तुम नेता विपक्ष को ग़द्दार बताओ! सरकार से सवाल पूछने वालों को ग़द्दार बताओ! मगर ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद शंघाई पहुंच जाओ? कोई स्पष्टीकरण नहीं! जुलाई में हुए संघर्ष की खबर को छुपा जाओ! LAC में घुसपैठ पर The Hindu की खबर पर खामोशी बनाए रखो! मगर विरोधियों को foreign powers के साथ सांठगांठ का आरोप लगाओ? ऐसा कैसा चलेगा! खालिस कायरता है ये!
Election Commissioners S.S. Sandhu and Vivek Joshi wrote to Cabinet Secretary T.V. Somanathan on July 29 regarding the working of Senior Deputy Election Commissioner Maneesh Garg. ✍️@sreeparna_c
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नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होते हुए भी कभी एक PM के रूप में व्यवहार नहीं करते हैं वो आज भी एक PM उम्मीदवार के रूप में व्यवहार करते हैं।
क्योंकि वो दिनभर नेहरू जी, कांग्रेस और राहुल गांधी को ही कोसते रहते हैं हमेशा चुनाव जीतने की ही तैयारी में रहते हैं।
आपने कभी उन्हें एक PM के रूप में— इकोनॉमी, गिरते बाजार, मंदी, बेरोजगारी, शिक्षा, Tax, AI के बात करते हुए देखा है।
मोदी जी अब आप PM हैं अपनी पार्टी के अध्यक्ष नहीं— कांग्रेस और नेहरू - राहुल को कोसने का काम नितिन नवीन को करने दीजिए।
अभी तक तो कौन राहुल ? ये ही नहीं पता था अब राहुल के रॉकेट की लॉन्चिंग पे दिव्य ज्ञान देने वाले तिलमिलाए नाराज़ फूफा जी के फुस्स राकेट कैसे लांच पे लांच पे लांच हो रहे थे सब खेल सामने आएगा बस कुछ ही दिनों में !
यहां इलेक्शन कमिश्नर एस.एस. संधू और विवेक जोशी के कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे दो D.O. लेटर हैं, जिनमें EC अधिकारी मनीष गर्ग के खिलाफ शिकायत की गई है कि उन्होंने उनसे सलाह किए बिना काम बांटने का ऑर्डर जारी कर दिया। @narendramodi@ECISVEEP
BREAKING 🚨
Madame Sonia Gandhi has dropped a banger on Instagram debut with the first look of her book ‘Belonging’
Next Bestseller for sure, enough to búrn the entire RSS & BJP 🔥
Rubio goes to Mumbai.
The US DOJ releases a picture of Epstein and Puri.
Dear BJP and RSS workers,
which anti-national traitor do you think they're blackmailing?
रुबियो मुंबई पहुँचे।
US DOJ ने एपस्टीन और पुरी की तस्वीर जारी की।
प्रिय BJP और RSS कार्यकर्ताओं,
आपको क्या लगता है - ये किस देश-विरोधी गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं?
आज देश की जनता बेरोजगारी और महंगाई जैसी रावण रूपी समस्याओं का सामना कर रही है।
इसी के साथ सत्य और असत्य के बीच लड़ाई चल रही है, जिसमें हम सत्य के लिए लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे।
आप भी अपने जीवन में सत्य का साथ दें। आप सभी को विजयादशमी की शुभकामनाएं।
~ @priyankagandhi जी
My dearest Swayamsevaks of the RSS,
Hope the Dasara festivities are in full swing!
Not to be a wet blanket, but a gentle reminder, merely “informing” or telling the Home Department to “cooperate” or “make necessary arrangements” is not the same as obtaining permission.
Please submit your application in accordance with the prescribed procedure applicable to all organizations and await formal approval from the competent authorities.
I am sure you have read your own Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha Annual Report 2025–26, which states that the RSS conducted 562 route marches across Karnataka, involving 2,21,963 uniformed participants.
Now, when lakhs of you intend to march through Karnataka’s streets on single day at the same time, the Police Department has considerable preparations to make: deployment of personnel, transportation, food, traffic management, security arrangements and other logistics.
All of this requires planning, manpower and public resources.
So, please fill out the prescribed application form, provide the necessary details and await formal permission.
Happy Dasara!
बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य और अच्छाई की ही होती है। भगवान श्रीराम के युग में भी हुई थी और इस युग में भी होगी। 🏹🔥
#HappyDussehra#Vijayadashami
IIT IIM LIC
ITI BHEL NID
BARC AIIMS ISRO
SAIL ONGC DRDO...
Nehru ji was an institution builder who strengthened our democratic roots.
In 8 yrs, BJP has weakened democracy by bulldozing institutions.
India needs #BharatJodo now more than ever.
Sandeep Dikshit जी का करारा जवाब 🔥
BJP राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर रोज शोर मचाती है।
लेकिन जब प्रधानमंत्री लोकसभा सेशन के दौरान विदेश जाते हैं तो चुप्पी क्यों?
राहुल गांधी Yale, London में छात्रों और बुद्धिजीवियों से बात करते हैं।
प्रेस इंटरव्यू देते हैं।
मोदी जी कितनी बार प्रेस का सामना करते हैं?
11 साल में इतनी विदेश यात्राएं, चीन के साथ ट्रेड डेफिसिट बढ़ा।
देश को कौन सा मेडल मिला?
जब असली सवाल का जवाब नहीं होता तो “विदेश यात्रा” का बहाना।@_SandeepDikshit
सबकी परतें खुलेंगी, बारी सबकी आएगी!
चुनाव आयोग के काले कारनामों की पोल खुल चुकी है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा की 2 सीटों का CCTV, वीडियोग्राफी और फॉर्म-7 मांगा, तो आयोग ने जवाब देने के बजाय 17 दिसंबर 2024 को कानून मंत्रालय को चिट्ठी लिख दी।
मोदी सरकार ने 3 दिन में, 20 दिसंबर 2024 को नियम 93(2)(a) बदल दिया। पहले था "चुनाव से जुड़े सभी कागज जनता देख सकती है", अब कर दिया "जो इन नियमों में निर्दिष्ट हैं"।
बहाना बनाया - "बहुत ज्यादा डिमांड आ रही है", लेकिन RTI में खुद कबूल किया - CCTV का कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा!
मतलब चोरी भी, सीनाजोरी भी, और कानून भी अपनी सुविधा से बदल लिया।
चुनाव आयोग और सरकार ने मिलकर वोटिंग से जुड़े वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज सार्वजनिक न करने का कानून क्यों बनाया?
जो सूचनाएं पहले सार्वजनिक होती थीं, उनको क्यों छुपाया?
चुनाव आयोग ने देश से इतने सारे झूठ क्यों बोले?
यह स्पष्ट रूप से देशद्रोह है।
अभद्र भाषा किसी को शोभा नहीं देती, केजरीवाल जी। आपको तो दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद पर रहने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। भले ही आप बतौर मुख्यमंत्री कामकाज की समझ के मामले में लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, लेकिन कम से कम आपको अपने पद कि मर्यादा और शालीनता का ज्ञान तो होना ही चाहिए था। जिस भाषा का आप ने अपने इस ट्वीट में इस्तेमाल किया है, वह सभ्य लोगों को शोभा नहीं देती।
चली गई एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन में कार्यरत इन तीन लोगों की नौकरी, इसमें एक महिला पत्रकार भी!
अंततः नेहा राठौर के ख़िलाफ़ ग़लत खबर चलाने का बड़ा ख़ामियाज़ा तीन मीडियाकर्मियों को उठाना पड़ गया। एबीपी न्यूज़ के डिजिटल सेक्शन से एक महिला पत्रकार समेत तीन लोगों की नौकरी चली गई है। प्रबंधन के सख्त रूख के बाद संपादक द्वारा कराई गई जांच में तीन कर्मियों को दोषी पाया गया। इसमें सर्वप्रथम Abp news videos digital head को जिम्मेदार मानते हुए इन्हें हटाया गया। एबीपी न्यूज़ वीडियोज डिजिटल हेड का काम हर वीडियो को पब्लिश करने से पहले ये जानना है कि सब कुछ सही है या नहीं।
इसके बाद बारी आती है Shift incharge digital videos की। इन महोदय द्वारा भारी चूक की गई। इन्होंने ग़लत खबर और फेक वीडियो को पब्लिश होने दिया। इनके द्वारा ओके किए जाने के बाद ही वीडियो पब्लिश हुआ। इनको भी टर्मिनेट कर दिया गया है।
सबसे बड़ी गलती जिसने की है वो एक महिला है। वह YouTube shorts shift incharge के पद पर कार्यरत है। इस महिला ने ही एक्स पर पोस्ट फ़र्ज़ी न्यूज़ व वीडियो के झाँसे में आकर इसे सही मान बैठी और ख़बर वीडियो को व्यूज़ / हिट्स पाने के चक्कर में बिना कन्फर्म किए बिना क्रॉसचेक किए बिना फैक्ट चेक किए ही चला दिया। इसके ऊपर के दो लोग ये मान बैठे थे कि खबर तैयार है तो सही ही होगी। लड़की ने प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मान गई लेकिन उसके ऊपर के दो लोग भी क्रॉसचेक का जहमत नहीं उठाये।
इस तरह एबीपी न्यूज़ डिजिटल से टॉप टू बॉटम तीन लोगों को प्रबंधन द्वारा टर्मिनेशन ऑर्डर थमाया जा चुका है। उम्मीद करते हैं इस घटना से दूसरे मीडिया हाउस में कार्यरत लोग भी सबक लेंगे और फेक व प्रोपेगंडा न्यूज़ को सच मानकर तुरंत पब्लिश करने से बचेंगे और क्रॉसचेक करके ही आगे बढ़ाए,