सुनो-
न #चाहत का जोर
चलता है
न जुनून का.!
जब
गुरुर अदाओं को
स्वार्थ की
आशाओं से भर दे.!!
न #चाहत मजबूर
होती है
न प्यार.!
जब
हिम्मत और संघर्ष की
महक से
महक उठता है दिल.!!
इसलिए
अब तुम पर है
#चाहत की महक मे
हम बनके जिए
या
इसी तरह
मैं और तुम.!!
#मोहनलाल_भया#बज़्म