भारत में, धर्मांतरण कैसे रोका जा सकता है ?
संभव है कि हम भारतियों ने कभी विचार ही नहीं किया होगा कि हम भारतवासियों को विदेशी धर्मों वालों ने अपने धर्म में परिवर्तित क्यों और कैसे कर लिया? विदेशियों ने हमें परिवर्तित इस लिये कर लिया; क्योंकि, हमने उनको परिवर्तित नहीं किया (हिन्दू , सिख , जैन , बुद्ध नहीं बनाया)। यदि हमने उनको, अपने धर्म में परिवर्तित किया होता, तो वह हमें परिवर्तित नहीं कर पाते। मेरी बात विलक्षण तथा नई होने के कारण, शायद आपको प्रवान नहीं होगी। यदि आप इस बात पर विचार करेंगे तो अवश्य सहमत हो जाएंगे।
प्रकृति का अटल नियम है जो सभी जीवों पर लागू होता है 'खाओ, नहीं तो खाए जाओगे’। इस लिए, यदि हमें जीवित रहना है तथा प्रगति करनी है तो दूसरों को खाना अत्यंत आवश्यक है। सभी ���ीव किसी न किसी रूप में ऐसा करके ही जीवित रह पाते हैं। अपने को दयालु तथा सभ्य समझने वाले मनुष्य ने आजतक जितनी भी प्रगति की है, तथा पृथ्वी पर राज कर रहा है; बाकी जीवों को खा कर या उनका उपयोग करके ही कर रहा है। इसी प्रकार से आज तक जितने भी धर्मों ने प्रगति की हैं, दूसरों को खा कर (धर्मांतरण करके) ही की है। जीवन की इस अटल सच्��ाई व प्रकृति के नियमों को प्रवान करते हुए और अपनी सुरक्षा के लिए; हमें दूसरे पर आक्रमण करना अत्यंत आवश्यक है। इंग्लिश की एक कहावत है ' Best defense is the best offence ' यह कहावत हाकी, फुटबाल आदि खेलने वाले खिलाड़ी उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है: “आपकी सुरक्षा तभी है, जब आप दूसरी टीम पर आक्रमण करके रखोगे; ताकि उनकी गेंद इधर आ ही न पाए।” इसी प्रकार से प्रकृति का यह नियम है कि आक्रमण इतना करके रखो कि दूसरा, आपकी ओर आ ही नहीं पाए।
हम भारतवासी धर्मों ने आक्रमण तो क्या करना था, हमने तो; जो विदेशी धर्म आए, उनको शर्ण देकर, उनको ही प्रफुलित किया। विदेशी धर्मों के प्रचार हित, भारतीय राजाओं ने उनको धर्म-स्थान बनवा कर दिए तथा अपने ऊपर आक्रमण करने के लिए हर प्रकार से उनकी सहायता की। उनका टैक्स (कर) माफ कर दिया; जबकि भारतवासियों का माफ नहीं किया। पृथ्वी राज चौहान ने “मुहम्मद गौरी” तथा राजा रत्न राओ ने “अलाओदीन खिलजी” जैसे विदेशी धर्मों वाले विदेशी हमलावर विरोधिओं को जीवित छोड़ दिया। हमारी ऐसी गल्तियों के कारण ही विदेशी धर्मों वाले लोग (मुहम्मद गौरी और अलाओदीन खिलजी आदि) हमारे राजा बनें तथा उनके राजा बनने से, विदेशी धर्म भारत में प्रफुलित हो पाए। विदेशी लोगों ने हम भारतियों पर काबिज होकर, हमारे देश को गुलाम बनाया और भारतियों से ही कर (टैक्स) लेकर, उसी आमदनी से हम भारतियों का धर्मा��तरण कर दिया तथा हमारी सभ्यता नष्ट कर दी।
सभी जीवों पर लागू होने वाले प्रकृति के अटल नियमों को हमें भी प्रवान कर लेना चाहिए कि आक्रमण करके रखोगे, तभी आपकी सुरक्षा होगी। यदि आप आक्रमण नहीं करोगे , तो दूसरा आप पर आक्रमण कर देगा। इस लिए, भारतीय धर्मों का धर्मांतरण रोकने हेतु, हमें धर्मांतरण करने वालों का ही धर्मांतरण कर; उन्हें अपने धर्म में शामिल करना चाहिए था और अभी भी करना चाहिए। क्योंकि, आक्र��ण से ही सुरक्षा है। “भारतीय धर्मों के पास पैसे की कमी नहीं है, प्रगति करने वाली सोच की कमी है”। उस कमी को दूर करके, अपने भारतीय धर्मों को बढ़ाना चाहिए। मंदिर-गुरुद्वारों में जो भी कीमती पत्थर, ��ंदोए, सोना, चांदी आदि लगते हैं, वह अधिकतर माया : अपने धर्म के प्रसार के लिए लगनी चाहिए।
