जंतरमंतर आंदोलन के दौरान BJP नेताओ ने
कहा था #GenZ की भाषा बहुत खराब है।
एक आंदोलनकारी लड़की पर तो #FIR भी भी हुई थी।
अब मनोज तिवारी की बेटी द्वारा नेशनल TV
पर दी जा रही गालियों के लिए क्या कहेंगे ?
#BiggBoss20 में क्या संस्कार दिख रहे है।
यह शख्स नेपाल के मधेस प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा है इसका नाम लाल बाबू राउत है
इसकी मां का नाम राधिका है इसके बाप का नाम दशरथ राउत था इसके भाई का नाम रामबाबू राउत है यह बाकायदा टीका लगाया है
आपको लग रहा होगा कि यह शख्स हिंदू ही होगा और इसका पूरा परिवार हिंदू होगा
लेकिन आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि यह सब मुस्लिम है और यह अल तकिया का अब तक विश्व का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है
इसके दादाजी बहराइच से नेपाल जाकर बसे जब नेपाल हिंदू राज्य था वहां राजशाही थी
तब इसके दादा ने वहां अपना हिंदू नाम रखा ताकि लोगों को यह बताया जा सके कि हम हिंदू हैं परिवार में सबके नाम हिंदू रखे जाते थे लेकिन सब इस्लाम धर्म का पालन घर में करते थे घर में नमाज पढ़ते थे
क्योंकि इसे हिंदू बहुल राज्य में नेतागिरी करनी थी तब इन सब ने हिंदू नाम रख लिया था ताकि किसी को पता ना चले कि यह मुस्लिम है
फिर नेपाल में राजशाही खत्म हो गई साजिश के तहत बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हुआ मस्जिद बने मदरसे बने डेमोग्राफी बदल दी गई
नेपाल में मुस्लिम बढ़ते जा रहे हैं
तब इस शातिर धूर्त ने अपने बेटे का नाम मोहम्मद दाऊद रखा है
और अब यह खुलकर बता रहा है हम सब मुस्लिम है हमने तो केवल नेपाल को मूर्ख बनाने के लिए हिंदू नाम रखा था
कुछ दिन पहले भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
"अगर इस देश में धार्मिक हिंसा भड़काने के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह सुप्रीम कोर्ट और उसके जज हैं!"
उनके इस बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की। हालांकि, जाने-माने वैज्ञानिक, लेखक और वक्ता आनंद रंग���ाथन जी @ARanganathan72 ने दुबे का पूरा समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। धाराप्रवाह अंग्रेजी में रंगनाथन जी ने सुप्रीम कोर्ट से 9 शक्तिशाली सवाल पूछे। ये सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं। नीचे हिंदी में एक संक्षिप्त सारांश दिया गया है, जिसे अब सभी के समझने के लिए अंग्रेजी में अनुवादित किया गया है:
आनंद रंगनाथन जी के सुप्रीम कोर्ट से 9 सवाल:
1. 'कश्मीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड:' सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिकाओं पर तुरंत विचार किया। लेकिन जब 1990 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ़ अत्याचारों के बारे में याचिकाएँ दायर की गईं - जैसे जबरन विस्थापन, घरों पर कब्ज़ा, मंदिरों को तोड़ना, हत्याएँ, बलात्कार और सामूहिक पलायन - तो उन्हें कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि, "यह बहुत पहले हुआ था।" *क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है? क्या इससे हिंदुओं में गुस्सा नहीं पैदा होता? क्या यह धार्मिक संघर्ष का कारण नहीं बनता?
2. 'वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग पर चुप्पी:` सुप्रीम कोर्ट अब वक्फ बोर्ड के सुधारों को लेकर चिंतित है। लेकिन पिछले 30 वर्षों में, वक्फ बोर्ड ने अवै�� रूप से संपत्ति जब्त की, करों से परहेज किया और एक समानांतर न्यायिक प्रणाली संचालित की - फिर भी कोर्ट चुप रहा। यदि सुधारों को इस्लाम के लिए खतरा माना जाता है, तो हिंदू भूमि पर मस्जिद और दरगाह बनाना कैसे स्वीकार्य था? वक्फ बोर्ड ने 2 मिलियन से अधिक हिंदुओं की संपत्ति जब्त की। सुप्रीम कोर्ट चुप रहा। अगर यह धार्मिक पक्षपात नहीं है, तो क्या है?
