अगर इसको बैठाकर पूछ लेते कि वो फ्रैंड कौन है जिसने गोली चलाई तो अच्छा होता है वो क्या है कि हमें प्रशासन पर भरोसा है इसलिए कह रहे हैं,दिल मत दुखाइएगा। इसने भी कैमरे पर कबूल कर लिया है, उम्मीद है कार्यवाही होगी।
@bulandshahrpol
बहुजनों की मांग देश की मांग होनी चाहिए-
ऑपरेशन सिंदूर में अपनी अदम्य साहस दिखाने वाली रविदास की बेटी "विंग कमांडर व्योमिका सिंह" और मुस्लिम समाज से आने वाली "सोफिया कुरैशी" को इस 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन दोनों बहुजन बेटियों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाए।
अम्बेडकर और पेरियार के साउथ में सच्चे प्रहरी तमिलनाडु के नए CM @TVKVijayHQ को अवतरण दिवस की ढेरों धम्मकनायें।
मुख्यमंत्री विजय तमिलनाडु के जनता के साथ साथ मेरा भी कल्याण कर दिया है।
अब 5 साल के लिए कुछ सोचना नही है।
विजय के बाद जूनियर NTR , रामचरण और सूर्या शिवकुमार से उम्मीद है।
"मायावती दीदी जी के राज में जमीन के पट्टा मिलता था...
Dhamm bharat TV यूपी के पूर्वांचल में ग्राउंड रिपोर्ट कर रहा है,जमीनी स्तर पर सच मे किसी ने दलितों के लिए कार्य किया वह एकमात्र नेता बहन जी है ।। पूरा वीडियो Dhamma Bharat TV पर देखें @Voiceofpavan@raviadi7793@jitu_rajoriya
भाजपा महिला नेता हुई सांसद चन्द्रशेखर आजाद कि फैन और कहा चन्द्रशेखर आजाद मेरी जान है समाज कि लड़ाई लड़ता है और समाज कि धड़कन है
#आजाद_समाज_पार्टी#भीम_आर्मी
लरचट्ट यादव पोल खोल जारी......
लरचट्ट यादव अम्बेडकर जी के पीछे छिपकर अहिरवाद कर रहा है। इसे सपा के अलावा उत्तर प्रदेश में कोई दूसरी पार्टी ही नहीं दिख रहा है।
बेटे लरचट्ट यादव आंख से अहिरौटी वाला ढोका उतारो असलियत दिख जायेगा।
लक्ष्मण यादव को गले में लाल गमछा, सर पर लाल टोपी, लगा कर मीडिया के सामने आनी चाहिए!
सपा की ड्रेस में ही लोग इनके बातों को समझेंगे,, अन्यथा लोग सवाल करते रहेंगे !
संविधान बचाते हुए लक्ष्मण यादव...
देश में तमाम झंझावतों के बीच हमारा संविधान अडिग है। बाबासाहेब का लिखा संविधान कोई नहीं बदल सकता है। न विधायिका, न न्यायपालिक और न ही कार्यपालिका। स्वयं हमारा संविधान इस बात को निर्धारित करता है।
पहले अपने आप को बचाओ बाबू, संविधान बाद में बचाना।
किताब का विमोचन करवाना हो तो @BhimArmyChief को बुलाओ। लेकिन संविधान बचाने की लड़ाई अकेले अखिलेश लड़ रहे हैं, चंद्रशेखर नहीं।
हमने पहले ही चंद्रशेखर भाई से कहा था कि इस आदमी से दूर ही रहिए। उम्मीद है अब रहेंगे।
ये आदमी सिर्फ अपनी जाति के लिए काम करता है।
लक्ष्मण यादव जी, जब संविधान बचाने के नाम पर ही
वोट-सपोर्ट करना है, तो झारखंड में हेमंत सोरेन संविधान बचा रहे थे। फिर वहां अखिलेश यादव उनका वोट काटने क्यों गए थे? क्या सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही संविधान बचाना है?
उप्र में संविधान की लड़ाई अगर कोई ईमानदारी से लड़ रहा है, तो वो हैं @BhimArmyChief चंद्रशेखर आज़ाद जी बाकी लोग सिर्फ अपनी राजनीति सेट करने में लगे है।
कुछ “इच्छाधारी नाग” बहुजनों को कहानियां सुनाकर फिर गुमराह करना चाहते हैं, लेकिन अब समाज जाग चुका है,
प्रोफेसर @DrLaxman_Yadav, इतिहास पढ़ लीजिए, BAMCEF का निर्माण मा. कांशीराम जी ने बाबा साहब डॉ आंबेडकर जी के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए किया था, किसी पाखंड का साम्राज्य खड़ा करने के लिए नहीं।
क्या लक्ष्मण यादव ने दलितों को धोखा दिया है?
लक्ष्मण यादव कह रहे हैं कि संविधान बचाने की लड़ाई अकेले सपा लड़ रही है। बसपा और चंद्रशेखर कहीं नहीं हैं।
आप वही महाशय हैं ना जो आजमगढ़ में यादव लड़की से प्रेम करने पर दलित युवक दुर्गेश की हत्या को आत्महत्या एवं संदिग्ध मौत बताते हुए लंबा-चौड़ा वीडियो बनाए थे? जबकि यादवों द्वारा दलित युवक को दी जाने वाली धमकियों एवं वीभत्स हमले के कई वीडियो भी वायरल थे। बेटे की हत्या के चलते कुछ दिन बाद दुर्गेश के पिता की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जाति का मामला आते ही आपका सारा सामाजिक न्याय कोमा में क्यों चला जाता है?
