@yadavakhilesh ये सब चुनावी नैरेटिव का हिस्सा है। असली मुद्दों से ध्यान हटाकर लोगों को छोटी-छोटी बातों में उलझाया जा रहा है—कभी नींबू, कभी कुछ और।
जनता को समझना होगा कि असली सवाल महंगाई और रोज़गार का है।
@INCIndia व्यापार के नजरिए से देखें तो गैस की कीमतों में इतनी तेज़ बढ़ोतरी सीधे लागत बढ़ाती है।
चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी—हर छोटे-बड़े व्यवसाय पर इसका असर पड़ता है, और आखिरकार बोझ ग्राहक तक जाता है।
स्थिर और संतुलित कीमतें ही व्यापार और आम जनता—दोनों के लिए जरूरी हैं।
#महंगाई#Business
@RahulGandhi@NayakRagini महंगाई एक गंभीर मुद्दा है और जनता की रोज़मर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालती है। छोटे व्यापारियों से लेकर आम परिवार तक—हर कोई इसकी मार झेल रहा है।
ऐसे मुद्दों पर सवाल उठाना ज़रूरी है ताकि जवाबदेही तय हो और लोगों को राहत मिल सके।
#महंगाई#जनहित#Accountability
Smart meters are the future—but DISCOMs must fix execution:
Transparent billing • Reliable data • Quality installation • Consumer awareness • Easy recharge • Fast complaint resolution
Get this right, and trust will follow.
#SmartMeter#PowerReforms
@ranvijaylive जहां समस्या है, वहां तुरंत समाधान ज़रूरी है।
स्मार्ट मीटर सुधार की दिशा में सही कदम हैं—अब फोकस तेज़ और प्रभावी समाधान पर होना चाहिए।
#SmartMeter#PowerReforms
Ganga Expressway: built with public money, priced like a luxury service.
₹1,800 toll for a car — development or monetization of basic infrastructure?
#GangaExpressway#PublicFunds#Accountability
@KirenRijiju भारत की छवि तब ख़राब हुई जब चिन के रोबोट को अपना बताने के लिए केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, तब ख़राब हुई जब हरदीप पूरी बच्चियों के बलात्कारी के साथ मीटिंग की, जब मोदी का ट्रम्प के सामने इज़राइल के कहने पर नाचने की बात सामने आई। कुछ तो शर्म करो मंतारी जी। अब शर्टलेस ने कर दिया.
स्मिता प्रकाश — यह पीढ़ी पिछली पीढ़ी के उलट नेहरू और गांधी पर सवाल उठाती है।
खान सर — यह वही पीढ़ी है जो सुबह 4 बजे 1.5 GB डेटा खत्म कर देती है और बेरोज़गार होने के बावजूद रविवार को आराम करना चाहती है। 😂
जो लोग सरपंच से भी सवाल नहीं कर सकते, उन्हें गांधी से सवाल नहीं करना चाहिए। 🔥
“कैब ड्राइवर हमारी ड्रॉप लोकेशन देखकर हँस रहे हैं।”
“स्टूडेंट्स अपने इंस्टाग्राम से ‘गलगोटिया’ हटा रहे हैं।”
“ये पहली बार नहीं है, दो साल पहले राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन में भी हमें शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी।”
- गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्र
पत्रकार: क्या भारत 2047 तक विश्वगुरु बन सकता है?
अभिनय सर: भारत पिछड़ रहा है
-खाद्य पदार्थों में मिलावट है
-पनीर नकली है
-हवा प्रदूषित है
-पानी दूषित है
-सब्जियों में रासायनिक मिलावट है
"लेकिन कोई भी मीडिया चैनल नरेंद्र मोदी से सवाल नहीं पूछता"🔥