3. `मंदिरों का धन कहीं और खर्च किया जाता है, हिंदुओं पर प्र���िबंध:` हिंदू मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण है। उनकी आय का उपयोग मदरसों, हज यात्राओं, वक्फ बोर्ड, इफ्तार दावतों और ऋणों के लिए किया जाता है। लेकिन हिंदू धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध हैं। हिंदू अधिकारों से संबंधित याचिकाएँ अक्सर खारिज कर दी जाती हैं। अल्पसंख्यकों को हमेशा विशेष प्राथमिकता दी जाती है। *क्या यह उचित है? या यह हिंदुओं के गुस्से को भड़काने का एक तरीका है?
4. `हिंदुओं के खिलाफ शिक���षा में भेदभाव:` शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत, हिंदू स्��ूलों को अल्पसंख्यकों के लिए 25% सीटें आरक्षित करनी चाहिए। लेकिन मुस्लिम और ईसाई संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है। हजारों हिंदू स्कूलों को बंद करना पड़ा, और हिंदू बच्चे अब गैर-हिंदू संस्थानों में पढ़ते हैं। *क्या यह धर्म परिवर्तन को बढ़ावा नहीं दे रहा है? सुप्रीम कोर्ट इस एकतरफा नियम को क्यों नहीं देखता?
5. `स्वतंत्र भाषण का पाखंड:` जब हिंदू बोलते हैं, तो इसे “घृणास्पद भाषण” कहा जाता है। जब दूसरे बोलते हैं, तो इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" कहा जाता है। नुपुर शर्मा ने केवल हदीस से उद्धरण दिया, और न्यायालय ने इसे घृणास्पद भाषण कहा। लेकिन जब स्टालिन और अन्य नेताओं ने सनातन धर्म को "बीमारी" कहा, तो न्यायालय चुप रहा। *क्या यह न्याय है?
6. `हिंदू परंपराओं पर पक्षपातपूर्ण प्रतिबंध:` सर्वोच्च न्यायालय ने दशहरा पशु बलि जैसी हिंदू प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन ईद के दौरान सामूहिक हलाल पशु वध के बारे में कोई सवाल नहीं उठाया गया। जन्माष्टमी के दौरान, दही हांडी समारोह में ऊंचाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ता है। लेकिन मुहर्रम से संबंधित हिंसा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। दिवाली के पटाखों को पर्यावरण के लिए हानिकारक कहा जाता है, लेकिन क्रिसमस की आतिशबाजी की कोई आलोचना नहीं होती। *क्या यह भेदभाव नहीं है?
7. `पूजा स्थल अधिनियम हिंदू पुनर्स्थापना को रोकता है:` 1991 के पूजा स्थल अधिनियम में यह अनिवार्य किया गया है कि 15 अगस��त, 1947 तक के स्थानों के धार्मिक चरित्र को नहीं बदला जाना चाहिए। यह कानून हिंदुओं को उन प्राचीन मंदिरों को पुनः प्राप्त करने से रोकता है जिन्हें नष्ट कर दिया गया था या परिवर्तित कर दिया गया था। राम मंदिर के लिए कई दशकों तक लड़ाई लड़नी पड़ी। कई अन्य मंदिरों पर अतिक्रमण जारी है। *क्या यह ऐतिहासिक अन्याय नहीं है?
8. `केवल हिंदू परंपराओं को निशाना बनाना:` सबरीमाला मामले में, न्यायालय ने हिंदू भावनाओ��� को ठेस पहुँचाई। कुछ हिंदू मंदिरों में केवल पुरुषों या केवल महिलाओं के रीति-रिव��जों का पालन किया जाता है।
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पथ निर्माण विभागीय कार्यालय पहुँचकर प्रतिदिन की भाँति पूजा-अर्चना एवं ईश्वर वंदना के साथ कार्यों की शुरुआत की। 🙏
जनसेवा के इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ करते हुए विभागीय कार्यों एवं विकास योजनाओं की समीक्षा की। बिहार के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क एवं विकास की नई गति प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथम��कता है।
@RCD_Bihar
#PathNirmanVibhag #Bihar #JanSeva #Development #ViksitBihar
Congratulations on your new assignment!
