कई जगह का मंदिर प्रबंधन भगवान को अपने बाप की जायजाद समझता है, तो कहीं सुरक्षाकर्मियों के नाम पर सड़क छाप टपोरियों को लगा रखा है।
श्रद्धालुओं से बदसलूकी करने से लेकर बेदम पीटने तक की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है।
यही हाल रहा तो लोग मंदिरों से दूरी बना लेंगे।
विडंबना यह है कि यदि आप V. I. P. नहीं है तो आपको इन्हें देखने का भी अधिकार नहीं
मेरा मानना है जो लोग 10 घंटे तक लाइन में लग सकते हैं वह 10 मिनट और भी लाइन में लगा सकते हैं लेकिन इस तरह भगाना उचित नहीं,,!!