Many many thanks Sir. Journalists of the State are obliged to you.Your govt is going to complete two years.But Promises made to the journalists are yet to be fulfilled. kindly have a look.
On World Press Freedom Day, I extend my greetings to the media fraternity.
A free and responsible press is vital to democracy. We remain committed to upholding press freedom and supporting truthful, fearless journalism.
Smt. Justice Ranjana Prakash Desai has assumed charge as Chairperson, Press Council of India on 24th April 2026 after being nominated for 2nd term.
#presscouncilofindia#pressrelease
प्रेस विज्ञप्ति
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@NUJIndia और @DjaNuji
ने प्रख्यात पत्रकार और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बल��ीर पुंज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से पत्रकारिता जगत और सार्वजनिक जीवन दोनों को एक बड़ी क्षति हुई है।
देशभर से एनयूजेआई और डीजेए के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पत्रकारिता और राष्ट्रीय विमर्श में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया।
एनयूजेआई के अध्यक्ष श्री रास बिहारी ��े कहा, “श्री बलबीर पुंज एनयूजेआई और डीजेए परिवार के लोकप्रिय और सम्मानित सदस्य थे। उन्होंने 1993 से 1995 तक एनयूजेआई के महासचिव के रूप में कार्य किया और 1989 से 1991 के बीच लगातार दो कार्यकाल तक दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। हमने एक मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक को खो दिया है।”
डीजेए के अध्यक्ष श्री राकेश थपलियाल और महासचिव श्री प्रमोद कुमार सिंह ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “श्री पुंज एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने पत्रकारिता के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी अधिकार और गरिमा के साथ अपनी पहचान बनाई। अपने विशिष्ट पत्रकारिता करियर के अलावा, वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपाध्यक्ष और राज्यसभा के पूर्व सदस्य भी रहे।”
श्री बलबीर पुंज के निधन से ईमानदारी, समर्पण और मीडिया तथा सार्वजनिक जीवन के प्रति सेवा की एक विरासत पीछे रह ��ई है।
श्री बलबीर पुंज का निधन शनिवार शाम को हुआ। उनके निधन के साथ पत्रकारिता, राजनीति और सार्वजनिक नीति में फैला उनका लंबा सार्वजनिक जीवन समाप्त हो गया।
श्री पुंज को भाजपा के वरिष्ठ बौद्धिक चेहरों में से एक माना जाता था और उन्होंने राज्यसभा में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर बहसों में सक्रिय भागीदारी की। वर्षों के दौरान, उन्होंने एक स्तंभकार, टिप्पणीकार और सार्वजनिक चिंतक के रूप में प्रतिष्ठा हासिल की, और राजनीतिक तथा मीडिया दोनों क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
सक्रिय राजनीति में आने से पहले, श्री पुंज का पत्रकारिता में लंबा करियर रहा। उन्होंने 1971 में ‘द मदरलैंड’ से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की और बाद में 1974 में ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ से जुड़े, जहां उन्होंने 1996 तक दो दशकों से अधिक समय तक काम किया। इसके बाद वे मई 1996 से मार्च 2000 तक ‘द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉल��टिक्स’ के कार्यकारी संपादक रहे।
@CMO_Odisha Sir, I am extremely sorry as your govt is not taking any interest in fulfilling genuine demands of Journalists including Pension and Protection in spite of several reminders by OUJ. Still we are expecting an announcement before the end of the current session.
@DGPOdisha Sir, Journalist Santanu kumar Bhukta,Prarajang(Dhenkanal) Reporter of Samaj was critically assaulted by unidentified persons in Talcher area.Surprisingly no arrest has been made even after five days of such an grave offence. OUJ demands prompt and strong action.
@suramapadhybjp Respected Speaker Madam.Entering into Assembly lobby is a prestige issue for journalists.This practice is being followed from the very beginning.During COVID Period it was restricted.But attempt should not be made to totally abolish the system.