Wishing you great success, wisdom, and impactful leadership in this new responsibility. Best wishes for an inspiring and successful journey ahead. 🎉👏
@kr_mla
मोपला नरसंहार 1921 - मुसलमानों द्वारा ख़िलाफ़त आंदोलन जो कि तुर्की में खलीफा शासन स्थापित करने के लिए था उसके नाम पर हिंदुओ का कत्लेआम किया था।
आज फिलिस्तीन के नाम पर, ईरान के नाम पर मुसलमानों को विपक्ष भड़काता है, तो आने वाले कल किसी भी हिन्दू बस्ती में कत्लेआम होगा तो कौन जिम्मेदार होगा।
अखिलेश यादव, कांग्रेस और ममता बनर्जी जैसे विपक्षी तो जिहादियों के सामने वोटबैंक के नाम पर घुटने टेक चुके है और यही लोग ऐसे उन्माद पर मौन हो जाते है, हिंदुओ को दिन रात जातिवाद के नाम पर विभाजित कर आने वाले दिनों में ऐसे नरसंहार को दावत दी जा रही है...?
दिनरात समाज में जातिय घृणा फैलाकर अपनी राजनीति ��म एक इस्लामिक उन्माद को जन्म दिया जा है, जिसके छुटपुट उदाहरण मालदा, मुर्शिदाबाद, वीरभूमि में दिख चुके है।
मलेशिया के इस्लामी मौलवी ने खुलेआम बता दिया गैर मुसलमानों के लिए सिर्फ तीन रास्ते: या तो इस्लाम कबूल कर लो, या जजिया टैक्स देकर गुलामी स्वीकार करो, या फिर लड़ो और गुलाम बनकर रहो।
40-50 साल बाद जब मुसलमान ताकतवर हो जाएंगे तो यही हालत यूरोप-अमेरिका और भारत की बाकी आबादी की होगी।
ये G हाद का असली चेहरा है, अब भी आंखें बंद रखोगे तो कल बहुत देर हो जाएगी।
🚨 Baba Ramdev backs Hindu interests in Vaishno Devi Shrine matter.
“Be it funds from Shirdi, Siddhivinayak or the Vaishno Devi Shrine Board—why are students of other religions studying on it?”
“Not a single Hindu child studies from Masjid or Waqf Board money.”
निर्माण एवं सृजन के अधिष्ठाता, देव शिल्पी भगवान श्री विश्वकर्मा जी की जयंती की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं!
सृष्टि के शिल्पकार भगवान श्री विश्वकर्मा जी की ��ृपा सभी पर बनी रहे, सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो, यही कामना है।
जीवन का प्रत्येक क्षण और तन का प्रत्येक कण राष्ट्र सेवा में समर्पित करने वाले, भारत को प्रगति के शिखर प��� पहुँचाने वाले यशस्वी प्रधानसेवक श्री @narendramodi जी को समस्त देशवासियों की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।🙏🙏
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते । 🌿⚡
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते 🔱🙏
आपको और आपके परिवार ��ो चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!
माँ दुर्गा की कृपा से आपका जीवन सुख, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो।
जय माता दी!
*नव वर्ष 2025 की हार्दिक शुभकामनाएँ!*
इस नए साल में आपके जीवन में खुशियाँ, सफलता और समृद्धि का संचार हो।
आपके सभी सपने साकार हों और आपके परिवार में ह���ेशा सुख-शांति बनी रहे।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि यह वर्ष आपके लिए खुशहाली और नए अवसरों से भरपूर हो।
*नववर्ष मंगलमय हो!*
वो आज मनुस्मृति जलाना चाहते है।
कल वो रामायण पर आ जाएँगे?
��िर हमारी गीता को नुक़सान पहुचायेंगे।
अभी नहीं रोकोगे तो इनका मन बढ़ते जायेंगे।
सभी को अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिये।
#मनुस्मृति_अमरग्रंथ_है