युवाओं के विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र देने पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि 'ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है.'
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तीन मुस्लिम युवकों को पुलिस ने हिरासत में!
गुनाह. कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से WhatsApp पर ग्रुप बनाना 😱
मतलब सजा के हकदार होने के लिए मुसलमान होना जरूरी है!
लखीमपुर..
आज सबसे बड़ी चुनौती अब जंतर मंतर पर धरनास्थल खाली हो गया युवा सब अपने अपने घर पहुच रहे हैं
लेकिन उस जुनैद का क्या जिसने 37 दिन पूरे इस आंदोलन में इन सब युवाओ को खाना खिलाया पानी पिलाया पूरे आंदोलन में अपनी इंसानियत की सेवा दिया ।
उसके साथ बहुत बुरा हो गया पिता बहन रिश्तेदार सबको पुलिस गिरफ्तार कर लिया उठाकर ले गयी ।
उसका क्या दोष था क्या वी मुस्लिम था इस कारण उसको टोपी की और मुस्लिम होने की सजा मिली कब तक मुस्लिम समाज को देशभक्ति और अपनी पहचान बतानी पड़ेगी
कब तक मुस्लिम समुदाय के साथ इस देश मे यह नफरत की राजनीति होगी बताओ जवाब दो और जुनैद को न्याय दिलाओ अब सब मिलकर।
इस नफ़रती चिंटू का नाम सत्यम पंडित है। @Uppolice की अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टोलरेंस नीति में यह अपराधी शामिल नहीं है? यह आए दिन अपराध करता है, उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है, लेकिन मजाल भला कि @ghaziabadpolice इसके घर पर बुलडोजर चलाए, या एनकाउंटर करने का साहस जुटा पाए।
इस वीडियो में देखिए! यह अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाला ‘जीव’ किस तरह बच्चों को प्रताड़ित कर रहा है। इन बच्चों का ‘कसूर’ यह था कि ये प्रोटेस्ट में गए थे। यह नफ़रती जीव उन्हें भद्दी गालियां दे रहा है, उनके साथ हाथापाई कर रहा है। क्या @dgpup ऐसे अपराधियों से सख्ती से निपटने का निर्देश देंगे? क्या यूपी के मुख्यमंत्री @myogiadityanath ऐसे अपराधियों को ‘मिट्टी’ में नहीं मिलवाएंगे?
गुजरात में जहीरुद्दीन शेख की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया है।
मृतक के बेटे की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार के उस तर्क को स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि पोस्टमार्टम में पसलियों का टूटना सीपीआर (CPR) देने के कारण हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिरासत में मौत और चोटों के मामले में प्रथम दृष्टया संदेह होने पर निष्पक्ष जांच के लिए एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है। हालांकि, फिलहाल किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया जाएगा और मामले की जांच 'असामान्य मौत' के रूप में की जाएगी।
अदालत ने एसआईटी को तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्थानीय पुलिस आयुक्त को याचिकाकर्ता और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है।
#BREAKING "Don't waste our time," CJI Surya Kant on plea against police action on student protesters during #CJP march.
"We are not interested in videos, we don't have time to watch," CJI tells lawyer who said there are videos showing police atrocities.
ये कौन सी फोर्स है जिसकी वर्दी पर नेम प्लेट भी नहीं है..
जो दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है..
जब बिना नंबर प्लेट वाहन पर पर कार्रवाई हो सकती है तो इन बिना नंबर प्लेट वाले फर्जी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है ..?🙄🙄🙄