ऐसे ही, जब SC-ST उप-वर्गीकरण का मामला आया, तो आप और आपके आका लच्छेदार बातों का जलेबी बनाते हुए भाजपा के साथ खड़े रहे। मथुरा में जब आपके सजातीय यादवों ने दलित समुदाय की दो सगी बहनों की शादी में निर्मम हमला किया था, तो आपकी चालाकी पूरे समाज ने देखी थी। यहां तक कि बेटियों के पिता ने पगड़ी तक रख दी थी, लेकिन हमलावरों ने उनकी शादी तुड़वाकर ही दम लिया। उसके बाद हमने उसे राष्ट्रीय मामला बनाया और बेटियों को न्याय दिलाया। तब कहां चली गई थी आपकी संविधान बचाने वाली लड़ाई?
ये महाशय यह नहीं बताएंगे कि दलितों पर सिर्फ भाजपा के लोग ही नहीं, बल्कि स्वयं इनके सजातीय लोग भी दमन करते हैं। मुलायम सिंह यादव ने तो बाकायदा 2012 विधानसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र में लिखा था कि सपा की सरकार बनने पर SC-ST Act के तहत दर्ज हुए सभी मामलों को रिव्यू कराया जाएगा। सपा की सरकार बनने पर अखिलेश यादव सरकार ने अपनी जातीय कुंठा के चलते रिव्यू के नाम पर दलितों पर उल्टा कार्रवाई की। जांच अधिकारियों पर दबाव डालकर मामलों को प्रभावित किया एवं दलितों पर होने वाले अत्याचार को नजरअंदाज किया। लक्ष्मण यादव जी, अगर आपने मैनिफेस्टो न पढ़ा हो, तो कहिए हम आपको भेज दें। हमारे पास हार्ड कॉपी पड़ी हुई है। अपने आकाओं के पाप का कारनामा पढ़ लीजिएगा।
यह बसपा के संघर्षों का परिणाम है कि यूपी सहित समस्त देश में दलित हर रोज समता, स्वाभिमान एवं संविधान के मूल्यों के लिए लड़ रहा है। आप संविधान और भाजपा का नाम लेकर दलितों को डराना क्यों चाहते हैं? क्या दलितों ने सपा के जातिवादी आतंक का राज नहीं झेला है? मत भूलिए कि सपा के राज में दलितों का सांस लेना भी दुभर था। हमें डराइए मत। और हां, यूपी में सपा की सरकार बनने का मतलब है दलितों पर बेतहाशा दमन एवं शासन-प्रशासन का खुला पक्षपात।
खैर, मुझे लक्ष्मण से कोई शिकायत नहीं है। वह अपनी जाति के प्रति वफादार हैं। मुझे तो दलितों की समझ पर तरस आता है कि वे आज भी हीन भावना (inferiority complex) के शिकार हैं। कोई दलित उनके लिए अपना पूरा जीवन भी त्याग दे, तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता। लेकिन कोई उनसे ऊंची जाति का व्यक्ति अपना नाखून भी काट दे, तो वे उसकी महिमा गाने लगते हैं और उनके मुंह से "जय भीम" का नारा सुनते ही कपड़ा उतारकर नाचने लगते हैं। दलितों ने लक्ष्मण यादव जैसे जातिवादी इंसान को मंच, माइक, अवसर एवं शोहरत दी है। उन्हें उसकी सजा तो मिलनी ही चाहिए।
संविधान बचाने की असली लड़ाई कौन सी पार्टी लड़ रही है पहले आप इस वीडियो को देखिए जब तक हमारे समाज में ऐसे दोगले लोग रहेंगे तब तक समाज का भला नहीं हो सकता जब 14 अप्रैल को बाबा साहब की झांकी रोकी जा रही थी तब यह कहां था क्योंकि इसके ही समाज के लोग थे तब ईनके मुंह पर पट्टी लगी थी
इस लाल टोपी वाले भाड़े के प्रोफेसर को यह भी नहीं पता कि बामसेफ बाबा साहब ने नहीं मान्यवर साहब काशीराम जी ने बनाई थी दलितों के मंचों से नाम कमाने वाले आज उन्हीं के अधिकार को मारने वाली पार्टी की तारीफें कर रहे हैं क्या ये बता सकता है सपा ने कौन से संविधान बचाने वाले काम किए हैं
सीखो, कुछ इससे सीखो।
यह बन्दा बहनजी पर भड़क रहा है ओर अखिलेश को दुलार रहा है।
कारण?
सजातीय पक्ष।
यह पूरे दिन;..
"धार्मिक कर्मकांड ई मनोहर कहानियां सुनाएगा लेकिन शंकराचार्य के चरणों मे हाथ जोड़कर बैठे अखिलेश जी पर एक शब्द नही कहेगा। "
लेकिन में इसका सम्मान करता हूँ क्योंकि बन्दा अपना है इसलिए अखिलेश के प्रति कृतज्ञ है। बल्कि उससे ज्यादा जाति ई बात आने पर यादव पक्ष के साथ खड़ा मिलेगा। एक यादव परिवार ने एक चमार जाति के रेलवे कर्मचारी को केवल इसलिए मार दिया क्योंकि वो यादव परिवार की लड़कीं से प्यार करता ताज उसमे यह बन्दा कह रहा था कि खुद जहर खाया। मतलब स्थानीय पुलिस सच्चाई बता रही और यह 800 किलोमीटर दूर से बैठकर कहानी गढ़ रहा था।
फिर भी यह उन जाटवों से ज्यादा मनोबल रखता है जो बसपा की खराब हालत पर;
"अखिलेश को माईबाप बनाने में लग गए"
विकास कुमार जाटव