फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में जेलेन्सकी ने अब जाकर यह कह रहा है कि वह वर्तमान में फ्रंटलाइन को सीमाओं को स्वीकार करते हुए युद्ध विराम को तैनात तैयार है
यानी कि करीब वह यूक्रेन का 25% हिस्सा छोड़ने को तैयार है
वर्तमान समय में जहां-जहां रूस की सेना घुस चुकी है वह सब रूस को देने को तैयार हो गया
युद्ध के पहले पुतिन ने सैकड़ो बार जलांसकी से कहा कि तुम पश्चिम पर और खासकर अमेरिका पर विश्वास मत करो तुम्हें नाटो में शामिल होने से कुछ नहीं मिलेगा तुम्हें सिक्योरिटी चाहिए तो मैं तुम्हें सिक्योरिटी दूंगा लेकिन मैं अपने बगल में नाटो जैसे धूर्त गठबंधन को नहीं आने दे सकता
लेकिन जलांसकी को नाटो का भूत सवार था और जब जेलेन्सकी अड़ा रहा तब पुतिन ने धुआ धुआ कर दिया और जब धुआ धुआ हो गया तब जलांसकी तो छोड़ो खुद नाटो ने ही कह दिया कि हम यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं करेंगे
उसके बाद जेलेन्सकी ने कहा कि मैं नाटो में शामिल नहीं होगा
फिर पुतिन ने कहा बेटा इस युद्ध पर हमारा जो खर्च हो गया है वह खर्चा तो मैं यूक्रेन से वसूलूंगा और अब आगे बढ़ने दो जितनी जमीन हम कब्जा करेंगे वह जमीन अब हमारी हो जाएगी
इसी तरह के एक कार्टून को जो राहुल गांधी है उसे भी चमचे प्रधानमंत्री बनाने पर तुले हैं
वर्तमान में अमेरिका खुद रूस के साथ मिल गया अमेरिका रूस और पुतिन का पक्ष ले रहा है और यूक्रेन अब जलांसकी की मूर्खता की कीमत चुका रहा है
वेलडन मेलोनी 👍
इटली के मेलोनी ने प्रोटेस्ट पर कड़ी कार्रवाई की:
"अगर, किसी मार्च या प्रदर्शन के दौरान, आप पांच या उससे ज़्यादा लोगों के ग्रुप में शामिल होते हैं और पत्थर, पटाखे, लाठियां फेंकना शुरू करते हैं... तो आपको पांच साल तक की जेल और €20,000 तक का जुर्माना हो सकता है।
आप इसे तोड़ते हैं, तो आपको इसका भुगतान करना होगा। और अगर इसे तोड़ने वाला व्यक्ति नाबालिग है, तो उसके माता-पिता भुगतान करेंगे।"
क्या आपको लगता है कि भारत में भी यही नियम लागू होने चाहिए?🤗
🚨 अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में कहा — भारत “ क्रूड रिफाइनिंग का सुपरपावर” है।
रुबियो ने कहा कि भारत के पास हार्ड से हार्ड कच्चे तेल को रिफाइन करने की मजबूत क्षमता है और वेनेजुएला का तेल जैसे-जैसे ज्यादा उपलब्ध होगा, भारत उसे प्रोसेस कर वैश्विक ऊर्जा कमी को कम करने में मदद कर सकता है।
उन्होंने रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी (दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट रिफाइनरी) का दौरा करने और वहां तेल उत्पादन/रिफाइनिंग पर बातचीत करने की भी बात कही।
वेनेजुएला का क्रूड दुनिया का सबसे हार्ड क्रूड है जो काफी हैवी मात्रा में सल्फर वाला होता है अमेरिका में वेनेजुएला का क्रूड कब्जा तो कर लिया लेकिन उसे रिफाइन करने के लिए अब उसे भारत पर निर्भर होना पड़ रहा है अभी अमेरिका में डीजल की संकट है तो अमेरिका चाहता है जामनगर की रिलायंस रिफाइनरी में वेनेजुएला का क्रूड रिफाइन हो और उसका डीजल अमेरिका ले और फिर मुकेश अंबानी टेक्सास में एक नई रिफाइनरी बनाएं जो भारत की रिफाइनरी की तरह दुनिया के हर एक क्रूड को रिफाइन कर सके
भारत को डीजल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी मिलेगी
सिर्फ 12 सालों में क्रूड आयल इंपोर्ट करने वाला देश रिफाइनरी सुपरपावर कैसे बन गया ??
और दूसरी महत्वपूर्ण बात अगर अमेरिका दुनिया के किसी और देश के उद्योगपति के से यह मदद मांगता है तो उस देश में उस उद्योगपति का कितना सम्मान होता
पाकिस्तान के बड़े-बड़े विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भाई भारत आज रिफायनिंग के क्षेत्र में इतना आत्मनिर्भर कैसे बन गया है और भारत के उद्योगपतियों की ताकत तो देखिए अमेरिका के विदेश मंत्री को उन से मिलने उनके घर पर आना पड़ रहा है
एकमात्र भारत का विपक्ष है जो विदेशी उद्योगपतियों को भारत में बुलाने के लिए पेंट खोलकर तेल लगाकर झुक सकता है लेकिन भारत के उद्योगपतियों को गाली देता है
क्या ये महज संयोग है....या कुछ और...
