In a small Greek restaurant in Cambridge my journey of love began.
Rajiv and I created a world filled with love, laughter and memories. On 10th November, I share that world with you.
मतदाता सूची में नाम “राम ने मारा यादव को” हो गया
तो इलेक्शन कमीशन कह रहा है की वो सॉफ्टवेयर की गलती से RamHit Yadav का हिंदी ट्रांसलेशन हो गया!
अबे तुम लोग एक बढ़िया सॉफ्टवेयर पे पैसा क्यों नहीं खर्च करते???
जेब में किराया है या नहीं, रुकने का इंतज़ाम है या नहीं- इससे किसी को मतलब है?बेरोजगार है साहब- सफर मुफ्त में नहीं है !
मजबूरी समझिए- जरूरत का फायदा मत उठाइए।
आत्मा जब यूं शरीर छोड़ जाएं तभी होता है महाप्रयाण! वीडियो नहीं होता तो विश्वास नहीं होता!
काशी में बीकानेर के पंडितों के साथ गायत्री पुरश्चरण करते पंडित नारायण व्यास ने मोक्ष के मंत्र पढ़ते यूं देह त्याग दी, वीडियो नहीं होता तो भरोसा नहीं होता!
मस्क अंबानी को प्रधानमंत्री लिख रहे हैं। भारत की सरकारी फैक्ट चेकर PIB खंडन भी नहीं कर रही है। पूरी भारत सरकार मस्क के आगे चुप है। मंत्री चुप हैं। मस्क अंबानी को नहीं, प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज कर रहे हैं। उनका यह पोस्ट कॉरपोरेट वॉर का इशारा नहीं करता है बल्कि प्रधानमंत्री पद और दफ्तर की गरिमा की ऐसी तैसी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भी चुप हैं। यहाँ विपक्ष ज्ञानेश कुमार चोर है का नारा लगाने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहता है तो उसे रोक दिया जाता है। जेन ज़ी को दिल्ली आने से रोक दिया जाता है। सारी ताकत विपक्ष पर दिखा रहे हैं, दो लाइन किसी मंत्री से लिखा नहीं जा रहा है कि मस्क जी हम जिस मंत्रिमंडल के मेंबर हैं, उसके प्रधानमंत्री तो नरेंद्र मोदी हैं। आप भूल सुधार कर लीजिए।प्रधानमंत्री पद की गरिमा को मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही ट्वीट कर देना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, अंबानी नहीं। गोदी मीडिया के ऐंकरों को चिल्लाना चाहिए कि मस्क ग़लती सुधार लो, वरना इस दीवाली फुलझड़ियों को छोड़ टेस्ला के ख़िलाफ अभियान चलाने लगेंगे। सब चुप है। दूसरों को चुप कराने वाले चुप हैं।
जिस मस्क को कभी भारत में जेल जाने से डर लगता था, उस मस्क को क्या हुआ है? क्यों पिनक गए हैं, चिंता की बात होनी चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री को एक्स के किसी मैनेजर को बुलाकर पूछना चाहिए कि तुम्हारे मालिक नरेंद्र मोदी को छोड़ अंबानी को कैसे प्रधानमंत्री लिख रहे हैं? यह शपथ कब हुआ है? फोटो दिखाओ? मस्क, अंबानी, अदाणी, सरकार इन सबके बीच जो हो रहा है, उनके बीच सही बात क्या है, किसी को पता तो है नहीं। कौन किसे मैनेज कर रहा है, पर्दे के पीछे के पर्दे के पीछे कौन-कौन है, यह जान लेने से क्या बदल जाता है। मगर प्रधानमंंत्री अंबानी हैं, ये कब बदल गया? राहुल गांधी तो वोट चोरी को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ज्ञानेश कुमार के प्रोजेक्ट तक ही देख पा रहे हैं, इसके ऊपर का भी मामला है क्या?
