I was asked to remove my kadha and a religious pendant in 2021 when I went to give NEET. I didn’t create an issue out of it. It falls under a protocol. If a burqa is that much imp to you then you can not become a doctor as you can’t enter Operation theatre in a burqa!
I wanted to write that I can't believe this study unless Prof Shailly Tomar drink Cow urine distillate publicly to show the veracity of her study.
But then i realised she might proudly take that as a challenge.
She did her Bsc Botany from Delhi University.
We should sue Delhi University and get her fee refunded.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘अपराधियों का एनकाउंटर’ और ‘पुलिस को पूरी छूट��� जैसी शब्दावली का त्याग कर देना चाहिए। अपनी पहचान के स्थायित्व के पीछे भागते सम्राट चौधरी यह भूल रहे हैं कि योगी, हिमांता या शुवेंदु अधिकारी की पहचान इन सबने परिश्रम से गढ़ी है।
इनकी लीग में खड़े होने के लिए दो दिन का बुल्डोजर और चार रैंडम एनकाउंटर बेकार है। आपको राज्य मिला है, संचालन आपके हाथ में, पर्यटन जैसे अविकसित क्षेत्र हैं जो पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ कर सकता है। आपकी लेगेसी समृद्ध बिहार होना चाहिए।
अपराध मुक्ति उसका पहला चरण है, पर क्या पुलिस इतनी उच्छृंखल हो जाएगी कि सारण में पीड़िता को ही चरित्रहीन कह देगी? पटना की नीट छात्रा की आत्महत्या की गुत्थी आज तक नहीं सुलझी है। भारत भूषण की हत्या एक नया तीर है, जो बिहार पुलिस ने ले लिया है।
पुलिस क��� पुलिसिंग पर ध्यान देने कहिए, करुणा उसका आभूषण है, शक्ति का प्रयोग उसका विवशता होनी चाहिए। भारत भूषण के हाथ का पिस्तौल उसे भगत सिंह नहीं बनाता, वह एक आपराधिक कृत्य है। पुलिस पर तानना और भी बड़ा अपराध।
उसके पोस्ट में जिसको फिलॉसफी दिखे, वो मानता रहे, पर मैं यदि इस नैराश्य के भाव में हाथ के बंदूक को उचित कहने लगूँ तो फिर कश्मीर के अल्गाववादी और दिल्ली के अलफला के आतंकी भी अपने आप को फिलॉसफी से समझा लेते हैं।
@samrat4bjp पुलिस निर्दोष नहीं है, वह दंड का पात्र है क्योंकि भारत (अपराधी होने के बाद भी) हत्या से पूर्व पिस्तौल दे चुका था। आप अपनी भाषा पर नियंत्रण रखिए क्योंकि उसे आधार बना कर यदि पुलिस खुन्नस में एनकाउंटर करने लगेगी, तो आपकी ��ी साख पर बट्टा लगेगा।
आजकल इंस्टा पर एक नई बकचोदी देख रहा हूं कार वाले अपने पूरे परिवार सहित दूर कही सफर पर ��िकल रहे और गाड़ी के अंदर ही सीट फोल्ड कर के पूरा बेड बना दे रहे अरे बेवकूफों एक तो वैसे ही टीन की गाड़ी है तुम लोगों की ऊपर से ये कर के पूर��� परिवार की सेफ्टी और खतरे में डाल रहे
Heard a cabinet reshuffle is on the cards.
Requesting the PM to consider swapping the ministries of Shri Nitin Gadkari and Shri Dharmendra Pradhan.
Shri Gadkari has already done more than needed work in transport, so much so that there is virtually nothing left to be done. A man with such a Midas touch, and hunger to bring change even if it's not needed, is exactly what is required in the Education Ministry, where a massive overhaul is needed.
Meanwhile, Shri Dharmendra Pradhan can be transferred to the Transport Ministry. Since the heavy lifting there has already been completed, the ministry now requires someone who won't do much, will leave things exactly as they are, and won't experiment too much. Shri Pradhan, having done remarkably little in the Education Ministry, would be the ideal candidate for the job.
Anjana roj fake news failati hai.. but usko koi media wale ne call out nhi kia..
But.. Khan vulnerable hua toh..
Abhinay sabse pehle farsa leke went for the head.
There's a reason why the Media wins.
Upar se Abhinay and Ankit ne Raushan ko support nhi kia.. bus 1 ghante tak Khan ko gaali di.
Itna bhi jealous nhi hona chahiye.
>Summon the Army officers for a briefing.
>Abandon the hospitality of a conference room; instead, make them sit in the SSP’s office.
>Relegate the army officers to the back row, just to remind them who’s really in charge.
Absolute babudom pettiness.
@RajGovOfficial@rajcmo@DIPRRajasthan
*पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई शर्त का मंत्रालयिक कर्मचारियों ने किया विरोध, आदेश संशोधन की मांग*
जयपुर, 18 जून। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट प्रदान किए जाने के आदेश का मंत्रालयिक कर्मचारियों में व्यापक विरोध शुरू हो गया है। अखिल राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रतिन��धिमंडल ने आज उपमुख्यमंत्री महोदया से मुलाकात कर आदेश में लगाई गई शर्तों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल संशोधन की मांग की।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट तो प्रदान की है, लेकिन इसके साथ यह शर्त जोड़ दी गई है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में जिन कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की अनुभव अथवा सेवा अवधि शिथिलता का लाभ लिया है, वे इस छूट के पात्र नहीं होंगे। इस कारण अधिकांश मंत्रालयिक कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित हो जाएंगे और आदेश का वास्तविक उद्देश्��� ही समाप्त हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान आदेश कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करता है तथा इससे केवल सीमित संख्या में कर्मचारियों को ही लाभ मिलने की संभावना है। वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह आदेश पानी फेरने का कार्य कर रहा है।
महासंघ ने मांग की कि पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई उक्त शर्त को तत्काल हटाया जाए त��ा सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी भ��दभाव के समान अवसर प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना चाहती है तो छूट का लाभ सभी पात्र कार्मिकों को मिलना चाहिए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में शीघ्र संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया तो राज्यभर के मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन, पेन ���ाउन तथा सामूहिक हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
Girls in the comments were saying it's the ideal height difference.
Men should never marry short girls.
Don't ruin your future son's genetics.
Don't marry a girl who is more than 6 inches shorter than you.
Otherwise, your son might end up short and be rejected by girls.
टोंक जिले में अपने बीमार पिता को बचाने के लिए बेटा गड़गड़ाता रहा, हाथ जोड़ता रहा लेकिन यातायात पुलिस नि���मों के पालन में ऐसी उलझी रही की मानवता ही पीछे छूट गई
टोंक के पीपलू जवाली गांव निवासी महेंद्र पिताजी का इलाज करवाने के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे पुलिसकर्मियों ने तीन सवारी और हेलमेट का हवाला देते हुए मोटरसाइकिल को रोक लिया
बेटा कहां पिताजी बीमार है पिताजी को अस्पताल पहुंचना है लेकिन पुलिसकर्मी चालान काटने की जिद पर अड़ा रहा लगभग 1 घंटे तक रो के रखा जैसे तैसे अस्पताल पहुंचाया इलाज के दौरान पिताजी की मौत हो गई
डॉक्टर ने कहा हालत गंभीर थी थोड़े जल्दी आते तो शायद कुछ हो सकता था
Over 300,000 people die of drowning each year. In order to protect society, it is now illegal to consume or possess water.
Your government is also considering banning solid food, as it presents a needless choking hazard.
You are not an adult.
You are a baby.
Eat the baby food.