* रूस कई साल से यूक्रेन के साथ युद्ध मे है.
* इजराइल 3 साल से युद्ध मे है.
* फ्रांस को अवैध घुसपैठियों ने जला रखा है.
* स्पेन पर घुसपैठियों ने हमला बोल रखा है.
* इटली भी अवैध प्रवाशियों के कारण जल रहा है.
* इंग्लैंड पहला मुस्लिम परमाणु शक्ति बनने के कारण पर है.
* अमेरिका और ईरान भी युद्ध मे हैं.
* हूतियों ने नंगे पैर सऊदी पर हमला बोल रखा है.
* वेनेजुएला पर क़ब्ज़ा किया जा चुका है.
* नेपाल मे तख्तापलट हो चुका.
* श्रीलंका मे तख्तापलट हो चुका.
* बांग्लादेश मे तख्तापलट हो चुका.
* पाकिस्तान टूटने की कगार पर खड़ा है.
.....और....
* भारत मे तख्तापलट की कोशिशें लगातार चल रही हैं....लेकिन भारत के पास ऐसा नेतृत्व है जिसकी वजह से ये कोशिशें कामयाब नहीं हो पा रहीं.
.......सबकुछ कितना स्वाभाविक है....मानो सब अपने आप हो रहा है....ये अराजकता अपने आप फैल रही है....लेकिन भारत के अनुभव से ये कहा जा सकता है कि.....कुछ भी अपनेआप नहीं हो रहा....कुछ भी स्वाभाविक नहीं है....बल्कि ये सब कुछ जान बुझ कर किया जा रहा है....
.....क्या दुनिया किसी बड़े बदलाव की तरफ जा रही है....!!...ऐसा लग रहा है...मानो पूरी दुनिया की व्यवस्था को बदलने की....और एक नई व्यवस्था बनाने की कोशिश हो रही है.....
....और इस रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा एक ही इंसान दिख रहा है....जो लगातार.....हर तरह के दबाव के बीच.....भारत को लगातार इन परेशानियों से बचाते हुए....आगे बढ़ता जा रहा है....
जय श्रीराम 🙏🚩
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मुसलमान कभी बेरोजगारी का रोना नहीं रोते !
साथ ही आत्महत्या जैसा कृत्य यह लोग ना के बराबर करते हैं।
जबकि हिन्दुओं के बच्चे ही रोना रोते हैं बेरोजगारी का
कारण क्या है नीचे पढ़िये
उसका कारण बहुत साधारण है ।
एक जीवंत उदाहरण मैं आपको बता रहा हूँ -
पड़ोस का एक लड़का कल मेरे पास आया और बोला भैया मैं बेरोजगार हूँ, कहीं नौकरी नहीं मिल रही है, बहुत परेशान हूँ। आप ही बताइये मोदी जी ने कहा था कि हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार दूँगा, सात साल होने को जा रहे है, कुछ भी नहीं मिला। उसने अपनी अक्ल मुताबिक GDP की माँ बहन की सो अलग....
मैंने उससे कुछ प्रश्न पूछे और सारे प्रश्नों का जबाब इस प्रकार रहा...
तुम तो टेलरिंग/कटिंग (दर्ज़ी) का काम कर लो ?
नहीं !
लेडीज़ ब्यूटी पार्लर पर काम करोगे ?
नहीं !
तो मर्दों के नाई (बार्बर) बन जाओ ?
नहीं !
लांड्री में काम करोगे ?
नहीं !
हलवाई का काम कर लो?
नहीं !
बढ़ई (कारपेंटर) का काम सीखोगे ?
नहीं !
लुहार के यहां काम करोगे ?
नहीं !
खराद मशीन पर काम करोगे ?
नहीं !
वेल्डिंग कर सकते हो?
नहीं !
ग्राफिक डिज़ाइन का कुछ काम आता है ?
नहीं !
कबाड़ी का काम कर लो ?
नहीं !
सब्जी/फ्रूट का धंधा कर लो ?
-नहीं !
जूस की दुकान पर काम करोगे ?
नहीं !
आटा चक्की पर काम करोगे?
नहीं !
चाय, पोहे, पकोड़े की दुकान पर काम करोगे ?
नहीं !
किराने की दुकान पर काम करोगे ?
-नहीं !
रंगाई पुताई कर लोगे ?
नहीं !
मेडिकल स्टोर के काम का कुछ ज्ञान है ?
नहीं !
कार, ट्रक आदि चला लोगे ?
नहीं !
बाइक रिपेरिंग आती है ?
नहीं !
कम्प्यूटर चलाना आता है ?
नहीं !
अकाउंट का काम आता है ?
नहीं !
प्लम्बिंग का काम कर सकते हो?
नहीं !
राज मिस्त्री के साथ काम कर सकते हो?
नहीं !
खेती बागवानी का काम करोगे ?
नहीं !
पंचर बना लोगे ?
नहीं !
होटल या रेस्टोरेंट में काम करोगे ?
नहीं !
