हमें अमित शाह जी का भाषण नहीं, जवाब चाहिए।
• हमारे छात्रों पर गोली किसने चलाई?
• गोली चलाने का आदेश किसने दिया?
• एक छात्र की आंख की रोशनी किसने छीनी?
• कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया?
वह आदेश गृह मंत्रालय से आया था। अमित शाह जी ने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं? दोनों ही परिस्थितियों में उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
सच ये है कि अमित शाह जी की छवि का गुब्बारा फट चुका है, उनमें अब संसद में आकर जवाब देने की हिम्मत तक नहीं है।
- नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी
जब अमित शाह जी बोलते हैं, तो क्या मीडिया उनसे सवाल करता है?
जब देश के छात्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी डरना छोड़कर सत्ता से सवाल पूछने चाहिए।
- नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी
“उनकी ईमानदारी पर लगाए गए दुर्भावनापूर्ण और निराधार आरोप खोखले साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भारतीय इतिहास में निर्णायक आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के दौर के रूप में पहचाना जा रहा है।
इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह जी को एक शांत, सौम्य लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा।”
- कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी।
"न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह में हिम्मत है कि वो संसद में आकर हमारे छात्रों पर हुई बर्बरता पर जवाब दें।"
- नेता विपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी
आज इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी, नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी एवं कांग्रेस महासचिव (संगठन) श्री @kcvenugopalmp जी के साथ ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत AICC Observers की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, जमीनी स्तर पर कांग्रेस को सशक्त करने एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
📍 इंदिरा भवन, दिल्ली
संसद से महज़ 500 मीटर की दूरी पर छात्रों पर बर्बर हमला हुआ। दिल्ली पुलिस और RAF सीधे गृहमंत्री अमित शाह को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए इस हमले की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।
जैसा कि नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी ने The Hindu में लिखा है, इसके सिर्फ़ दो ही मतलब हो सकते हैं, या तो गृहमंत्री ने इस हमले की अनुमति दी थी, या फिर उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। पहली स्थिति में वे दोषी हैं और दूसरी में पूरी तरह अक्षम।
दोनों ही परिस्थितियों में गृहमंत्री के तौर पर उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देना चाहिए।
‘Either culpable or incompetent’ - नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी का The Hindu में प्रकाशित लेख।👇👇
नाम ‘विकसित’ और काम आधा…!
MGNREGA की जगह लाई गई VB-G RAM G योजना के पहले ही महीने ग्रामीण रोजगार सृजन में 49.94% की गिरावट दर्ज हुई हैं। यानी जहाँ जुलाई 2025 में 15.33 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार पैदा हुआ था, वहीं जुलाई 2026 में यह घटकर सिर्फ़ 7.67 करोड़ रह गया है।
जिस समय ग्रामीण परिवारों को रोजगार की सबसे ज़्यादा जरूरत है, उसी समय रोजगार के अवसर करीब आधे हो गए। यह वही चिंता है जिसे कांग्रेस पार्टी ने MGNREGA को खत्म कर नई व्यवस्था लाते समय उठाया था।
नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती। मोदी सरकार को जवाब देना होगा कि ग्रामीण मजदूरों के हक़ का रोजगार कहाँ गया?
भाजपा समर्थित गुंडों की धमकियों और ज़हरीली ट्रोलिंग के बावजूद, ये युवा आज भी कैमरे और प्रेस के सामने डटकर खड़े हैं।
लेकिन गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालत यह है कि वे यहाँ आकर इन युवाओं का सामना करना तो दूर, संसद में आकर जवाब देने का साहस भी नहीं जुटा पा रहे हैं।
- नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी
जनता इलाज के लिए अस्पताल जाती है, लेकिन राजस्थान में अस्पताल ही जानलेवा साबित हो रहे हैं।
चूरू के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुँची एक महिला, डॉक्टर तक भी नहीं पहुँच पाई कि छत का प्लास्टर उसके ऊपर आ गिरा। स्कूल हों या अस्पताल, भाजपा सरकार में हर तरफ़ जर्जर इमारतें, लापरवाही और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ देखने को मिल रहा है।
हमारे राष्ट्रगान के रचयिता, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान कवि, साहित्यकार और विचारक गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ देश की आज़ादी की लड़ाई का एक निर्णायक अध्याय बना।
अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ़ इस ऐतिहासिक जनआंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि।