🚨Cockroach Janta Party भारत में Ban होने तक Repost करें🚨
विदेशी ताकतों से मिलकर देश को तो'ड़ने को तोड़ने वाले अभिजीत ने दूसरा अकाउंट बना लिया
Hello @AshwiniVaishnaw जी कृपया इस कॉकरोच और इसकी पार्टी के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स भारत से परमानेंट बंद करें @GoI_MeitY@Cyberdost@PIBFactCheck@HMOIndia@NIA_India@PMOIndia
सनातनीयों Repost करो वरना सोशल मीडिया चलाना छोड़ दोजी✊
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी अगर आरक्षण की बैसाखी और इतनी सुविधाओं के बावजूद भी 70 बाद भी आपकी नजर में एक वर्ग शोषित और वंचित है तो दोषी सरकार है सवर्ण समाज नही...
हमसे का भूल भई जो ये सजा हमको मिली👉 UGC Bill
#ShameOnUGC#NoUGCRollBack_NoVotes#UGC_RollBack#UGC_Roll_Back
ध्यान से देखिये इस वीडियो को और सोचना जरूर 🧐😐
आखिर ये कौनसी मानसिकता है जहाँ प्रसिद्ध सुरकंडा मंदिर में कुछ युवकों का झुण्ड जोर जोर से जय भीम के नारेबाजी कर रहे है
Video Viral On Soical Media
#Uttarakhand
सेवा में,
श्रीमान अमित शाह जी,
गृहमंत्री भारत सरकार,
नई दिल्ली( 110001)
विषय:
मनुस्मृति जैसे प्राचीन हिन्दू धर्मग्रंथ को सार्वजनिक रूप से जलाकर सामाजिक विद्वेष फैलाने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई न होने तथा जवाबी प्रतिक्रिया देने वालों पर एकतरफा कार्रवाई के संबंध में।
मान्यवर @AmitShah जी,
यह पत्र केवल एक नागरिक की शिकायत नहीं बल्कि भारत के संविधान, कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर उठता एक गंभीर प्रश्न है।
दिनांक 25 दिसंबर को कुछ संगठित तत्वों द्वारा हिन्दू धर्मग्रंथ ‘मनुस्मृति’ को जानबूझकर सार्वजनिक रूप से जलाया गया, उसका वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर समाज को उकसाने का कुत्सित प्रयास किया गया।
यह कृत्य न तो आकस्मिक था और न ही भावनात्मक
यह पूर्वनियोजित सामाजिक विद्वेष फैलाने की साजिश थी।
यह कृत्य स्पष्ट रूप से निम्न धाराओं के अंतर्गत अपराध है:-
1.IPC धारा 295A – धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करना।
2.IPC धारा 153A – विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता फैलाना।
3.IPC धारा 505(2) – सार्वजनिक शांति भंग करने वाला उकसावा।
https://t.co/8qUk2b10RG Act धारा 66F / 67 – डिजिटल माध्यम से उग्र और भड़काऊ सामग्री का प्रसार।
इसके बावजूद, आज तक मनुस्मृति जलाने वालों पर कोई ठोस, सार्वजनिक और कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
इसके विपरीत जब उकसावे से आहत होकर कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी तो पूरा प्रशासनिक तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया।
मेरा सीधा प्रश्न है:-
- क्या भारत में कानून उकसाने वाले अपराध पर नहीं, बल्कि प्रतिक्रिया देने वाले पर लागू होता है?
- क्या सामाजिक आग लगाने वाला “कार्यकर्ता” कहलाता है और आहत नागरिक “अपराधी”?
- क्या यह कानून का शासन (Rule of Law) है या चयनात्मक न्याय (Selective Justice)?
मान्यवर,
यदि इस प्रकार से एक धर्मग्रंथ को जलाने जैसे कृत्य पर चुप्पी साधी जाती रही,तो यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि
“धार्मिक उकसावे को संरक्षण प्राप्त है।”
जो कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए अत्यंत घातक है।
अतः आपसे मांग है कि-
1.मनुस्मृति जलाने व उसका प्रचार करने वालों पर IPC 295A, 153A, 505(2) के तहत तत्काल FIR व गिरफ्तारी हो।
2.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे वीडियो/पोस्ट हटवाकर डिजिटल ट्रेल की जांच की जाए।
3.भविष्य में धार्मिक ग्रंथ जलाने जैसी घटनाओं को राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध अपराध मानते हुए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
4.केवल प्रतिक्रिया देने वालों पर नहीं, बल्कि उकसावे की जड़ पर कार्रवाई हो।
5. मनुस्मृति जलाकर समाज में आपसी मतभेद बढ़ाने वालो पर NSA के तहत कार्यवाही की जाए।
यह पत्र चेतावनी नहीं बल्कि संविधान और कानून की निष्पक्षता की अंतिम मांग है।
यदि अब भी उकसावे करने वालों को संरक्षण मिला,
तो यह देश में सामाजिक टकराव को वैध करने जैसा होगा,जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होगी।
भवदीय,
एक जागरूक भारतीय नागरिक,
आशीष व्यास 🖊️
@HMOIndia@AmitShahOffice
गिरफ्तारी तक रिपोस्ट करते रहिए ✊
मान्यवरगण @CMOfficeUP@myogioffice@dgpup@Uppolice@igrangealld@ADGZonPrayagraj कृपया संज्ञान लीजिए कड़ी कार्यवाही अपेक्षित है।
मान्यवर @bijnorpolice,
"चंद्रशेखर रावण" नामक जातिवादी भेड़िए सांसद द्वारा धार्मिक ग्रंथ मनुस्मृति का दहन दिवस मनाकर जानबूझकर समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया जा रहा है ।
ऐसी कृतियाँ न केवल धार्मिक आस्था को आहत करती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सामूहिक शांति को भी भंग करती हैं ।
कृपया इस प्रकरण का तत्क्षण संज्ञान लेकर विधि सम्मत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करें ।
अन्यथा अब पानी सर से ऊपर जा चुका है अब बर्दाश्त नहीं करेंगे🖐️
Rita Kaushik, Principal Family Court Judge of Jaunpur is more Powerful now. She got a promotion and now she is the District & Sessions Judge of Ambedkar Nagar District of UP. #AtulSubhash alleged serious charges of corruption against her in his suicide note. We demanded an enquiry and action against her but instead she got a promotion.
What a Joke! Join us on 5th Oct 2025 at Jantar Mantar to raise our voice against this insensitivity of the Judiciary towards Men.
CJI गवई ने एक बार बोला था कि "स्कूल में मेरी क्लास का टॉपर आज वकील है और मैं जज बन गया आज वो मुझे सर कहकर पुकारता है "
तो मिस्टर गवई आपको बता दूँ वो अपनी प्रतिभा के दम पर वहां पंहुचा है और आप आरक्षण की वैसाखी पर लदकर...
स्कूल में आरक्षण नहीं होता तो वहां तुम पिछड़े ही रहे और प्रतिभाशाली छात्र को उचित स्थान मिला , लेकिन उसके बाद जीवन भर तुमने आरक्षण की मलाई भर भर कर चाटी है उसके ही दम पर आज तुम सनातनधर्म पर चोट करने की हिम्मत कर पाए हो .
#ग्वार_गवई_हिंदू_विरोधी