विपक्ष बिशेषकर कांग्रेस ने नीति अपना ली है,कि सच के आधार पर तो वो जीत नही सकते,लेकिन हर झूठ को इतना प्रचारित करो,कि वो सच नजर आने लगे और वो इस प्रपंच काफी हद तक सफल भी हुये हैं।वक्त यही कहता है कि जिस तरह के लोग हम लोग हों,उसी हिसाब से प्रतिकार होना चाहिए,क्योंकि सवाल देश का है।
आज हम इक्कीसवीं शताब्दी मे जी रहे हैं
अत्याधुनिक युग मे जी रहे हैं।मोबाइल पर घर मे बैठे बैठे सब सुविधाएं मिल रही हैं,लेकिन आज भी सत्तालोलुप नेता लोगों को भरमाकर अपना मतलब साध रहे हैं। लोगों को फिर उन्नीसवीं सदी मे ले जाना चाहते हैं।उनको लोगों की बेहतरी से कुछ भी लेना देना नही है।
बाहर देशों से शिक्षाप्राप्त कुछ नेता जाति और धर्मगत षड़यंत्रों से देश की जनता को भ्रमित कर रहे हैं,और देश मे शिक्षा प्राप्त करने वाला देश का प्रधानमंत्री विश्व मे अपने झंडे गाढ़ रहा है,चांद की बात कर रहा है,सामाजिक सुधार कर रहा है, विश्वास नही कि होता ये हमारे देश मे हो रहा है।
4 जून को बीजेपी की बहुमत मे न आ पाने की बिपक्षियों की खुशी 9 जून को मोदीजी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही उतर गई।बस पांच दिन मे ही सबकी खुशियां काफूर हो गई,चेहरे उतर गये।अभी तो पूरे पांच और हैं।
अब EVM खराब है,खटाखट रूपये खाते मे आयेंगे,संबिधान खतरे मे हैं,दलित पिछड़े और आदिवासियों को न्याय,
हिटलर का जिन्न,फिलहाल पांच साल के लिये राजनीति के चिराग मे बंद हो गये हैं।
पहली बार ऐसा लोकसभा का चुनाव हुआ है,जिसमे पटाखे पक्ष बिपक्ष दोनो ही फोड़ रहे हैं लेकिन दोनो की हालत अलग अलग है।एक बहुमत पाकर भी दुखी है, तो दूसरा बहुमत न पाकर भी खुश है।
लोकसभा चुनावों मे ये तो स्पष्ट हो गया,कि कांग्रेस पार्टी का झूठे नरेटिव गढ़ने व उसको सफलता से फैलाने मे कोई जबाब नही,वहीं भाजपा सब कुछ जानते हुये उनको तोड़ने मे कभी सक्षम नही हो पायी।आजकल सोसियल मीडिया का जमाना है,जिसका इस्तेमाल कांग्रेस बहुत अच्छी तरह करना जानती है।
कहीं कहीं पलायन तो हुआ है,पहाड़ों से, लेकिन उसकी असली वजह जरूरत है।
हमारे गांव मे तो इस तरफ एक नया गांव बस गया है,और पुराने गांव मे भी सब अपने मकानों की मरम्मत करा रहे हैं।शादी ब्याह मे खूब भीड़ रहती है।हमारा सबसे निवेदन है,कि वक्त निकाल कर अपनी विरासत को जिंदा रखें।
पहले जब हम मसूरी जाते थै,
कदम कदम पर पेड़ों की छांव थी।
पेडों के बीच से मकान झांकते थे।
अब पेड़ो की जगह मकानों ने ले ली है।
उसकी वो पुरानी खूबसूरत छवि,
अब बस यादों मे ठहरकर रह गई है।