🚨 देश की राजधानी में बेटियों के साथ ऐसी क्रूरता!
दिल्ली की सड़कों पर बेटियों को इस तरह घसीटा जा रहा है ऐसी अमानवीय हरकतें देखकर मोदी जी आपको कोई Shock नहीं लगा क्या?
मोदी-शाह की तानाशाही
पहले अमित शाह का 'पुलिस वाला गुंडा' महिला पत्रकार से बदसलूकी करता है।
फिर जब Gen-Z उस 'गुंडे' के खिलाफ FIR की मांग करते हैं, तो उन्हें उठवा लिया जाता है, बेरहमी से पीटा जाता है और भद्दी-भद्दी गालियां दी जाती हैं।
यही नरेंद्र मोदी का Gen-Z प्रेम है 👇
प्रधानमंत्री मोदी जी, आपकी कथनी आपकी करनी से मेल नहीं खाती। Gen Z आपका असली चेहरा पहचान चुका है। आपकी विदाई भी जल्द तय है। उल्टी-गिनती सुनना शुरू कर दीजिए।
गब्बर शाह -ओ ज्ञानेश सांभा, कितने वोटर?
सांभा ज्ञानेश- 13 करोड़, सरदार!
गब्बर शाह - सबको उड़ा दो
सांभा ज्ञानेश- जी सरदार, SC ने form 6 में extra डॉक्यूमेंट लेने बोला है! ऐसा बोलकर उड़ा देंगे!
CJI - हमने तो ऐसा नहीं बोला
गब्बर शाह और सांभा- "हमको कुछ नहीं पता.."
पता तो करना पड़ेगा, जनता जवाब ले लेगी।
ग़ज़ब का झुठ्ठा आदमी है ज्ञानेश कुमार
▪️जब Form 6 पर बवाल मचा तो 26 सितंबर को ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस नोट में कहा: Form-6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर किया गया है
▪️लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया: “हमने Form-6 में किसी भी बदलाव को कोई मंजूरी नहीं दी है”
▪️Form-6 में हुए बदलाव के चलते लोगों को यह बताना था कि उनका, उनके माँ-बाप, उनके दादा-दादी, नाना-नानी का पिछले SIR में नाम था या नहीं
▪️Form-6 में बदलाव असल में नया क़ानून बना कर ही हो सकता है. इसीलिए दो चुनाव आयुक्तों ने मनमाने ढंग से हुए बदलाव पर आपत्ति जताई थी
▪️ज्ञानेश कुमार ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कहने पर बहुत बड़ा पाप किया है - लोकतंत्र में लोगों से उनके वोट का हक छीन कर
▪️अब सुप्रीम कोर्ट के इस खुलासे के बाद साफ़ है - ज्ञानेश कुमार अपनी मनमर्जी तो चला ही रहे थे, साथ ही इस देश के उच्चतम न्यायालय के बारे में भी झूठ बोल रहे थे
👉👉गद्दारी की सज़ा मिलेगी. इनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे है
ECI - अपना फ़र्ज़ी fact check करते रहो
आज दिल्ली पुलिस अमित शाह के आदेश पर बेटियों के साथ बदसलूकी कर रही है, वो भूल रही है, बेटियां उनके घरों में भी है, वोट और अधिकार उनके भी छीने जा रहे है।
IYC की हमारी महिला साथी पूरी ताकत से ये सवाल उनसे पूछ रही है...
आज 300 से ज़्यादा विपक्षी सांसद ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन हमें रोक लिया गया।
हम देश की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनकी आवाज हैं।
हमें चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने नहीं दिया जा रहा है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं, लेकिन वे डरे हुए हैं।
अगर जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली