खाली कन्धे हैं इन पर कुछ भार चाहिए
बेरोज़गार हूँ साहब मुझे रोज़गार चाहिए
जेब में पैसा नही डिग्री लिए फिरता हूँ
दिनो दिन अपनी ही नजरो में गिरता हूँ
कामयाबी के घर में खुले किवाड़ चाहिए
बेरोज़गार हूँ साहब मुझे रोजगार चाहिए। @UPGovt
यूपी -- प्राइमरी एजुकेशन में अध्यापकों की भर्ती राज्य के युवाओं के लिए ही रहनी चाहिए थी --- देश भर के युवाओं को अवसर देना है तो हायर एजुकेशन में दिया जाना चाहिए था ---
वोट के लिए नौकरियां निकाली जाएंगी लेकिन क्या वह चुनाव तक पूर्ण भी हो पाएंगी?? अभी शिक्षक भर्ती 68500 का हाल सबके सामने है, वह पूर्ण नहीं हो पायी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। ईमानदार और पारदर्शी शासन की कसमें खाने वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल होती दिख रही है।
आखिर कब तक बनाओगे जनता को??
पेट्रोलियम मूल्य वृद्धि की सच्चाई-
सन 2014 के बाद से 10 सितम्बर 2018 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूडऑयल के दाम 34% कम हुए लेकिन आश्चर्यजनक रूप से देश में दाम घटाने के बजाय उसमें 13% की वृद्धि और कर दी गयी।
यानि 34%+13% की मूल्य वृद्धि 4 सालों में??
पेट्रोल पंप की लाइन के आखिर में खड़ा बाइक सवार चिल्लाया...
"अरे भाई जल्दी जल्दी पेट्रोल डालो न, ऐसे धीरे धीरे लाइन आगे बढ़ेगी तो जब तक मेरा नंबर आएगा तब तक तो मोदीजी पेट्रोल की कीमत एकाध रुपये और बढ़ा देंगे..... "😂
41556 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत प्रक्रिया पूरी तरह सन्देह के घेरे में. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीन शॉट के बीच सहायक अध्यापक पंकज वर्मा और बीएसए के स्टेनो राधा कृष्ण पर 50 हज़ार से 1 लाख रुपये लेकर मानकों की अवहेलना करते हुए विद्यालय आवंटन करने के आरोप लग रहे हैं.
2/2
सही कह रहे हैं आप, लेकिन आज तो शिक्षा का उद्देश्य मात्र जीवन निर्वाह के लिए अधिक से अधिक धन कमाना ही रह गया है और बाकी सारे उद्देश्य गौण हो गए हैं। तभी तो शिक्षा के बाद पढ़ी लिखी मशीनें ही ज्यादा बन रही हैं मनुष्य कम।
#यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी #योगीसरकार के लिए मुसीबत बन गए हैं. पहले स्वेटर को लेकर बदनामी करवाई, अब शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी. दो- दो परीक्षा पास कर भी बच्चे सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं
कहीं ना कहीं हमारे देश की शिक्षा नीति में कमी रही जो हम लोगों को लोकतंत्र का मतलब और अहमियत नहीं सिखा सके ।
तभी आज लोकतंत्र की समझ में कमी है और उसकी हत्या का समर्थन करने वालों की भी बड़ी संख्या है ।
इसमें कई उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी हैं ।
आने वाली सरकारों को ध्यान देना होगा ।