डियर भाजपा,
अब जो हो गया उसे जाने दीजिए। बांकीपुर की हार को हृदय से स्वीकार कीजिए और आने वाले चुनावों पर फोकस कीजिए।
यह बात सबसे अधिक भाजपा के बिहार शीर्ष नेतृत्व के लिए चिंताजनक है और सवाल भी उठाती है। यह संजय सरावगी जी की साख का भी सवाल है। खैर, शायद आप इसे नहीं समझेंगे।
मैं बस इतना ही कहूंगा कि जो हुआ उसे भूल जाइए और आगे की तैयारी में जुट जाइए। प्रशांत किशोर जैसे लोगों को और अधिक मौका मत दीजिए। मन लगाकर काम कीजिए, बिहार को बर्लिन बना दीजिए। पटना को पेरिस और दरभंगा को डबलिन बना��ए। मिथिला का विकास कीजिए। फिर देखिए, 2030 के विधानसभा चुनाव में आप 220 सीटों पर जीतेंगे। लेकिन शायद यह बात आपको समझ में ही नहीं आएगी।
प्रशांत किशोर को शुभकामनाएं दीजिए और बिहार में किसी को शिकायत का मौका मत दीजिए। खासकर हम जैसे युवाओं पर विशेष ध्यान दीजिए। जात-पात और धर्म की राजनीति कीजिए, लेकिन सवर्णों के साथ अन्याय भी मत कीजिए।
बाकी आप मेरे साथ बने रहिए। मैं हमेशा एक अच्छे सलाहकार के तौर पर बढ़िया-बढ़िया बातें लिखता रहूंगा।
धन्यवाद
नोटः फोटो में पीछे दिख रहे पहाड़ के पीछे हिमालय है, लेकिन आपको नहीं दिखेगा, ठीक वैसे ही जैसे दरभंगा एम्स है, लेकिन दिखता नहीं है।
@BJP4Bihar
हिमाचल के कुल्लू में आनी उपमंडल में शुक्रवार सुबह सवेरे एक दर्दनाक सडक़ हादसा हुआ। यहां आनी- राणाबाग-देवरी सडक़ मार्ग पर पहाड़ी से अचानक भारी चट्टानें खिसककर चलती कार ��र गिर गईं। पत्थरों की जोरदार टक्कर से वाहन अनियंत्रित होकर सीधे गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में क��र सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल है।
इंदिरा से नहीं डरते थे, भैय्या हम...💪
हम तो बच्चे थे तब इनकी दादी से नहीं डरते थे...
मैनें खुद नारे लगाए थे...👇
असम की गलियां सूनी हैं, इंदिरा गांधी खूनी हैं...
तानाशाही का रोना रोने वाले अब कहाँ छुप गए? 🤡
केरल में रैपर वेदन समेत 100 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। क्या वहां भी BJP सरकार ��ै?
'मोहब्बत की दुकान' वालों का ये दोगलापन देखिए।
सुल्तानगंज का नाम बदलने की जरूरत, यह केवल एक नाम नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का सवाल है
बिहार का सुल्तानगंज (भागलपुर) हमारे लिए केवल एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। सावन के पवित्र महीने में जब लाखों शिवभक्त कांवर यात्रा पर निकलते ह��ं, तो उनकी धार्मिक यात्रा की शुरुआत इसी पावन भूमि से होती है। यहां उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल लेकर श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।
मेरा मानना है कि इतनी महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान रखने ���ाले स्थान का नाम भी उसकी मूल संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाला होना चाहिए। सुल्तानगंज नाम का संबंध मुस्लिम शासक काल से जुड़ा हुआ माना जाता है, जबकि इस भूमि की पहचान गंगा मैया, भगवान शिव और पवित्र कांवर यात्रा से है। ऐसे में सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इस स्थान के नाम को बदलने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक स्थलों से होती है। हमारे तीर्थ स्थल केवल नक्शे पर मौजूद स्थान नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सभ्यता और आस्था के जीवंत प्रतीक हैं। जब देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने और अपनी ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो सुल्तानगंज जैसे पवित्र स्थल के नाम पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
मैं बिहार सरकार और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि सुल्तानगंज के नाम पर���वर्तन की मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करें। इस स्थान का नाम ऐसा होना चाहिए, जो इसकी धार्मिक महत्ता, उत्तरवाहिनी गंगा के महत्व और बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़े आध्यात्मिक संबंध को दर्शाए। इससे न केवल इस क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सुल्तानगंज केवल एक नाम नहीं है, यह करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र और कां���र यात्रा का प्रारंभिक पड़ाव है। इसलिए सरकार से मेरी अपील है कि इस पवित्र स्थल की पहचान के अनुरूप नामकरण पर विचार किया जाए, ताकि इसकी सनातन विरासत और गौरव को उचित सम्मान मिल सके।
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𝐔𝐧𝐦𝐚𝐭𝐜𝐡𝐞𝐝 𝐑𝐞𝐚𝐜𝐡. 𝐄𝐧𝐝𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐓𝐫𝐮𝐬𝐭. 📷
The support for PM Shri @narendramodi continues to grow across India.
Every address becomes a moment the nation follows. 📷
NTA परीक्षा में सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है। NTA परीक्षा को बेहतर बनाने, खासकर टेक्नोलॉजी के नज़रिए से और सिस्टम में संरचनात्मक सुधार के लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के मल्टी��िसिप्लिनरी ग्रुप में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी, ISRO के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, IB के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, IIT चेन्नई के डायरेक्टर वी कामकोटी, पूर्व एजुकेशन सेक्रेटरी अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं।