छत्रपति संभाजी महाराज(१६५७-१६८९) के सरीर को क्रूरता पूर्वक छत-विछत करके सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने अपना धर्म छोड़ने से मना किया। उनको मारने वाले की महिमामंडन करने वालों और वली समझने वालों से भाईचारा नहीं चाहिए मुझे।
@Brand_Anuj
एक बात मैं बहुत साफ कहना चाहता हूँ...इन जैसी हिन्दू लड़कियों का इलाज वास्तव में मुसलमानों के पास ही है। ये बात बहुत बुरी है लेकिन बहुत भारी मन से कह रहा हूँ।
आजतक का एक मामला बताओ जिसमें हिन्दू लडकी ने धोखा देने वाले मुसलमान को मारा हो। हुआ ही नहीं है। इनकी सारी दादागिरी केवल हिन्दुओं पर निकलती है और मुसलमानों में जाकर ये मिमियाने लगती हैं।
वजह क्या है?
वजह है पुरुषों का स्त्रैण हो जाना। वीर्य हीन, पौरुष विहीन हो जाना। ईश्वर ने पुरुषों को प्रेक्टिकल और स्त्री को इमोशनल बनाया है। लेकिन पुरुष अपने मूल को भूलकर स्त्री से ज्यादा इमोशनल बनके दिखा रहा है ताकि वो उसे ही चयनित करे। ग्रीन फ्लैग बना रहे।
इनका अच्छा इलाज मुसलमान करते हैं। रातदिन दबा के पेलते हैं। फिर वीडियो बनाकर ब्लैक मेल करते हैं। कुतिया बनाकर अपने साथियो से रेप कराते हैं। आपस में इनको रंडी बुलाते हैं। मारते पीटते हैं, मुह में थूकते और कहते हैं कि साली रंडी तुम हो ही इसी लायक। और बाद में या तो ये खुद आत्महत्या करती हैं या मुसलमान इनका रास्ता आसान कर देते हैं।
इनको अभी ना सुधरने की बात कहो ना अपनी जान जोखिम में डालो। इनको जहाँ जैसे मरना है मरने दो। लव जिहाद से बचाकर भी क्या करोगे? ये कल किसी शरीफ खानदान का इकलौता बच्चा खा जाएगी।
इसलिए अपने परिवार को संभालो। शत्रुबोध कराओ। मुसलमानों का क्रूरतम इतिहास पठाओ, उनसे बात करो उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखो। अपना सुधार करो, अपनी जान जोखिम में मत डालो।
कुतिया गू खाए बिना कभी बाज नहीं आती भले कितना पकवान खिला लो।
Divya sent this video where she's enjoying with her lover Deepak in hotel to her husband Magan herself
Deepak is in police in Aurangabad
Divya was torturing Magan to sell his property & give money for Deepak's promotion
Magan died by Suicide on 18 June
@RohtakPolice
देवभूमि के कपाट श्रद्धालुओं और सच्चे पर्यटकों के स्वागत में हमेशा खुले हैं और रहेंगे। लेकिन अगर कोई यहाँ डराने या अपनी धौंस जमाने की सोच लेकर आ रहा है, तो सुनो यह वीरों की भूमि है, कायरों की नहीं। पहाड़ अपनी मर्यादा और आत्मसम्मान की रक्षा करना अच्छे से जानता है।
जब उपद्रवी सूबे के मुख्यमंत्री और पूरे प्रशासन तक को नहीं छोड़ रहे, सरेआम धमकियां दे रहे हैं, तो इसे खुली चुनौती क्यों नहीं माना जा रहा? आखिर इनके खिलाफ ठोस एक्शन क्यों नहीं हो रहा? कानून का खौफ खत्म होना देवभूमि के लिए बेहद खतरनाक है।
@divya_gandotra Mam, this extreme case which is highlighted, one major issue is approx almost all girls are pressuring her husband to separate from his brother and his parents.
Means in every girls site most corrupt persons are her husband's brother, sister and parents.
"I want a guy who is rich and gives me princess treatment."
Gets a guy with a 600 crore net worth. He booked an entire hotel for her birthday. He gave her so many flower bouquets and treated her like a princess.
But still she deleted him.
What do these hippos want?
In Dehradun, Bajrang Dal caught 3 Hindu girls with 3 Muslim boys in a single hotel room.
7 brands of condoms.
Those guys were arrested. The faces of the girls were hidden.
Are those girls victims?
They were in the same college, having sex willingly, in the same room.
The habit of Hindus making such girls victims will cause our downfall.
@venom1s We Indian men love our mothers immensely but that same mother does not want her husband to love his mother.
This is sequential disease coming generation by generation.
@AnupamNawada 'लव जिहाद का शिकार हो जाती है।' ये बोलकर आप महिलाओं को कम बुद्धि और कमजोर साबित कर रहे हैं, कोई धूर्त लोग इन बेचारी महिलाओं को शिकार बना लें जा रहा है, परन्तु ऐसा है नहीं, ये महिलाएं खुद अपनी लस्ट और लालच के कारण जाती है, इनसे कोई सिम्पैथी मत रखिए।
Husband deleter hippo Sonam Raghuvanshi is out on bail and is now speaking as if she's changed.
She's doing this to gain sympathy.
Also, she's so ugly without makeup.
How can she be out in just one year after deleting her husband?
Why do women get no punishment?
आपकी बात से साफ है कि यह स्थिति आपको मानसिक रूप से भारी लग रही है। 40 की उम्र के आसपास शादी न हो पाना कई बार सिर्फ “घरवालों की वजह से” नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अलग-अलग कारण मिलकर काम करते हैं—परिवार की सोच, जिम्मेदारियाँ, रिश्ते न आना, या फिर आपकी अपनी प्राथमिकताएँ और परिस्थितियाँ भी।
सबसे पहले एक बात ज़रूरी है: शादी का फैसला अंततः आपका भी होता है, सिर्फ घरवालों का नहीं। अगर आपको सच में शादी करनी है, तो अब आपको “इंतज़ार” से आगे बढ़कर कुछ ठोस कदम सोचने होंगे।
आप कुछ व्यावहारिक रास्ते देख सकती हैं:
आप घरवालों से सीधी और शांत बातचीत करें—यह पूछें कि असली रुकावट क्या है: रिश्ता नहीं मिल रहा, या वे टाल रहे हैं, या उनकी कोई चिंता है। जब कारण साफ होगा तभी समाधान निकलेगा।
अगर रिश्ते नहीं आ रहे, तो आप खुद भी पहल कर सकती हैं—रिश्ते देखने वाले प्लेटफॉर्म, परिचितों का नेटवर्क, या भरोसेमंद मैट्रिमोनियल सेवाएँ।
अगर घरवाले भावनात्मक या सामाजिक कारणों से रोक रहे हैं, तो धीरे-धीरे अपनी financial और personal independence बढ़ाना जरूरी हो जाता है, ताकि फैसले आपके हाथ में भी हों।
और एक अहम बात—अगर उम्र को लेकर समाज क्या सोचेगा यह दबाव है, तो उसे बहुत ज्यादा वजन देना जरूरी नहीं है। सही जीवनसाथी उम्र से ज्यादा समझ, सम्मान और compatibility पर मिलता है।
@singh_kikki इनका पुनः आत्मिक मिलन एक अच्छा संदेश दिया, परन्तु लड़की को पब्लिकली एक्सेप्ट करना चाहिए कि साधारण से लड़ाई और मनमुटाव के वजह से दहेज का केश किया गया था, क्योंकि ये एक बेहतरीन हथियार था।