उत्तर पूर्वी दिल्ली थाना दयालपुर में 'खाकी' की मेहरबानी से सजती है आधी रात को अवैध 'मंडी'
बृजपुरी से बाबू नगर तक नियमों की उड़ रही धज्जियां; रिश्वतखोरी, अवैध पार्किंग और नशे के काले कारोबार से लोग त्रस्त,,,
संवाददाता:- संध्या सक्सेना (दिल्ली रोशन)
उत्तर पूर्वी दिल्ली: एक तरफ उत्तर पूर्वी दिल्ली के डीसीपी (DCP) राहुल अलवल अपराध और अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हैं कि रात 11 से 12 बजे तक सभी बाजार और दुकानें अनिवार्य रूप से बंद हो जाएं। लेकिन दूसरी ओर, दयालपुर थाना पुलिस की सरपरस्ती में बृजपुरी से लेकर बाबू नगर तक नियमों और आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है।
रात 12 बजे के बाद शुरू होता है 'खास मेहरबानी' का मेला,,
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बृजपुरी मेन रोड (बृजपुरी पुलिया से लेकर बाबू नगर DRP पब्लिक स्कूल तक) पर रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक दुकानें, होटल और अवैध ठेले सरेआम सजते हैं। सड़कों पर बेतरतीब खड़े व्यावसायिक वाहन, दोपहिया गाड़ियां और हजारों की बेकाबू भीड़ के कारण पूरी रात भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है।
कूड़ा खत्ता बना अवैध पार्किंग और संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा,,,
पुराना मुस्तफाबाद गली नंबर 14 (मानसिंह नगर) स्थित कूड़ा खत्ते के बड़े खाली मैदान में आधी रात के बाद कबाड़, इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल्स स्क्रैप से लदे बड़े-बड़े टैंकर, छोटा हाथी, पिकअप और बोलेरो जैसे व्यावसायिक वाहन अवैध रूप से खड़े कर दिए जाते हैं।
सवाल उठता है— आखिर किस ‘अदृश्य हाथ’ की सह और किसके ‘आशीर्वाद’ से बिना किसी प्रशासनिक परमिशन के यह अवैध पार्किंग चल रही है? क्या स्थानीय पुलिस को अपनी नाक के नीचे पनपता यह अवैध कारोबार दिखाई नहीं देता या फिर हफ्ता वसूली का चश्मा पुलिस की आंखों पर चढ़ा हुआ है?
सूत्रों का तो यह भी दावा है कि रात में सजने वाले इस अवैध बाजार और पार्किंग की आड़ में स्मैक तथा गांजे जैसे घातक नशे का काला कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जो क्षेत्र के युवाओं को गर्त में धकेल रहा है।
गश्त और 112 PCR की भूमिका पर गंभीर सवाल,,,,
हैरानी की बात यह है कि बीट अफसर, नाइट पेट्रोलिंग पर तैनात पुलिसकर्मी और 112 पीसीआर (PCR) की गाड़ियां पूरी रात इसी मुख्य मार्ग से सायरन बजाते हुए गुजरती हैं। लेकिन इस खुलेआम चल रही अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और भीषण जाम पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है।
ईमानदार और सख्त छवि वाले डीसीपी राहुल अलवल के स्पष्ट आदेशों के बावजूद दयालपुर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था का ऐसा मखौल उड़ना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि उच्च अधिकारी इस मामले का तुरंत संज्ञान लें और अवैध पार्किंग व मंडी चलवाने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और आरोपियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई करें।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@HMOIndia@rashtrapatibhvn@CMODelhi@LtGovDelhi@gupta_rekha@ManojTiwariMP@MCD_Delhi@CPDelhi@DelhiPolice@DCPNEastDelhi@Acpgokalpuri@DayalpurSho@Ravindra_IPS@CrimeBranchDP@MCDdelhi@NGTIndia@DMNorthEast1@SdmNorth
एनजीटी और सरकार के आदेशों को ठेंगा: DND फ्लाईओवर के नीचे 'खूनी मांझे' का खुलेआम मेला, 96 टीमों का अवैध काइट टूर्नामेंट!👆👆👆👆
संवाददाता:- संध्या सक्सेना,
दिल्ली रोशन हिंदी दैनिक समाचार पत्र,👇👇👇👇👇👇
प्रशासन की नाक के नीचे मौत का 'पेच': क्या बीट अफसरों और स्थानीय पुलिस की शह पर रचा जा रहा है हादसों का यह पूरा खेल?
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में जहां नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और दिल्ली सरकार ने इंसानी जिंदगियों, पशु-पक्षियों तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जानलेवा चीनी व अन्य धारदार मांझों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, वहीं पुलिस प्रशासन की सुस्ती और अनदेखी के चलते कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दिल्ली के सबसे व्यस्ततम और हाई-स्पीड कॉरिडोर्स में से एक, सराय काले खां स्थित DND फ्लाईओवर के ठीक नीचे बड़े पैमाने पर एक अवैध 'लोकल काइट फ्लाइंग टूर्नामेंट' (Local Kite Tournament) का ताना-बाना बुना जा चुका है।
96 टीमें, लाखों के इनाम और सरेआम नियमों का उल्लंघन
प्राप्त जानकारी और पोस्टरों के अनुसार, यह पूरा आयोजन 'दिल्ली काइट फ्लायर्स सोसाइटी' (Regd. No. S 117 2026) नामक संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट की समय-सीमा 5 अक्टूबर से 10 नवंबर तय की गई है।
आयोजकों ने इस प्रतियोगिता के लिए भारी-भरकम इनामी राशि का ऐलान किया है:
* प्रथम पुरस्कार: ₹31,000 + कप
* द्वितीय पुरस्कार: ₹15,000 + कप
* तृतीय पुरस्कार: ₹5,100 + कप
* चतुर्थ पुरस्कार: ₹3,100 + कप
* बेस्ट प्लेयर: ₹2,100 + ट्रॉफी
* नौशेरेवा (Nosherewa): ₹1,100 नकद,
इस घातक खेल में हिस्सा लेने के लिए प्रति टीम ₹1,100 की एंट्री फीस वसूली गई है और कुल 96 टीमों को इस अवैध जाल में उतारा गया है।
नियम-पुस्तिका की आड़ में मौत का सामान: 500 से 1200 गज तक डोर से पेच लड़ाने की तैयारी
आयोजकों द्वारा जारी 'नियम और निर्देशों' के अनुसार, रोज सुबह 11 बजे से DND पुल के नीचे मैदान में मैच का आयोजन होना है। इस टूर्नामेंट में 500 गज से लेकर 1200 गज तक लंबी डोर (पेच) लड़ाने के कड़े नियम बनाए गए हैं।
प्रतियोगिता के इस पूरे प्रबंधन की कमान संस्था के पदाधिकारियों के हाथों में है:
* अध्यक्ष: हाजी जावेद भाई
* उपाध्यक्ष: हाजी सुल्तान
* उपाध्यक्ष: आरिफ भाई उर्फ चम्मा भाई
* महामंत्री: शानुद्दीन घोसी
* संयुक्त सचिव: आफताब भाई
* खजांची व सदस्य: राजबीर भाई, धनेश सोनी एवं लव
हादसों को न्योता: कौन लेगा इन जानलेवा खतरों की जिम्मेदारी?
DND फ्लाईओवर दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन है। इसके ठीक नीचे और यमुना खादर के संवेदनशील इलाकों में ऐसा आयोजन सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है:
* वाहन चालकों और राहगीरों के लिए सीधा काल: हाईवे पर तेज रफ्तार में गुजरते दोपहिया वाहन चालकों के गले में जरा सा मांझा उलझने का मतलब है सीधे मौत को बुलावा देना। 1200 गज लंबी डोर कटकर जब हाईवे पर गिरेगी, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
* बेजुबान पक्षियों का कत्लगाह: यमुना तटीय इलाका हजारों देशी और प्रवासी पक्षियों का बसेरा है। कटकर पेड़-पौधों में उलझने वाले मांझों के जाल में फंसकर हर दिन बेजुबान पक्षी तड़प-तड़पकर अपनी जान गंवाते हैं।
* पर्यावरण का भयानक विनाश: नायलॉन, ग्लास-कोटेड और केमिकल मांझा मिट्टी तथा पानी में कभी नष्ट नहीं होता, जो यमुना के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए जहर के समान है।
पुलिस प्रशासन और बीट अफसरों की भूमिका पर कड़े सवाल!
