@VikkiAzad1@firozabadpolice@Uppolice Aise kamine logon Ko FIR darj hona bahut jarurat hai, sabhi Sathi bhimarmi Azad Samaj party ke log अपने-अपने jile mein iske Naam Se FIR darj karaen
@BhimArmyChief आज जौनपुर में कार्यक्रम के देखते हुए प्रशासन और आम जनता भी आपके समर्थन हो हो गया, कर्मवीर सिंह जिला सहसंयोजक प्रयागराज भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के संस्थापक बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद जी उर्फ रावण
एक महिला पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे उत्तर प्रदेश प्रशासन ने रोकने का काम किया फिर बड़े भाई सांसद चंद्रशेखर आजाद जी पुलिस को चकमा देकर दूसरा रास्ता से दौड़ते हुए परिवार से मिलने के लिए पहुंच रहे हैं
कल मांगरोल (अंता) में उमड़े जन -सैलाब ने यह दिखा दिया है कि इस बार उप - चुनाव में अंता विधानसभा की जनता ,जनता के लोकप्रिय उम्मीदवार श्री नरेश मीणा के साथ खड़ी है |
@AkhileshAnand_ उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रशासन उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मान्य आदित्यनाथ जी अपनी सरकार को नशेड़ी गजरी की सरकार मत बनाइए जिससे कि भारत सरकार नर्सरी की आदी हो जाए, उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि ऐसे हालात न करें प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ ने भारत के कारीगरों, शिल्पियों और निर्यातकों पर गहरा असर डाला है। हस्तशिल्प, फुटवियर और रेडीमेड गारमेंट जैसे उद्योग, जो सदियों से हमारी पहचान और लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी का साधन हैं, आज अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं।
टैरिफ का असर ज़मीनी स्तर पर साफ़ दिखाई देने लगा है। देशभर में कई बड़ी इकाइयाँ अपने यहाँ कार्यरत कुशल कारीगरों को काम छोड़ने के नोटिस थमा चुकी हैं। ऑर्डर न मिलने और पूंजी अटक जाने के कारण उत्पादन ठप पड़ने की स्थिति बन गई है। ऐसे हालात में कारीगरों को अपने लिए कहीं और काम ढूँढने की मजबूरी बताई जा रही है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और व्यापार व कारीगर-विरोधी है।
इसलिए @mygovindia और @GST_Council से मेरी मांग है—
1. सभी हस्तशिल्प और हथकरघा वस्तुओं पर जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाते हुए 5% पर तय किया जाए।
2. फुटवियर (₹1000 तक) को 5% स्लैब में वापस लाया जाए।
3.रेडीमेड गारमेंट्स, जिन पर अभी 12% जीएसटी है, उनकी दर घटाकर 5% की जाए।
4. निर्यातकों को लागत समानीकरण और ब्याज समानीकरण जैसी योजनाओं में तत्काल राहत दी जाए।
5. आयकर अधिनियम की पूर्ववर्ती धारा 80HHc की तरह निर्यातकों को आयकर छूट दी जाए।
6. बढ़ी हुई दरों के साथ भारत से MEIS को फिर से लागू किया जाए।
7. हस्तशिल्प वस्तुओं के लिए बढ़ी हुई RODTEP और शुल्क वापसी दरें तय की जाएं।
8. निर्यातकों को लागत समानीकरण, ब्याज समानीकरण, टैक्स छूट और प्रोत्साहन योजनाओं में तत्काल राहत दी जाए।
@PMOIndia@narendramodi@FinMinIndia@nsitharaman