कारगिल की लड़ाई के समय की बात है मेरे बड़े भाई एयरफ़ोर्स के हेलिकोपटर द्वारा घायल जवानों को ज़रूरी मेडिकल सुविधा पहुँचाने के काम पर तैनात थे. उन्हें एक कॉल रिसीव हुआ जिसके अनुसार एक जवान को एयरलिफ़्ट करके पास के मेडिकल बेस कैम्प में ले जाना था. भाई साहब और उनका क़्रू हेलिकोपटर लेकर बताई गई जगह पर पहुँचा तो वहाँ पाँच जवान थे लगभग सभी के कपड़ों पर ख़ून लगा था लेकिन उनकी हालत देखकर अंदाज़ा लगाना मुश्किल था कि मेडिकल सुविधा की कॉल किसके लिए आई है क्योंकि सभी बड़े आराम से खड़े थे. भैया ने पूछा कि किसे लेकर जाना है तो उन्होंने एक जवान की तरफ़ इशारा कर दिया. जिस जवान को एयरलिफ़्ट करना था वह अपनी कमर पर दोनों तरफ़ हाथ रखे खड़ा था, जैसे शक्तिमान बनकर मुकेश खन्ना किया करते थे.
जवान को हेलिकोपटर में बैठने को कहा तो वह सीट पर आकर बैठ गया. लेकिन हाथ उसी तरह दोनों तरफ़ टिकाए हुए. हेलिकोपटर ने उड़ान भरी तो भाई साहब से रहा नहीं गया उन्होंने जवान से कहा "जवान! हाथ सीधे करके आराम से बैठ जाओ."
जवाब मिला "सर गोली आरपार निकल गई है, हाथ से ख़ून निकलने का छेद बंद किए हूँ."
अपने अपने घरों में बैठकर एसी की कूलिंग कम ज़्यादा करते करते कड़क पत्ती दानेदार चाय की चुस्कियाँ मारते हुए सेना की बहादुरी के क़िस्से टीवी के रिमोट के आसरे सुनने में जो आनंद है वह लिया जा सकता है क्योंकि इसमें थ्रिल है, टशन है. देशभक्ति चड्डीबानियान के विज्ञापनों के बीच बिकता माल ही तो है २४ घंटे ख़बरिया चैनलों की दुनिया में. लेकिन इस देशभक्ति को जीने वाले, इन कहानियों को बनाने वाले असली हीरो वे हैं जो बोर्डर पर हैं. और उनसे भी ज़्यादा वे परिवार, जिनकी जान मुट्ठी में रहती है जब जब लड़ाई का अंदेशा होता है क्योंकि उनके परिवार से कोई है जो बोर्डर पर होगा.
सेना और उनके परिवार जनों को यह महती ज़िम्मेदारी उठाने के लिए बधाई. देश आपका ऋणी रहेगा.
From memories....
A boy said he went to Kalyan railway station in Maharashtra to drop his family off for their train. The train was originally scheduled to leave at 12 noon, but later they were told it would arrive at 2 PM.
He had bought a platform ticket and waited with his family. However, the train kept getting delayed. Around 5 PM, when he was helping his family board the train and was about to leave, a TTE stopped him and asked for his platform ticket.
He showed the ticket, but the TTE told him that a platform ticket is valid only for 2 hours. Since more than 2 hours had passed, he was fined ₹500.
The boy then raised a simple question: if the train was delayed for several hours because of the railway, why should the passenger be held responsible for staying at the station?
He had purchased a valid platform ticket and was only there to drop his family.
If the delay was caused by the railway, shouldn’t there be some consideration for passengers and their families who are forced to wait longer?
It raises a genuine question about whether passengers should be fined when they remain at the station because of a railway delay.
मेरी माँ की 2 महीने पहले मौत हो गई, मैं उन्हें नागपुर में हॉस्पिटल में लेकर था, यहाँ मेरे प्लॉट पर जाने के लिए दी गई सड़क को ही भू माफिया बेच दे रहे हैं…….और फफक-फफक कर रो पड़ा ये फौजी।
प्रीतम द्विवेदी सेना में हैं। लोन लेकर प्लॉट लिया। प्लॉट के लिए जो सड़क दी गई थी भू माफिया अब उसी की प्लॉटिंग कर रहे हैं।
भारत माँ का ये सेवक अपनी माँ की दवा करवा रहे थे, तब ये पाप किया गया। मामला MP के रीवा का। इन्हें न्याय कौन दिलवाएगा?
