जब जलियांवाला बाग में ने गोली चलाने का आदेश दे दिया लोग पूछ रहे थे गोली क्यूं चलवाइ जर्नल डायार ने कहा पठान भाग रहे थे इसलिए गोली चलवाइl
गफूर खान एक पठान के बेटे थे उन्होने कहा था गोरी सरकार एक भी गोली पठानो की पीठ पर दिखा दे तो l
पठान आजादी की लड़ाई से पीछे हट जाएगा!
वीडियो में पाकिस्तान के तीन मुस्लिम नौजवान बैठे हैं। रिपोर्टर उनसे पूछता है—क्या आप भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” सुना सकते हैं? ₹10,000 का इनाम रखा जाता है।
दो लड़के कहते हैं—हमें नहीं आता।
तीसरा कहता है—“मुझे आता है, लेकिन पक्का नहीं… कच्चा-पक्का आता है।”
फिर जो हुआ, वह दिल छू लेने वाला है।
तीनों सम्मान से खड़े होते हैं और वह नौजवान पूरे आत्मविश्वास के साथ “जन गण मन” गा देता है। ❤️🇮🇳
यह सिर्फ एक राष्ट्रगान गाने की बात नहीं है।
यह उस बात की खूबसूरत मिसाल है कि सम्मान की कोई सीमा, धर्म या मजहब नहीं होता।
भारत में हम भी पाकिस्तान के राष्ट्रगान का सम्मान करें, और पाकिस्तान में कोई भारतीय राष्ट्रगान का सम्मान करे—तो शायद यही वह छोटी-सी शुरुआत है, जिससे दोनों देशों के आम लोगों के बीच नफ़रत की जगह इंसानियत पैदा हो सकती है।
लेकिन एक सवाल जरूर है—
अगर पाकिस्तान का कोई मुस्लिम नौजवान खुलेआम भारतीय राष्ट्रगान “जन गण मन” गाए, तो उसके अपने देश में उसकी प्रतिक्रिया कैसी होगी?
क्या उसे भी इसी तरह सम्मान मिलेगा?
या राष्ट्रवाद के नाम पर उसे सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया जाएगा?
देश अलग हो सकते हैं, सरहदें अलग हो सकती हैं…
लेकिन सम्मान और इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती। ❤️
इस नौजवान को सलाम। 👏
#JanaGanaMana #IndiaPakistan #Humanity #Respect #Peace
नाइट गश्त के दौरान सड़क किनारे बैठे एक युवा जोड़े को देखकर पुलिस अधिकारी ने न डांटा, न गुस्सा किया, बल्कि चाय की चुस्कियों के साथ मुस्कुराते हुए अपनी ही लव मैरिज और बच्चों के किस्से साझा किए!
वैसे बजरंगदल वाले दिखाई नहीं दे रहे वहां पर!!!
तूँ ज़िन्दा है तो ज़िंदगी की जीत पर यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
ये ग़म के और चार दिन सितम के और चार दिन
ये दिन भी जाएंगे गुज़र गए हज़ार दिन
कभी तो होगी इस चमन पे भी बहार की नज़र।
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर।
सलाम जिग्ना
ઝિંદાબાદ દીકરી
@AcharyaPramodk महराज जी आप बड़े ज्ञानी हो आपने इतिहास पड़ा होगा
पूरे इतिहास में एक जगह बता दो जहां ये लिखा हो
विनायक दामोदर जी ने देश के लिये कुर्बानी दी
पेंशन जरूर ली
@Amianshu2109 यह एक Medical है जिसे Vaginal Speculum कहा जाता है।
इसे डॉक्टर या नर्स महिलाओं की जांच (जैसे गाइनेकोलॉजी चेकअप) में इस्तेमाल करते हैं।
इसका उपयोग:
अंदर की जांच करने के लिए
Pap smear टेस्ट में
Infection या दूसरी समस्याएं देखने में
Cervix (गर्भाशय का मुंह) देखने के लिए
जिहादी नहीं होते तो ये देश भारत अंग्रेजों से कभी आज़ाद नहीं होता।
1857 की आज़ादी की पहली लड़ाई में मुसलमानों ने सबसे आगे बढ़कर हिस्सा लिया।
मौलाना फ़ज़्ले हक़ खैराबादी ने अंग्रेजी शासन के ख़िलाफ़ जिहाद का फतवा दिया।
मौलाना हुसैन अहमद मदनी के साथ सैकड़ों उलेमा ने क्विट इंडिया मूमेंट में भाग लिया।
बहादुर शाह ज़फर आखिरी मुगल बादशाह को क्रांतिकारियों ने हिंदुस्तान का बादशाह घोषित किया।
मौलवी अहमदुल्लाह शाह (फैजाबाद) ने ब्रिटिश सेना को कई जगहों पर करारी शिकस्त दी और “अमीरुल मुजाहिदीन” कहलाए।
दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, बिहार और रुहेलखंड सहित पूरे देश में उलेमा ने जिहाद का फतवा जारी किया और खुद मैदान में उतरे।
मुसलमानों ने न सिर्फ सैन्य नेतृत्व किया बल्कि हजारों की संख्या में शहीद भी हुए।
हक़ीक़त ये है कि बिना मुसलमानों (जिहादियों) के 1857 की क्रांति अधूरी रह जाती।
फिर भी आज कुछ लोग कहते हैं “मुसलमानों ने देश के लिए किया क्या है?”