ये वही सरकार है, जिसके लोग ‘गर्व’ से कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। इस्तीफा हो गया है। यह सरकार को सबक़ तो है ही उन राजनेताओं और बुद्धिजीवियों को भी सबक़ है जो बंद कमरों में बैठकें करते हैं, और उम्मीद करते हैं कि उससे हालात बदल जाएंगे! बंद कमरों की ‘कांफ्रेंसेज़’ से कभी हालात बदलेंगे ही नहीं।
दिल्ली के जंतर-मंतर से लगभग 20 किलोमीटर दूर जामिया इलाके में छात्रों की निगरानी और उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। पत्रकार पूजा माथुर ने एक वीडियो शेयर करते हुए खुलासा किया है कि दिल्ली पुलिस के कुछ जवान, जिनकी वर्दी पर नेम-प्लेट तक नहीं है,
सीवान में पुलिस ने भीड़ पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से फायरिंग की गई। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे, इसके बाद 10 राउंड से अधिक सीधी फायरिंग होने की बात कही जा रही है। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई पत्थरबाजी में सीवान एसपी पूरन झा के हाथ में चोट लगी।
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नई दिल्ली: जंतर-मंतर से जामिया (अपने घर) लौट रहे पांच मुस्लिम छात्रों को पुलिस ने जामिया कॉलेज के पास हिरासत में लेकर थाने लेकर गई। इस दौरान सोशल एक्टिविस्ट ज़ेबा खान ने अपने साथियों के साथ पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और सभी छात्रों को छुड़ाया।
इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या केवल विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के कारण छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
सहारनपुर
➡गुब्बारा फोड़ने पर मासूम बच्ची से बदलसूकी
➡घर के बाहर लगा गुब्बारा बच्ची ने फोड़ दिया
➡बुजुर्ग राजू गुप्ता बच्ची को जबरन खींचता दिखा
➡रोती बिलखती रही बच्ची, आरोपी खींचता रहा
➡लोगों ने मामला शांत किया, पुलिस जांच में जुटी
➡नकुड़ थाना क्षेत्र के कस्बा अंबेहटा का मामला
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13 सवालों में समझें आंसू-गैस का साइंस: अगर एक्सपोजर हो तो ऐसे करें बचाव, न करें ये 7 गलतियां, बता रहे हैं डॉक्टर
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/F95hd5m8ly
#TearGas#HealthRisk
प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा- निहत्थे छात्रों पर ज्यादतियां भारत के लिए सबसे बड़ा कलंक है।
उत्तराखंड: ऋषिकेश में नमाज़ पढ़ रहे कुछ मुस्लिम लोगों के साथ डराने-धमकाने और जबरन पहचान पत्र (आईडी) की जांच करने का मामला सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के कुछ सदस्य एक घर में घुस गए, जहां कुछ लोग शांतिपूर्वक नमाज़ अदा कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों को डराया-धमकाया और उनकी पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की।
रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अश्वनी, अरुण, आशु, बंटी, अमित, अनूप, शिवम, सिद्धांत, शर्मा, कुलदीप समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
“बैनर नीचे कर लो वरना पूरी उम्र बेरोजगार रह जाओगे” - आदित्यनाथ ।
ये अहंकार की प्रकाष्ठा है ।
युवा कभी BJP को माफ़ नहीं करेंगे ।
इसीलिए दिनकर जी ने कहा है 👇
जब नाश मनुज पर छाता है,
पहले विवेक मर जाता है ।
Hello @DelhiPolice , the Pakistanis and Bangladeshis are marching to the national capital to create trouble at Jantar Mantar tomorrow. These soros funded agents can unleash mass violence in the national capital
"डरना नहीं है!
यह लोकतंत्र है!
Dharmendra Pradhan ने इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें है!
हम ऐसे ही नहीं मानेंगे!
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है!
लेकिन जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिलना चाहिए!
जिन पुलिस वालों ने गुंडागर्दी की, उन पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए!
और याद रखें, कॉकरोच से पंगा न ले"
~ अभिजीत दीपके
सीवान में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर असॉल्ट राइफल से फायरिंग किया!
AK-47 हो या इंसास, जैसे एसॉल्ट राइफल का इस्तेमाल पुलिस, अर्ध सैनिक बलों अथवा सेना द्वारा आतंकवादियों या हमलवार पेशेवर अपराधियों के विरुद्ध किया जाता है, प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों के विरुद्ध नहीं!
देशवासी दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल पर अचंभित हो रहे थे पर बिहार पुलिस ने तो सभी सीमाएं ही लाँघ दी। बिहार पुलिस द्वारा पहले जहानाबाद में फायरिंग की गई थी और अब तो सिवान में असॉल्ट राइफल से फायरिंग हो रही है।
सम्राट सरकार पागल हो चुकी है!
@yadavtejashwi
#NEET #Bihar #RJD
गुजरात में जहीरुद्दीन शेख की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया है।
मृतक के बेटे की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार के उस तर्क को स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम में पसलियों का टूटना सीपीआर (CPR) देने के कारण हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिरासत में मौत और चोटों के मामले में प्रथम दृष्टया संदेह होने पर निष्पक्ष जांच के लिए एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है। हालांकि, फिलहाल किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया जाएगा और मामले की जांच 'असामान्य मौत' के रूप में की जाएगी।
अदालत ने एसआईटी को तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्थानीय पुलिस आयुक्त को याचिकाकर्ता और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है।
36 तोपों की सलामी @DelhiPolice . होटेलों के पैकिंग से आप उन होटेलों तक पहुंच रहे हैं. धमका रहे हैं? ये क्या सोच है? क्या जवाब है Indian Express की इस रिपोर्ट का? क्या इंसानियत मर गई है बिल्कुल?
पेपर लीक पर सख्त कानून की चर्चा के बीच यूपी में NDA के दो सहयोगी दलों के विधायक खुद पेपर लीक के मामलों में आरोपी हैं। सुभासपा विधायक बेदीराम और निषाद पार्टी विधायक विपुल दुबे का नाम 2006 के रेलवे ग्रुप-D पेपर लीक मामले में सामने आया था, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। बेदीराम के खिलाफ रेलवे भर्ती, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और पुलिस भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मामले बताए जाते हैं। विपुल दुबे पर गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज है। कोर्ट में इनके ट्रायल लटके हुए हैं। कानूनी दांवपेंच का इस्तेमाल करके ट्रायल तक नहीं होने दे रहे हैं।