भारतियों को अपनी “धर्म निरपेक्ष, दयालु तथा त्यागी” सोच को बदलकर; धार्मिक, आक्रामक, लालची तथा अपना धर्म बढ़ाने वाली सोच अपनानी चाहिए; तभी भारतीय धर्मों की सुरक्षा तथा उन्नति हो सकती है। आक्रामक वृति होने के कारण ही आज ईसाई भाईओं के 80 देश हैं तथा मुसलमान भाईओं के 32 देश हैं। जबकि, हमारी अन-आक्रामक व साऊ/ भोली वृत�� होने के कारण, हमारा तो भारत देश भी भारतीय धर्मों के लिए ‘अपना’ नहीं बचा है।
इस लिए, भारतीय धर्मों वालो! हम भारतियों को अपने देश में विदेशी धर्मांतरण रोकने हेतु, विदेशी धर्मों वालों का अपने भारतीय धर्मों में ‘धर्मांतरण’ करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा करके ही भारतीय धर्म जीवित रह सकते हैं तथा धर्मातरण रुक सकता है।
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Congratulations to PM Shri @narendramodi Ji on being conferred with Sweden's highest honour, the ‘Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross.’
The 31st international honour bestowed upon our PM mirrors the unparalleled impact of his statesmanship, which has brought humankind closer through the mantra of Vasudhaiva Kutumbakam and elevated India's stature and pride on world stage.
Heartiest congratulations to Hon. PM Shri @narendramodi Ji on being conferred with Sweden’s highest civilian honour, the ‘Royal Order of the Polar Star, Commander Grand Cross.’
This prestigious recognition reflects your visionary leadership, unwavering commitment to global harmony and the rising stature of India on the world stage under your guidance.
It is a matter of immense pride for every Indian and a proud reflection of the spirit of ‘Vasudhaiva Kutumbakam’ that continues to shape India’s global engagement.
Bengali culture is popular world over and Sweden is no exception.
During the community welcome, in which PM Kristersson was also present, a glimpse of the glorious Bengali culture was on display.
Sweden confers the Royal Order of the Polar Star, Commander Grand Cross upon Prime Minister Narendra Modi, the highest honour that can be bestowed upon a Head of Government by Sweden.
This marks the 31st international honour bestowed upon PM Modi, a testament to India’s rising global stature and his statesmanship on the world stage.
Deeply touched by the immense enthusiasm and affection of the Indian community at the community programme in The Hague. Their energy and connection with India are deeply special.
Jag tilldelades nyss Nordstjärneorden. Detta är inte bara en ära för mig, utan för hela Indiens 1,4 miljarder människor.
Det är också en hyllning till alla våra vänner i Sverige som har stärkt relationerna mellan Indien och Sverige och lagt en stark grund. Må vänskapen mellan våra nationer fortsätta att växa.
@SwedishPM
भारतीय संस्कृतिअनुसार, हमें अपने से बड़ी आयु के लोगों के पैर छूने चाहिए। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बुजुर्ग व्यक्ति के पैर छू रहे हैं। भारतीय संस्कृति की रक्षा का ऐसा महान कार्य RSS के बनाए प्रधानमंत्री मोदी ही कर सकते हैं।
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