कबीर, राम कृष्ण बड़े तिन्ह��ं पुर राजा तिन गुरू बन्द कीन्ह निज काजा ।।
भावार्थ :- गुरु धारण किए बिना यदि नाम जाप की माला फिराते हैं और दान देते हैं, वे दोनों व्यर्थ हैं। यदि आप जी को संदेह हो तो अपने वेदों तथा पुराणों में प्रमाण देखें।
- संत रामपाल जी महाराज
कबीर, राम कृष्ण बड़े तिन्हूं पुर राजा तिन गुरू बन्द कीन्ह निज काजा ।।
कबीर परमेश्वर जी हमें समझाना चाहते हैं कि आप जी श्री राम तथा श्री कृष्ण जी से तो किसी को बड़ा अर्थात् समर्थ नहीं मानते हो। वे तीन लोक के मालिक थे, उन्होंने भी गुरू बनाकर अपनी भक्ति की, मानव जीवन सार्थक किया।
#tuesdayvibe God Kabir is Darvesh (who appears in the form of a Mahatma) Dayala (kind), who destroyes Miseries.
---- Saint Rampal Ji Maharaj
#GodMorningTuesday
#GodMorningSunday@SaintRampalJiM
जिसने आसमानों और जमीन और जो कुछ उनके बीच में है (सबको) छः दिन में पैदा किया, फिर 7 दिन तख्त पर जा विराजा (वह अल्लाह बड़ा) रहमान है, तो उसकी खबर किसी बाखबर (इल्मवाले) से पूछ देखो।https://t.co/EBeBwHxWbm
#Who_Has_Seen_God
"कबीर सागर" के जगजीवन बोध में परमेश्वर कबीर जी द्वारा राजा जगजीवन सहित उसकी 12 रानियों, 4 पुत्रों को शरण में लाने विवरण है। उनको कबीर परमेश्वर ने नामदीक्षा देकर मोक्ष ��ार्ग प्रदान किया था।
🙏Sant Rampal Ji Maharaj🙏