अगर लोग ट्रैफिक चालान नहीं भर रहे हैं तो उसे उनके बिजली के बिल में जोड़ दो तब तो उन्हें भरना ही पड़ेगा।
~ भारत के मुख्य न्यायाधीश का बयान🤔🤔
इनके इस बयान से किसी को कोई आपत्ति नहीं है अगर👇
> न्यायपालिका पर भी यही नियम लागू हो तो 1 साल से ज्यादा पेंडिंग केस पर हर साल ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाय।
> जज समय पर केस का निपटारा नहीं कर रहा है तब हर महीने जज की सैलरी का कुछ हिस्सा पीड़ित परिवार को जाना चाहिए।
ये 2 शर्ते न्यायपालिका पर लागू कर दी जाय तो किसी भारतीय को किसी भी तरह का जुर्माना भरने में कोई दिक्कत नहीं होगीं
At least 27 questions in this year’s Civil Services Examination (CSE) Prelims, across general studies and aptitude papers, have come under dispute, with candidates claiming that the answers in the UPSC provisional answer key are either incorrect, have no correct answer or allow more than one possible answer.
✍️@ButaniAshna
https://t.co/TfW1C7o0dN
Amid a controversy over concert-style “Bhajan Jamming” organised by the Indian Army at the Badrinath shrine, veteran Bharatiya Janata Party (BJP) leader M.M. Joshi on Friday criticised the act and termed it a violation of the shrine’s cultural traditions and religious sanctity.
✍️@khabrimishra
https://t.co/PP0XbzHPgw
कृष्ण मुरारी सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के न्यायाधीश थे, जब अंबाणी के "वंतारा" के खिलाफ दो मामलों की सुनवाई उन्होंने की थी। दोनों मामलों के फैसले वंतारा के पक्ष में आए थे।
तीन साल बाद...... मुरारी अब वंतारा की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।..... Via @nadeemkhanUAH
जिन लोगों का देश के लिए कोई योगदान नहीं है, वे एयरपोर्ट से बड़े काफिले और पैसे देकर बुलाए गए फोटोग्राफरों के साथ निकलते हैं, जो लगातार उनकी तस्वीरें खींचते रहते हैं
वहीं, देश का नाम रोशन करने वाली असली नायिका अकेली चलती हुई नजर आती हैं लेकिन उनके चेहरे पर अपनी उपलब्धि का पूरा आत्मविश्वास है
पीछे से आता कैमरामैन ऐसा लगता है जैसे वह उन्हें एग्जिट पर पहले न देख पाने के लिए लगभग शर्मिंदा हो, वहीं CISF का जवान भी थोड़ी देर बाद समझ पाता है कि असली नायिका आ चुकी हैं
कई बार लगता है उत्तराखंड में सिस्टम के नाम पर सर्कस चल रहा है।
बद्रीनाथ धाम में प्रशासन और BKTC की अनुमति के बगैर कानफोड़ू संगीत कार्यक्रम हो गया। देश भर में हुई बदनामी के बाद प्रशासन को धाम की मर्यादा लांघने की खबर हुई।
लुटी इज्जत बचाने के लिए अब DM चमोली ने गढ़वाल स्काउट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शांतनु को नोटिस जारी कर पूछा है कि वह बतायें कि कार्यक्रम की अनुमति किसने दी, और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने की चेतावनी भी दी है। छोटी छोटी बात पर लंबे इंटरव्यू देने वाले BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी भूमिगत है, शायद अब उन्हें सनातन की रक्षा का कोई ख्याल नहीं रह गया है।
@pushkardhami@PMOIndia
@UPCMOffice@UPPCLLKO@UppclMedia@MdPvvnl@pvvnlmeerut ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली उपलब्ध नही हो पा रही हैं जिसकी वजह से ट्यूबवेल ठफ पड़ी हैं व पानी नही होने के कारण फसल सुख गयी हैं। अधिकारी व कर्मचारी इस और ध्यान नही दे रहे। कृपया अधिकारियों को ट्रांसफार्मर को ठीक करने के निर्देश जारी करें ताकि फसलों को बचाया जा सके।
@UPCMOffice@UPPCLLKO@UppclMedia@MdPvvnl@pvvnlmeerut @pvvnlbagpat
उत्तर प्रदेश बागपत के गांव बिजरोल में खेतों की बिजली की लाइन ट्रांसफार्मर 20 दिन से खराब पड़ा हुआ हैं गांव के बिजलीघर में जे ई को इस विषय मे कई बार मौखिक व लिखित रूप से बताया गया हैं। आज तक ठीक नही किया गया हैं।
मिलिए इन्फ्लुएंसर रीतू से, जो दिल्ली पुलिस मे कार्यरत भी है, उनका यह वायरल वीडियो महज़ एक ट्रैवल व्लॉग नहीं, बल्कि देश के दो जवानों के त्याग और अटूट प्यार की एक अनोखी कहानी है।
रीतू के पति मोहित CRPF जवान है, जिनसे कश्मीर मे मिलने के लिए उन्होंने शाम 4:00 बजे तक अपनी पूरी ड्यूटी की,
वर्दी उतारते ही बिना वक्त गंवाए उन्होंने दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस पकड़ ली, जिसने उन्हे जम्मू उतार दिया, जहा फिर वो वंदेभारत ट्रेन मे रवाना हो गई,
पिछली बार वह अपने पति से मिलने के लिए फ्लाइट से श्रीनगर गई थीं, लेकिन इस बार वह रेलवे के इस नए आधुनिक रूट का अनुभव लेना चाहती थीं,
ट्रेन के अंदर की साफ-सफाई, आरामदायक सीटें और आधुनिक सुविधाएं किसी फ्लाइट से कम नहीं हैं,
ट्रेन की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से दिखने वाले कश्मीर के खूबसूरत, ऊंचे और बर्फीले पहाड़ों के नजारे ने इस सफर को जादुई बना दिया,
इस वीडियो को पसंद करने की वजह भारत और उसके संसाधनों की खूबसूरती को देखना तो है ही, बल्कि दूसरी वजह भी है,
देश की रक्षा में तैनात दो अलग-अलग बलों के कपल्स को एक-दूसरे के साथ चंद लम्हे बिताने के लिए कितनी मेहनत और जतन करने पड़ते हैं l
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh: Sharing her experience of Rahul Gandhi's 'Chhatron Ki Goonj' event, PhD student Surbhi Singh says, "Rahul Gandhi raised some very pertinent issues—specifically regarding the current state of education. Scholarships are not disbursed on time, and the education budget stands at merely 2.6 percent. While there was an announcement that the research budget would be increased to 2 percent, the total education budget remains at just 2.6 percent. The education sector is in a dire state right now, and I believe that Rahul Gandhi—or indeed the current government—definitely needs to work on this to improve the situation."
फिल्म अभिनेताओं के लिए भाजपाई बड़ा खतरा बन गए है। ऐसा लगता है जैसे अभिनय इनकी बेसिक ट्रेनिंग में अदरक की तरह कूट कूट कर शामिल किया गया है।
अब देखिए ना, सड़क होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान और सीएम सम्राट चौधरी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने बोट से गए। आख़िर नाटक भी तो करना था !!
गाड़ी से उतरे नाव में बैठे और थोड़ी दूर नाव पर घूमने के बाद बोट से ही वापस आ गए। जहां पर वे नाव में सवार हुए और जहाँ तक गए वहां तक सीधी सड़क है। लेकिन उन्होंने कुछ हटके किया।
VC : @SomuAnand_@ChouhanShivraj@samrat4bjp
Every year, lakhs of students leave their homes to chase a dream in another city. But are we giving them a safe place to live?
In Delhi, around 7 lakh students are enrolled, while hostel capacity is barely 30,000 — just 1 in 31 gets a hostel.
Why not identify vacant government land around universities and allow/build safe, affordable student hostels there? Universities could also be given additional building permissions to create more on-campus accommodation.
Students get safety. Parents get peace of mind. Universities and governments generate revenue. And, most importantly, we protect lives.
Sometimes, a small change in policy can protect someone’s biggest dream. ❤️
Fresh Lafda from Balia Post office
This guy went to the Balia (277001) post office Aadhaar Seva Kendra with an online appointment to get his sisters’ biometrics updated.
The officials there said Aadhaar updates would not be done for online appointments, adding, “Do whatever you want, post videos wherever you like,” and spoke to him in an extremely rude and arrogant manner.
According to UIDAI, if you have an online appointment, there is no need to stand in line. As for the queue, he had already been standing in line for about 40 minutes to over an hour.
Digitization looks ok on portals but when it is implemented on groud these are the real problems people face @PMOIndia
SBI Forgoes ₹1 Lakh Crore in NCLT Haircuts, Writes Off ₹1.52 Lakh Crore for Big Defaulters — yet Refuses To Name a Single One https://t.co/rF7US0vema via @MoneylifeIndia