जब हमने पेपर लीक, भर्ती घोटालों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाए थे, तब हमें ही कठघरे में खड़ा किया गया।हम पर आरोप लगे, मज़ाक उड़ाया गया, चरित्र पर सवाल उठाए गए।
हालत यह है कि देश के बाहर से भी मीडिया की खबरों पर सवाल उठ रहे हैं।
हमारी लड़ाई किसी चैनल, पत्रकार या व्यक्ति से नहीं थी, हमारी पूरी लड़ाई हमेशा 'सच्चाई' के लिए थी।
देश की छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए जिम्मेदार मीडिया भी है।
राष्ट्रीय हित का विषय हैं। 🇮🇳