यह इलाका मुख्य रूप से थाना सनलाइट कॉलोनी (दक्षिण-पूर्वी जिला) और थाना मयूर विहार (पूर्वी जिला) की सीमा के अंतर्गत आता है। सार्वजनिक रूप से पोस्टर, पर्चे और सोशल मीडिया पर 96 टीमों के इस बड़े आयोजन का प्रचार-प्रसार हो रहा है, फिर भी स्थानीय पुलिस की 'रहस्यमयी चुप्पी' प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है:
* क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह सो चुकी है? क्या पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम एनजीटी और दिल्ली सरकार के प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं?
* बीट अफसरों की क्या भूमिका है? जिस इलाके में परिंदा भी पर मारता है तो बीट कांस्टेबल को खबर होती है, वहां इतने बड़े अवैध जमावड़े और टूर्नामेंट की जानकारी न होना 'घोर लापरवाही' है या 'सोची-समझी अनदेखी'?
* क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? क्या पुलिस प्रशासन तब जागेगा जब कोई बेकसूर राहगीर इस खूनी मांझे की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देगा?
@CMODelhi@LtGovDelhi@ManojTiwariMP@ColonySho@ShoSunlight@DCPSEastDelhi@ACPLajpatNagar@CPDelhi@CPCB_OFFICIAL@ngTribunal
उत्तरी पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद थाने में सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार पर पीड़ित परिवार को धमकाने और समझौते का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़ित जैनब उर्फ ज़ेबा और उनके परिवार के साथ हुई जघन्य वारदात के बाद, पुलिस से न्याय की उम्मीद कर रहे परिवार को उल्टे एस.आई. हेमंत कुमार की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे न्याय की आस टूटती दिख रही है।
घटना का विवरण:-
बीती 21 जून 2025 की रात, ब्रह्मपुरी मैन कल्याण वाली गली में जैनब उर्फ ज़ेबा अपने चचेरे भाई अनवर के साथ स्कूटी से घर लौट रही थीं। चौहान बांगर गली नंबर 8 के पास, एक शराब के नशे में धुत व्यक्ति अदनान ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। अनवर के टोकने पर, अदनान ने गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं और स्कूटी पर लात मारकर उन्हें गिरा दिया। जब जैनब के भाई ने आपत्ति जताई, तो अदनान ने जैनब के सीने पर हाथ मारा और उनके भाई को चांटा जड़ दिया। इसके बाद अदनान ने अपने भाई अलीम को फोन किया, जिसके बाद घटनास्थल पर कई लोग इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने जैनब और अनवर पर जानलेवा हमला कर दिया। अदनान के भाई अलीम ने पिस्टल निकालकर अनवर पर तान दी। जैनब ने तुरंत अपने बहनोई को फोन कर घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में जैनब के जीजा गोविंदा और उनकी बहन अनम भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अदनान, अलीम और उनके बुलाए गए बदमाशों ने जैनब के बहनोई गोविंद पर पिस्तौल की बट से सिर पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, जैनब और उनकी बहन अनम के साथ भी अभद्र और अश्लील हरकतें की गईं, उन्हें गलत जगहों पर छूकर अपनी ओर खींचने की कोशिश की गई। जैसे-तैसे जैनब, अनवर, अनम और गोविंदा अपनी जान बचाकर वहां से भागे। जैनब ने 112 नंबर पर पुलिस को फोन कर पूरी घटना बताई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों को मेडिकल के लिए जग प्रवेश अस्पताल पहुंचाया, जहां अनवर को गंभीर चोटों के कारण गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिसिया उदासीनता और सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार की भूमिका पर सवाल:-
मेडिकल के बाद जब पीड़ित परिवार जाफराबाद थाने पहुंचा, तो उन्हें पता चला कि उनके इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार हैं। परिवार ने हेमंत कुमार को घटना की पूरी जानकारी दी, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार ने पीड़ित परिवार पर ही समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि हेमंत कुमार ने कहा, "आप लोग समझौता कर लो, वरना मैं उल्टा आप पर ही मुकदमा बनाकर बंद कर दूंगा।"
जब पीड़ित जैनब उर्फ ज़ेबा ने समझौते से इनकार करते हुए हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कथित तौर पर कहा, "तू ज्यादा बड़ी नेता मत बन, तुझे जहां जाना है वहां जाकर मेरी शिकायत कर दे। ना तो मैं एसीपी से डरता हूं और ना डीसीपी से डरता हूं और ना ही मैं किसी मंत्री से डरता हूं। तू जहां चाहे मेरी शिकायत कर दे अगर तुझे समझौता करना हो तो मुझे बता देना।"
पीड़ित परिवार का कहना है कि जाफराबाद थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार द्वारा उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उनकी व्यथा है, "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो इंसाफ के लिए गरीब आदमी कहां जाएगा?"
