ऊपर माँ रो रही थी.!! 😭
70 फीट नीचे बोरवेल में जिदंगी की 9 घंटे तक जंग लडता रहा मासूम.!!
NDRF की टीम के कार्य और लाखों लोगों की दुआओं से एक नया चमत्कार हुआ.!! 💖
जंग जीत गया.!! 🙌
Do you agree with all other ministers visiting assam just for celebration in such times? If not tag the leadership and tell them to keep their actions where their mouth is!
जंगलराज नहीं देखा हो तो देख लीजिए
जो पिट रहा है, वह एक 16 साल का किशोर बताया जा रहा है और किराये के एक रुपए के डिफरेंस के विवाद में यह घटना हुई है।
घटनाक्रम हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र का बताया जा रहा है। एक 16 वर्ष के बच्चे के साथ ऐसी निर्दयता करते हुए वैसे तो किसी के भी हाथ कांप सकते हैं लेकिन अब समय बदल गया है। पांच-पांच लोग एक बच्चे पर पिल पड़े, शर्म भी नहीं आई। और पुलिस ने भी इस हमले का मामला बहुत साधारण धाराओं में लिखा बता रहे हैं।
उम्मीद है, इन हैवानों को अपने किए की सजा मिलेगी।
@HmghPolice@PoliceRajasthan@Rajeev_ips@BhajanlalBjp
अमीर शादी करते है तो 50 लाख का लहंगा, 1 करोड़ की अंगूठी, 5 करोड़ का होटल लेते हैं।
लेकिन मंत्र पढ़ने वाले भी ब्राह्मण-पंडित को 5100 देने का समय जब आता है। तो लोग 5 बार गिनते है जबतक रंग ना आ जाए नोट का हाथ में। पूरा वीडियो देखिए।
AAP MP राघव चड्ढा ने कहा, "आज मैंने सदन में प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। जब रिचार्ज की वैद्यता समाप्त हो जाती है तब आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ आता है लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है। ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पर रोक लगनी चाहिए... मैंने मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें...।"
#RaghavChadha #RajyaSabha #TRAI #MobileUsers #PrepaidUsers #TelecomIssuess
संसद में उठा मोबाइल रिचार्ज का बड़ा मुद्दा, 12 महीने में 13 बार क्यों करना पड़ता है रिचार्ज, इनकमिंग कॉल क्यों होती है बंद आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल रिचार्ज को लेकर एक बड़ा मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कंपनियां एक साल में 12 की जगह 13 रिचार्ज कराती हैं. महीने में 30 दिन होते हैं, लेकिन इनकी वैलिडिटी 28 ही दिन क्यों? ये भी कहा कि प्लान खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल्स क्यों बंद होती हैं.
पूरी खबर https://t.co/C3pLSEwzfq
#MobileRecharge #RaghavChadha #AAP #Parliament #TelecomIssues
#WATCH AAP MP राघव चड्ढा ने कहा, "आज मैंने सदन में प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। जब रिचार्ज की वैद्यता समाप्त हो जाती है तब आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ आता है लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है। ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पर रोक लगनी चाहिए... मैंने मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें..."
Today in Parliament, I raised concerns affecting India’s prepaid recharge customers, who account for nearly 90% of the country’s 125 crore mobile users.
(1)
If a recharge expires, stopping outgoing calls may be understandable. But why are incoming calls stopped as well? Once validity ends, people cannot be reached, and even essential messages like bank OTPs may not come through. In emergencies or urgent situations, this can leave a person completely cut off.
My demands: First is that incoming calls and SMS should continue for at least one year after the last recharge so essential communication does not stop. Second, a mobile number should not be deactivated for at least three years after the last recharge. Third, telecom operators should introduce a low cost “incoming only” plan for users who simply need their number to remain active for essential calls, OTPs and government services.
(2)
I also raised the issue of 28 day recharge “monthly” plans. If something is called monthly, it should follow the calendar month of 30–31 days. Because of the 28 day cycle, consumers effectively end up paying for 13 recharges in a year. (28 days × 13 recharges = 364 days)
Telecom Operators should sync up their Recharge Plans with the true calendar months, and not 28 day plans.
A mobile phone today is not a luxury. It is a lifeline.
Prepaid recharge customers deserve fairness and transparency. Not clever fine print.
'मोबाइल रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद करना मनमानी है'
: संसद में राघव चड्डा
'आप' सांसद राघव चड्डा ने संसद में कहा है, "अगर आपका मोबाइल रिचार्ज खत्म हो जाए तो आउटगोइंग कॉल्स बंद होना समझ में आता है लेकिन इनकमिंग कॉल्स बंद करना मनमानी है।"
उन्होंने कहा, "28 दिन का रिचार्ज प्लान एक स्कैम है, साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है।"
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
आप सांसद राघव चड्ढा ने सदन में उठाया मोबाइल रिचार्ज का मुद्दा
◆"रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद होना सरासर मनमानी है"- राघव चड्ढा
◆ इनकमिंग कॉल बंद करना हमारे Right to Communication को बंद करने जैसा है- राघव
◆ साल में महीने 12 तो फिर रिचार्ज 13 क्यों? - राघव
@raghav_chadha | #Rajyasabha | #AAP | #MobileRecharge | Telecom Operator
हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली आज एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से गुजर रही है। किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए उसकी शैक्षिक नींव का मजबूत होना नितांत आवश्यक है, क्योंकि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र की वास्तविक बुनियाद मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर ही टिकी होती है। यदि नींव ही कमजोर होगी तो राष्ट्र निर्माण की इमारत कभी स्थायी और सुदृढ़ नहीं बन सकती।
हवा - लेने लायक नहीं ।
पानी - पीने लायक़ नहीं ।(MP में देखा अपने )
कभी नक़ली अंडे पकड़े जा रहे तो कभी नक़ली पनीर और मावा ।
ORS ban court order के बाद new Court order से इसलिए बिकेंगे क्यूकि कंपनी के पास stock पड़ा है ।
कोविड वाली भी असर दिखा ही रही थी तो खबर मिली कि रेबीज वैक्सीन नकली है
किस दिशा में देश है जहाँ प्रधानमंत्री को लगता कि पकौड़े की रेडी लगाना रोजगार है और वही 2047 में भारत विकसित हो जाएगा ।
हमने तो नहीं देखा विकसित देशों में रेडी और फेरी लगाने वाले ।
कौन ठीक करेगा क्यूकि सरकार तो हमने ख़ुद की पार्टी विस्तार के लिए चुनी है ।
2021 में new education पालिसी लाए थे खबरदार जो उसके लागू करने की बात शिक्षामंत्री कर ले । ईश्वरीय रूप प्रधानमंत्री जी से विनती है कि मानवीय रूप में आकर देश को सही दिशा में लाने के लिए कार्य करें - महराज आपको भारत का ख्याल रखने को चुना है - कुछ दिन विदेशी दौरों से भी छुट्टी लेकर महान भारत की और अपनी नजरें डाले ।
@narendramodi
हम विकसित भारत की तरफ बढ़ रहे हैं या हम अविकसित भारत की तरफ बढ़ रहे हैं जहां हम रेलवे स्टेशन पर कुली और समोसे का ठेला लगाना रोजगार कहते है। 2047 वाली विकसित भारत के वादे पर कभी भी यकीन नहीं करना क्योंकि जो वादे कर रहे हैं तब तक वो रहेंगे क्या??? सरकार से अभी सवाल कीजिए।