ड्रोन के परखच्चे उड़ा रहा है।
ये वीडियो देखिए कैसे जम्मू में इंडियन एयर फोर्स पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
नीलम झेलम के पास अफरातफरी!
पावर प्लांट में काम कर रहे लोगों को जल्द से जल्द बंकर में शिफ़्ट किया जा रहा है।
हमले के डर से पूरे पाकिस्तान में अफरातफरी का माहौल है।
'मेरी परदादी ने रानी लक्ष्मीबाई के साथ रहकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे
डंके की चोट पर पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' की पूरी जानकारी दुनिया को भारतीय सेना की जिस महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने दी थीं, वो कोई आम योद्धा नहीं हैं
कर्नल सोफिया के परिवार का नाता देश की महान क्रांतिकारी रानी लक्ष्मी बाई से रह चुका है।
कर्नल सोफिया की परदादी रानी लक्ष्मीबाई के साथ रहती थीं।
वही रानी लक्ष्मीबाई, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे।
ये बातें खुद सोफिया कुरैशी ने एक इंटरव्यू के दौरान कही हैं।
खान सर का बड़ा बयान!
कुछ लोग कह रहे हैं आतंकवाद का धर्म नहीं होता।
आतंकियों ने लोगों से कलमा पढ़ने को कहा था,
तो ये बताईये कलमा किस मजहब के लोग पढ़ते हैं?
इतने पर भी कुछ लोगों की आंखें नहीं खुल रही!
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में आयोजित मानवता का 'महायज्ञ', आस्था, एकता और समता का महापर्व महाकुम्भ-2025, प्रयागराज आज महाशिवरात्रि के पवित्र स्नान के साथ ही अपनी पूर्णाहुति की ओर अग्रसर है।
13 जनवरी, पौष पूर्णिमा से प्रारंभ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में आज 26 फरवरी, महाशिवरात्रि की तिथि तक कुल 45 दिवसों में 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। विश्व इतिहास में यह अभूतपूर्व है-अविस्मरणीय है।
पूज्य अखाड़ों, साधु-संतों, महामंडलेश्वरों एवं धर्माचार्यों के पुण्य आशीर्वाद का ही प्रतिफल है कि समरसता का यह महासमागम दिव्य और भव्य बनकर सकल विश्व को एकता का संदेश दे रहा है।
इस सिद्धि के सूत्रधार सभी गणमान्य जनों, देश-विदेश से पधारे सभी श्रद्धालुओं तथा कल्पवासियों का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार।
महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के कर्णधार रहे महाकुम्भ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, गंगा दूतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुम्भ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों सहित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी महानुभावों व संस्थाओं को साधुवाद। विशेष रूप से प्रयागराज वासियों का धन्यवाद, जिनके धैर्य एवं आतिथ्य सत्कार ने सबको सम्मोहित किया।
माँ गंगा, भगवान बेनी माधव आप सबका कल्याण करें।