वैसे इस प्लेटफार्म के लिए मस्क आपका शुक्रिया। ठीक है सरकार के कहने पर आप भी पोस्ट हटा देते हैं लेकिन आदमी अपनी बात तो लिख पा रहा है। अगर एक्स करोल बाग के किसी टाइकून का प्लेटफार्म होता तो हम लोगों के प्लेटफार्म के आगे बैरिकेड लगवा देता और डिलीट कर देता। इसलिए आपके पोस्ट पर इधर के उद्योगपति लोग भी चुप हैं। आसान नहीं है आपकी तरह लब-लब कुछ भी बोल देना। इधर सारा आंत्रोपन्योरशिप सरकार से लाइसेंस, ठेका, ज़मीन वाले प्रोजेक्ट लेने में लगा रहता है। ज़िलाधिकारी से लेकर सचिव के चक्कर काटने में लगा रहता है। एक प्रोडक्ट ढंग का नहीं बनता। अपने प्रोडेक्ट को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने के बजाए 24 घंटा इसी में लगे रहते हैं कि सरकार से क्या मिल सकता है। आपको भी वही झेलना पड़ेगा। आप भारत आओ, दीवाली का टाइम है, गिफ्ट-विफ्ट लेकर आओ, बात समझो, आप देखना यही मंत्री लोग आपके साथ कैसे फोटो खिंचाते हैं। आओ तो सही, पूरी सरकार बिछी मिलेगी। मुस्कुरा दोगे पीएम साहब को देख कर तो गोदी मीडिया हेडलाइन बना देगा। अपनी वैल्यू समझो आप। कॉकरोच दिल्ली आ गए हैं और आप उधर से ही पोस्ट फायर किए जा रहे हो। COME.
इसीलिए मस्क जी, भारत के प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी है। अंबानी नहीं है। भारत में आपकी जीवनी हिन्दी में भी छप चुकी है। आपकी माँ मेय मस्क जी की किताब जब औरत सोचती है, राजकमल प्रकाशन से छप चुकी है।आप एक मामूली पॉलिसी निर्णय को लेकर पिनके हुए हैं, यहां तो करोड़ों लोगों के वोट काट दिए गए हैं। वोट का अधिकार छीन लिया गया है। बात को समझो आप। सोशल मीडिया की तरह वोटर को ब्लॉक कर दिया जाता है। नेता प्रतिपक्ष को धक्का दिया जाता है। स्टार लिंक लेकर आ भी गए होते तो क्या हो जाता, आपका भी आज सीपी और चार किलोमीटर के दायरे में बंद रहता। अच्छा हुआ है आप नहीं आए। वैसे अगर स्टार लिंक का कोई पर्सनल लिंक है तो व्हाट्स एप पर भेज देना। आज जंतर-मंतर से वीडियो अपलिंक करना है। बच्चों को प्यार देना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी। हम लोग डर जाते हैं मगर प्यार ज़रूर करते हैं। ख़ुश रहिए।
किसी ने कह दिया ABP न्यूज़ ने बिना तथ्य, तर्क समझे उससे छाप दिया। फलाहारी बाबा ने कहा कि विराट कोहली को 5 करोड़ में प्रेमानंद जी के आश्रम में बुलाया गया था, तब खबर छपने और डालने से पहले ABP न्यूज़ के मन में ये सवाल क्यों नहीं आए कि:-
- तो क्या 5-6 बार विराट-अनुष्का को 5 करोड़ में बुलाया जा बुलाया जा सकता है?
- विराट की ब्रांड वैल्यू इतनी कम है कि वो पैसे में जाएँगे तो 6-7 बार सिर्फ़ 5 करोड़ में?
- प्रेमानंद महाराज के सामने अनुष्का रो पड़ीं थीं, तो क्या इस भक्ति को इस आंसू को भी अलग से चार्ज किए गए थे?
- क्या विराट-अनुष्का की भक्ति-आस्था-श्रद्धा का मोल सिर्फ 5 करोड़ है?
- ABP न्यूज़ व्यूज के लिए कुछ भी मत छापिए।