परमपिता परमेश्वर कभी भी माँ से जन्��� नहीं लेते।
ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3
पूर्ण परमात्मा जब शिशु रूप धारण करके यहां आते हैं तब उनका जन्म किसी मां के द्वारा नहीं होता।
Sant Rampal Ji Maharaj #वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर#RealJagannath_GodKabir
जगन्नाथ पुरी में एक रामसहाय पाण्डा खिचड़ी प्रसाद उतार रहा था। गर्म खिचड़ी उसके पैर पर गिर गई। उस समय कबीर जी ने अपने करमण्डल से हिम जल रामसहाय पाण्डा के पैर पर डाला। उसके तुरंत बाद राहत मिलते ही पैर ठीक हो गया।
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
Due to his enmity with Shri Ram sea was again & again demolishing the Jagannath Temple of Puri but it was Real Jagannath God Kabir who sat on a platform (present day called as Kabir Chaura) and stopped sea from demolishing it.
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
Real Jagannath God Kabir came in the form of a worker to King Indradaman who was failing to construct the Jagannath Temple due to the anger of the Sea God.
#समर्थ_कबीर_की_समर्थता_जानें
जगन्नाथ पुरी में रामसहाय पाण्डा गर्म खिचड़ी उसके पैर पर गिर गई। कबीर जी अपने करमण्डल से ठंडा जल रामसहाय पाण्डा के पैर पर डाला। उसके तुरंत बाद उसका पैर ठीक हो गया। उस समय कबीर जी ना होते तो रामसहाय पाण्डा का पैर जल जाता।
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परमात्मा कबीर जी द्वारा नामदेव की झोपड़ी ठीक करना
जब जर्जर हुई झोपड़ी की छत को सही करने के लिए नामदेव जी की
माता जी ने नामदेव को घास फूस लाने भेजा, तो रास्ते में नामदेव सत्संग सुनने बैठ गए और घास फूस की व्यवस्था नहीं कर पाये। तब नामदेव के रूप
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परमेश्वर जब पृथ्वी पर शिशु रूप में प्रकट होते हैं तो उनकी परवरिश कुंवारी गाय के दूध द्वारा होती है।
"गरीब शिव उतरे शिवपुरी से, अविगत बदन विनोद । महके कमल खुशी भये, लिया ईश कूं गोद।"
Sant Rampal Ji Maharaj
ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 "अभी इमं अध्या उत श्रीणन्ति धेनवः शिशुम्। सोममिन्द्राय पातवे ।। परमेश्वर जब भी शिशुरूप में पृथ्वी पर आते हैं तो उनका पालन पोषण कुंवारी गायों के दूध से होता है। #वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
Sant Rampal Ji Maharaj
कबीर परमेश्वर का कलयुग में प्रकट होना
ज्येष्ठ मांस की पूर्णमासी सन् 1398(विक्रम संवत 1455) को पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब काशी में शिशु रूप में प्रकट हुए।
साहेब होकर उतरे, बेटा काहू का नाहीं।
जो बेटा होकर उतरे, वो साहेब भी नाहीं।।
#��ेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
Sant Rampal Ji Maharaj
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
जिस पत्थर पर बैठकर
कबीर परमेश्वर जी ने जगन्नाथ मन्दिर को बचाने के लिए समुद्र को रोका था वह आज भी विद्यमान है। उसके ऊपर एक यादगार रूप में गुंबज बना रखा है। वहाँ पर बहुत पुरातन महन्त (रखवाला) परम्पर�� से एक आश्रम भी विद्यमान है।
Real Jagannath God Kabir
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
ज्यादातर लोगो का मानना है कि जगन्नाथ पुरी का मंदिर श्री कृष्ण ने राजा इंद्रदमन को आदेश देकर बनवाया था लेकिन सच्चाई तो यह है कि राजा इंद्रदमन ने जितनी बार भी मंदिर बनवाया,समुद्र ने वह मंदिर तोड़ दि��ा फिर बाद मे कबीर साहेब ने जगन्नाथपुरी का मंदिर बनवाया
जगन्नाथ का मंदिर समुद्र द्वारा बार बार नष्ट कर दिया जाता था। परमात्मा कबीर जी ने ही समुद्र को मन्दिर तोड़ने से रोका था।
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Real Jagannath God Kabir
#वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
Rigved Mandal 9 Sukt 1 Mantra 9
When the Supreme Eternal God while performing a divine act, acquiring a child form, appears by Himself, at that time a maiden cow itself gives milk by which Supreme/Complete God is nurtured.
Sant Rampal ji maharaj
#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
In the temple of Shri Jagannath, according to the
ORDER OF GOD,
it is only auspicious to sing the glory of the knowledge of Holy Gita Ji, and self-welfare is only possible by doing sadhna according to the way of worship mentioned in Bhagavad Gita Ji.