निष्कर्ष:
यह घटना दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और आम आदमी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाती है। एक पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़ित परिवार को ही धमकाना और समझौते के लिए दबाव बनाना अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। यह कानून के शासन और पुलिस बल के मूल सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों, एसीपी और डीसीपी को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार के आचरण की गहन जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय मिलना चाहिए और उन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने एक महिला और उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचने वाले किसी भी नागरिक को ऐसी भयावह स्थिति का सामना न करना पड़े।
दिल्ली से संध्या सक्सेना की ग्राउंड रिपोर्ट,
@PMOIndia@narendramodi@HMOIndia@AmitShah@rashtrapatibhvn@CMODelhi@LtGovDelhi@CVCIndia@ManojTiwariMP@Ravindra_IPS@CPDelhi@DCPNEastDelhi@DelhiPolice@SHOJafrabad
सभी उच्च अधिकारियों से निवेदन है कि इस मामले में पहना से जांच कर पीड़ित को इंसाफ दिलाने कि कृपया करें धन्यवाद उक्त मामले में जो भी कार्यवाही हो हमें भी साझा करें,
आमिर हज पर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुँचा| लेकिन चेकिंग के दौरान उसके नाम से जुड़ी एक दिक्कत सामने आई और कहा गया कि वो अभी प्लेन में नहीं बैठ सकता| अधिकारियों ने कहा, “हम कोशिश करेंगे, आप थोड़ा इंतजार कीजिए|
तभी बाकी सभी हज यात्री प्लेन में सवार हो गए और प्लेन का दरवाज़ा बंद हो गया| कुछ देर बाद आमिर की दिक्कत हल हो गई, लेकिन पायलट ने दरवाज़ा खोलने से मना कर दिया और प्लेन उड़ गया|
एयरपोर्ट पर तैनात एक अफसर ने कहा, “शायद अल्लाह ने तुम्हारे लिए हज का फैसला नहीं किया” लेकिन आमेर वहाँ से जाने को तैयार नहीं हुआ|
अचानक खबर आई कि जिस प्लेन से यात्री गए थे, उसमें खराबी आ गई है और वह वापस लौट रहा है प्लेन आया, उसकी मरम्मत हुई, लेकिन पायलट ने फिर से दरवाज़ा नहीं खोला| अफसर ने फिर कहा, “शायद तुम्हारा नाम इसमें नहीं लिखा|
आमिर ने पूरे यकीन से जवाब दिया, “मेरा इरादा हज का है, इंशा अल्लाह मैं जाऊँगा|
कुछ समय बाद फिर खबर आई कि प्लेन में दोबारा खराबी आई है और वह फिर लौट आया है इस बार पायलट ने कहा, “जब तक आमिर नहीं आएगा, मैं उड़ान नहीं भरूँगा|
आमिर अब सऊदी एयरपोर्ट से एक वीडियो बनाकर बहुत खुश नज़र आ रहा है|
Dr Zakir Hussain Memorial Sehkari Avas Samiti Regd No 1302 Address :- Pavi Sadakpur Loni Gaziabad 32 saal se logo ko bewakuf bana rahe hai society wale hamari zameen hame banane nhi de rahe koi action in logo ke khilaf nhi @uphousingboard@Uppolice@dm_ghaziabad@myogiadityanath
आवास विकास समिति में क्या यही होता है 32 साल से लोगो का पागल बना रहे है उनसे पैसे ले रहे है पर उन्हें उनके प्लॉट बनाने नहीं दे रहे @uphousingboard@Uppolice@dm_ghaziabad@myogioffice@dgpup@UPGovt Dr Zakir Hussain Memorial Sehkari Avas Samiti LTD Regd 1302 लोग बहुत परेशान है