कल जारी अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की वैश्विक वेतन रिपोर्ट 2024-2025 में भारत में वेतन असमानता को लेकर कुछ चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं -
• भारत के टॉप 10 प्रतिशत आय वाले लोग सबसे निचले 10 प्रतिशत आय वालों की तुलना में 6.8 गुना अधिक कमाते हैं। यह पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और म्यांमार सहित हमारे पड़ोस के लगभग हर देश की तुलना में काफ़ी अधिक असमान है।
• सभी निम्न और मध्यम आय वाले देशों में भारत में नियमित वेतन प्राप्त करने वाले श्रमिकों की हिस्सेदारी सबसे कम है। अधिकांश श्रमिक स्व-रोज़गार में लगे हुए हैं जो आम तौर पर अनौपचारिक और कम वेतन वाला होता है। इसमें अस्थिरता की काफ़ी अधिक होती है।
याद रखिए कि यह उस पकौड़ा-नॉमिक्स का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसे नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने बनाया है। जनता के लिए पकौड़े, कुछ चुनिंदा लोगों के लिए हलवा!
जय आदिवासी!
आदिवासी संकल्प:
• सुशासन: वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक राष्ट्रीय मिशन स्थापित किया जाएगा, एक स्पेशल बजट रखा जाएगा, और विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी। हम 1 वर्ष के भीतर सभी लंबित FRA क्लेम्स का निपटान सुनिश्चित करेंगे। हम 6 महीने के अंदर सभी अस्वीकृत क्लेम्स की समीक्षा के लिए एक प्रक्रिया स्थापित करेंगे।
• सुधार: कांग्रेस मोदी सरकार द्वारा वन संरक्षण और भूमि अधिग्रहण अधिनियमों में किए गए सभी संशोधनों को वापस लेगी।
• सुरक्षा: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिन बस्तियों में अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी ज्यादा है, उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध है।
• स्वशासन: कांग्रेस PESA के अनुसार राज्यों में कानून बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि 'ग्राम सरकार' और 'स्वायत्त जिला सरकार' की स्थापना हो सके।
• स्वाभिमान: कांग्रेस पार्टी 'MSP का अधिकार' कानून लाएगी, जिसमें लघु वन उपज (MFP) को भी कवर किया जाएगा।
: @RahulGandhi जी
#AdivasiSankalp
धर्म का ठेकेदार नहीं, पहरेदार बनना चाहिए...
तुम रहो ना रहो, वो रहें ना रहें लेकिन ये देश रहना चाहिए, देश का संविधान रहना चाहिए, देश का लोकतंत्र रहना चाहिए।
यह देश, देश रहना चाहिए!
आप भी समय निकालकर एकबार अवश्य सुनिएगा क्या गज़ब की बातें कही हैं।
सुधीर चौधरी पर दर्ज एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमें में अविलंब कानून अपना काम करें नहीं तो समाज अपना काम करेगा। सुधीर चौधरी इस बार अपना भ्रम निकाल दें की प्रधानमंत्री मोदी उन्हें कार्यवाही होने से बचा लेंगे क्योंकि इस बार आपका पाला आदिवासी समुदाय से पड़ा है। #ArrestSudhirChaudhary
81 विधायकों के सदन में 41 ही बहुमत होता है।
48 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद चंपई सोरेन जी को सरकार बनाने का न्योता ना देना साफ़ तौर पर संविधान की अवमानना एवं जनमत को नकारना है।
महमाहिमों द्वारा भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में एक-एक करके कीलें ठोकी जा रही है।
@RahulGandhi महोदय,आप झारखंड के राजनीतिक उथल-पुथल से बारे ज़रुर अवगत होंगे। निवर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे के 24घंटे होने जा रही है। परन्तु अभी तक सत्ता पक्ष के पास बहुमत होते हुए भी झारखंड की 32करोड़ जनता मुख्यमंत्री विहीन है।