बिजली रिपेरिंग, पंखा, AC, गीज़र, कूलर, वाशिंग मशीन रिपेरिंग कर लोगे ?
नहीं !
कपड़े की दुकान पर काम कर सकते हो ?
किराना दुकान पर काम कर सकते हो ?
नहीं !
सिलाई या टेलरीग का काम जानते हो ?
नहीं !
पान मसाला गुटखा बेचोगे ?
नहीं !
मजदूरी तो कर ही सकते हो ?
-नहीं !
फिर मैंने पूछा तुमको काम क्याआता है ?
वो बोला जी मैं पढ़ा लिखा हूँ, BA पास हूँ। ये सब काम मेरे लिए नहीं, मुझे तो बस सरकारी क्लर्क की नौकरी चाहिए। वर्ना मेरी शादी भी नहीं होगी। पढ़े लिखे होने के बाबजूद मुझे कोई काम नहीं मिल रहा है ।
वो बोला मोदी जी ने हम जैसे अनेक युवाओं को बेरोज़गार कर दिया ।
तब से दिमाग़ खराब है मेरा ।
ये वह लोग हैं जिनको मोदी तो क्या पूरी दुनिया में कोई नौकरी नहीं दे सकता। आज के युवा मेहनत करने के बजाए सरकार को गाली देना बेहतर विकल्प मानते हैं ।।
मैं बोला तुमको ही कुछ काम करना नहीं आता, कमी काम करने वालों की है काम की नहीं, काम चारों तरफ बिखरे पड़े हैं, और उनको मुस्लिम लड़के झपट रहे हैं । तुम लोग बस सरकारी या किसी 10 से 5 वाली नौकरी के इंतज़ार में बैठे हो, और बेरोज़गारी का रोना रो रो के मोदी का स्यापा कर रहे हो । मोदी के "स्किल इंडिया" का लाभ मुस्लिम लड़के उठा रहे हैं और हिन्दू लड़के सरकारी या गैर सरकारी परन्तु नौकरी के इंतज़ार में बैठे रहते हैं ।
अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही हुनरमंद भी बनाइए।
अपने अंदर यह सोच हटा दीजिए कि "लोग क्या कहेंगे" या "लोग क्या सोचेंगे' क्योंकि लोग क्या कहेंगे यह सबसे खतरनाक वाक्य है जो हमें बर्बाद कर देता है
बच्चों को समझाइये कि कोई भी काम छोटा नहीं होता। धीरूभाई अंबानी ने पहले पैट्रोल पम्प पर भी नौकरी की थी, और शुरू शुरू में पुराने कपड़ों के खरीदने बेचने का व्यापार किया था।
अगर वो सरकारी नौकरी का इंतज़ार करते रहते तो, किसी सरकारी विभाग में क्लर्क/मैनेजर बन कर ही रह जाते, और रिलायंस कम्पनी न बनती ।
अटल बिहारी वाजपेई जी जब पाकिस्तान बस लेकर गए थे तब उनके साथ फिल्म अभिनेता देवानंद भी गए थे और देवानंद जो अपनी डिग्री पाकिस्तान से पलायन के समय नहीं ले पाए थे वह डिग्री जब उन्हें दी गई तब उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ हूं अपनी इस छूटी हुई डिग्री के कारण हूं
बच्चों को हुनर सीखने की सीख दीजिये ।
हमें भी अपने समाज के बच्चों को 'पढ़ाई के अलावा' कुछ ना कुछ हुनर भी सीखने के लिए ध्यान अवश्य दिलाना चाहिए।
समाज का हर व्यक्ति जब कुछ ना कुछ हुनर जानने वाला होगा, बेरोजगारी की समस्या तभी हल होगी ।
वरना हमारी निषिक्रियता एवं मक्कारी का फायदा उठा कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे जिहादियों के गुलाम बनने तैयार रहना ???
विचार करें
यह संदेश हिन्दू स्वजनों तक पहुँचायें ।
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@jpsin1
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#औ_का
सामान्य वर्ग को खत्म करने के संवैधानिक तरीके ...।
1 फीस सबसे ज्यादा लें।
2 पात्रता की उम्र सबसे कम रखें।
3 इनके पद कम करें।
4 ये दूसरे वर्ग के खाली पद नहीं ले सकते।
5 इनके खाली पद सभी ले सकते हैं।
6 इनका कट ऑफ सबसे ज्यादा रखें।
माननीय उच्चतम न्यायालय @SCofIndia कोई भी व्यक्ति अपने संगठन के उपद्रवी लोगो के साथ क्या आपके परिसर में प्रदर्शन कर सकता हैं ?
उसके बाद उस व्यक्ति को दंडित करने की जगह उसकी मंशा पूछना उस व्यक्ति की मनोदशा को बढ़ावा देना प्रतीत होता हैं आम जनता की नज़र में ।
अगर कोई आम आदमी प्रदर्शन तो दूर प्लेकार्ड लेकर भी आ गया तो जेल भेज दिया जाएगा ।
सुप्रीम कोर्ट और क़ानून की नज़र में सबक़ी औक़ात एक समान हैं तो फिर अलग नज़र क्यो?